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फर्जी उम्मीदवार ने दूसरे के स्थान पर दिया रेलवे परीक्षा

बलियापुर में पलानी आमागाड़ा डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र में गुरुवार को एक फर्जी उम्मीदवार को पकड़ा गया। यह व्यक्ति दूसरे उम्मीदवार के स्थान पर रेलवे ग्रुप डी की परीक्षा दे रहा था। पुलिस ने आरोपी संटू कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। थाना प्रभारी सत्यजीत कुमार के अनुसार, संटू कुमार ने पिंटू कुमार के स्थान पर परीक्षा दी थी। परीक्षा केंद्र के निरीक्षकों ने संदेह होने पर उसकी जांच शुरू की। जब संदेह की पुष्टि हुई, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने फर्जी उम्मीदवार से पूछताछ की और उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने अपना पता बिहार के बांका जिले के शंभूगंज को बताया, जबकि असली उम्मीदवार मुंगेर का रहने वाला था।

RRB Group D 2025 की भर्ती: उम्मीदवारों में निराशा का माहौल

रेलवे ग्रुप डी के 22000 पदों पर भर्ती की घोषणा जल्द ही की जा सकती है। रेल मंत्रालय ने 11 अलग-अलग पदों के लिए 22000 पदों पर भर्ती की मंजूरी दी है। उम्मीद की जा रही है कि दिसंबर के अंत या जनवरी के पहले सप्ताह में आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी। वर्ष 2025 में एनटीपीसी 12वीं लेवल और ग्रेजुएट लेवल की भर्ती पहले ही पूरी हो चुकी है, जबकि एएलपी और टेक्निशियन के पदों पर भर्ती भी हो चुकी है। अब, रेलवे ग्रुप डी की भर्ती का इंतजार है। हालांकि, इस नई 22000 पदों की भर्ती से उम्मीदवारों में निराशा है। उनका कहना है कि रेलवे में लेवल-1 के 1.40 लाख से ज्यादा पद खाली हैं, तो इतनी कम वैकेंसी क्यों निकाली जा रही है। सोशल मीडिया पर उम्मीदवार रेलवे मंत्रालय को टैग कर सवाल उठा रहे हैं।

योग्यता पर असमंजस

इस बार की ग्रुप डी भर्ती के बारे में कई सवाल उठ रहे हैं। उम्मीदवारों को यह स्पष्ट नहीं है कि इस भर्ती के लिए आईटीआई योग्यता की आवश्यकता होगी या फिर 10वीं पास उम्मीदवार भी आवेदन कर सकेंगे। क्या सभी 10वीं पास युवाओं को सभी पदों के लिए आवेदन का मौका मिलेगा या फिर कुछ पदों पर ही यह योग्यता लागू होगी। साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि कुछ पदों के लिए आईटीआई सर्टिफिकेट वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इन असमंजसों के कारण उम्मीदवारों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

रेलवे ग्रुप डी भर्ती के तहत विभिन्न पदों की जानकारी

नई 22000 ग्रुप डी भर्ती में पूर्व मध्य रेलवे में 993 पद, दक्षिण पूर्व रेलवे में 1,199 पद आवंटित किए गए हैं। रेलवे में इस बार सबसे ज्यादा पद इंजीनियरिंग विभाग में हैं, जिनकी संख्या 12,500 है। इन पदों में सबसे ज्यादा ट्रैक मेंटेनर ग्रेड-4 के पद हैं, जिनकी संख्या 11,000 है। इसके अलावा, ट्रैफिक प्वाइंट बी के 5000 पद, असिस्टेंट (S&T) के 1500 पद, असिस्टेंट (C&W) के 1000 पद, असिस्टेंट ऑपरेशन के 500 पद, असिस्टेंट लोको शीट के 200 पद, असिस्टेंट (TRD) के 800 पद, असिस्टेंट (P-Way) के 300 पद, असिस्टेंट (Track Machine) के 600 पद और असिस्टेंट (Bridge) के 600 पदों पर भर्ती की जाएगी।

क्यों हो रही है इतनी कम वैकेंसी की आलोचना?

हालांकि इस नई भर्ती में कुल 22,000 पदों पर भर्ती की जाएगी, लेकिन उम्मीदवारों का कहना है कि रेलवे के पास 1.40 लाख से ज्यादा खाली पद हैं। ऐसे में केवल 22,000 पदों पर भर्ती की जा रही है, जिससे उम्मीदवारों में निराशा का माहौल है। कई उम्मीदवार सोशल मीडिया पर रेलवे मंत्रालय से सवाल पूछ रहे हैं कि जब इतने बड़े पैमाने पर पद खाली हैं तो क्यों कम पदों पर भर्ती की जा रही है। उम्मीदवारों की मांग है कि रेलवे को बड़े पैमाने पर भर्ती निकाली जानी चाहिए ताकि हजारों बेरोजगारों को रोजगार मिल सके।

रेलवे की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल

रेलवे की भर्ती प्रक्रिया पर भी कई सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ उम्मीदवारों का मानना है कि जो पद खाली हैं, उन्हें भरने के लिए और अधिक बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रिया चलानी चाहिए। हालांकि, रेलवे मंत्रालय ने पहले ही ग्रुप डी की भर्ती के लिए स्वीकृत पदों की संख्या का ऐलान कर दिया है, लेकिन अब तक आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। उम्मीदवारों का कहना है कि रेलवे के पास पर्याप्त पद हैं, और इन पदों को भरने के लिए अतिरिक्त भर्ती की आवश्यकता है।

उम्मीदवारों की उम्मीदें और रेलवे की जिम्मेदारी

रेलवे विभाग को इस समय उम्मीदवारों की उम्मीदों का सम्मान करते हुए, भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और समय पर पूरा करना चाहिए। उम्मीदवारों की बढ़ती उम्मीदों के बीच, यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि भर्ती प्रक्रिया में कोई अनियमितता न हो और सभी योग्य उम्मीदवारों को समान अवसर मिले।

आरआरबी ग्रुप डी भर्ती को लेकर उम्मीदें और निराशाएं दोनों ही हैं। जहां रेलवे की ओर से 22,000 पदों पर भर्ती की घोषणा की गई है, वहीं उम्मीदवारों का कहना है कि यह संख्या बहुत कम है। साथ ही, योग्यता संबंधी असमंजस और भर्ती प्रक्रिया की धीमी गति से भी उम्मीदवार परेशान हैं। रेलवे को इस समय अपनी भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र और पारदर्शी तरीके से पूरा करने की आवश्यकता है ताकि उम्मीदवारों के बीच बढ़ती निराशा को दूर किया जा सके।

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