बिहार में युवा सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया है। राज्य सरकार के मुख्यमंत्री प्रगति योजना के तहत बिहार की 86 युवा महिलाओं का चयन टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स इंटर्नशिप के लिए किया गया है। यह योजना युवाओं को नौकरी-उन्मुख कौशल प्रदान करने और उनके रोजगार के अवसरों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस इंटर्नशिप के तहत चयनित उम्मीदवारों को प्रशिक्षण, भत्ता और पूर्ण समर्थन मिलेगा, जो उनके लिए एक बड़ा अवसर साबित होगा।
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बिहार में कौशल विकास और आर्थिक अवसरों का विस्तार
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स में चुनी गई 86 महिलाएं विभिन्न पृष्ठभूमियों से आती हैं। इनमें से कई महिलाएं निम्न-मध्यम आय वर्ग से हैं, जबकि कुछ को गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। इन सभी का एक समान उद्देश्य है—अपनी मेहनत और समर्पण के साथ एक स्थिर और सफल करियर बनाना। इस चयन प्रक्रिया को उर्मिला इंटरनेशनल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (UISPL) ने बिहार कौशल विकास मिशन के तहत अंजाम दिया है, जो राज्य भर में युवाओं के कौशल विकास के लिए लगातार काम कर रहा है।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स में प्रशिक्षण: भविष्य के लिए व्यावहारिक कौशल प्राप्ति
चुनी गई उम्मीदवारों को तमिलनाडु के होसुर स्थित टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त होगा। यह प्रशिक्षण मोबाइल असेंबली, गुणवत्ता नियंत्रण और उन्नत प्रौद्योगिकियों से जुड़ी कार्य प्रक्रियाओं पर आधारित होगा। इस इंटर्नशिप का उद्देश्य इन महिलाओं को व्यावहारिक कौशल से लैस करना है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक हैं।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स केवल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि वित्तीय सहायता भी प्रदान करेगा। प्रगति योजना के तहत इन इंटर्नों को बिहार सरकार की ओर से प्रति माह 11,000 रुपये का भत्ता मिलेगा। जो उम्मीदवार कक्षा 12 पास हैं, उन्हें 9,000 रुपये का भत्ता मिलेगा। इसके अतिरिक्त, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्रति माह 13,480 रुपये का भत्ता देगा और पूर्ण उपस्थिति के लिए 1,000 रुपये का बोनस भी प्रदान करेगा।
पूर्ण समर्थन: यात्रा, भोजन और आवास की व्यवस्था
इस योजना में उम्मीदवारों को सभी प्रकार के समर्थन की व्यवस्था की गई है। इन इंटर्नों को यात्रा, भोजन और आवास की सुविधाएं मुफ्त दी जाएंगी, ताकि कोई भी वित्तीय बाधा इस अवसर का लाभ उठाने में रुकावट न बने। यह पहल केवल कौशल सीखने के लिए नहीं है, बल्कि इन महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
बिहार में कौशल विकास के प्रयासों का बढ़ता प्रभाव
UISPL ने इस योजना को राज्य की सबसे प्रभावशाली पहलों में से एक बताया है। इस योजना के बारे में जागरूकता बढ़ रही है और युवाओं द्वारा आवेदन की संख्या लगातार बढ़ रही है। आने वाले महीनों में फ्लिपकार्ट जैसी बड़ी कंपनियां भी इस पहल में शामिल होने की संभावना जताई गई है, जिससे बिहार के युवाओं के लिए नए अवसरों का द्वार खुलेगा।
कौशल विकास के जरिए आर्थिक स्वतंत्रता की ओर कदम
यह योजना न केवल युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखती है, बल्कि यह उन्हें कौशल-आधारित रोजगार के जरिए आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त करने में भी मदद करती है। अधिकारियों के अनुसार, 86 उम्मीदवारों की सफलता ने राज्य के अन्य युवाओं को प्रेरित किया है। इस पहल ने यह सिद्ध कर दिया है कि सही समर्थन और प्रशिक्षण के साथ, बिहार के युवा—विशेष रूप से महिलाएं, जो अक्सर अतिरिक्त बाधाओं का सामना करती हैं—आधुनिक उद्योगों में प्रतिस्पर्धी करियर बना सकती हैं।
महिलाओं के लिए नई उम्मीद: नए अवसरों का निर्माण
प्रगति योजना विशेष रूप से बिहार की महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है, क्योंकि राज्य में महिलाओं को अक्सर रोजगार में अतिरिक्त सामाजिक और पारिवारिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इस इंटर्नशिप के माध्यम से इन महिलाओं को उद्योग-विशेष प्रशिक्षण मिल रहा है, जो उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता और पेशेवर विकास की ओर अग्रसर कर रहा है। यह योजना उन्हें पारंपरिक सीमाओं को पार करने और नई संभावनाओं का पता लगाने का अवसर प्रदान कर रही है।
कौशल आधारित रोजगार के लिए युवाओं को प्रोत्साहित करना
मुख्यमंत्री की प्रगति योजना सिर्फ प्रशिक्षण देने तक सीमित नहीं है। यह योजना युवाओं को स्थिर रोजगार के माध्यम से आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त करने का भी अवसर देती है। इस कार्यक्रम के जरिए बिहार के युवाओं को आधुनिक उद्योगों में काम करने के लिए आवश्यक कौशल हासिल हो रहे हैं। यह योजना राज्य में रोजगार की स्थिति को बेहतर बनाने और लंबे समय तक कामकाजी अवसरों की संभावनाओं को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
बिहार में महिला सशक्तिकरण और रोजगार के अवसरों की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
इस योजना की सफलता यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन और प्रशिक्षण के साथ बिहार के युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकते हैं। यह कार्यक्रम महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है और दिखा रहा है कि किस तरह सही मार्गदर्शन और संसाधनों की मदद से वे प्रतिस्पर्धी करियर बना सकती हैं। चयनित महिलाओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि मेहनत और समर्पण से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।
बिहार सरकार की प्रगति योजना के तहत टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स में इंटर्नशिप के लिए 86 युवा महिलाओं का चयन राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण विकास है। यह योजना न केवल इन महिलाओं को प्रशिक्षण और भत्ते प्रदान करती है, बल्कि उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता की ओर भी बढ़ाती है। राज्य में बढ़ते कौशल विकास कार्यक्रम और उद्योग साझेदारी के साथ, बिहार के युवाओं को अब अधिक रोजगार के अवसर मिलेंगे। इस प्रकार की पहल बिहार में युवा सशक्तिकरण और महिलाओं के लिए नई दिशा का प्रतीक बन चुकी है।



