राजधानी पटना में मौसम अचानक बदल गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले 24 घंटों में बिहार के 25 जिलों में गरज और वज्रपात के साथ भारी बारिश हो सकती है। सोमवार को हल्की बारिश होने से राजधानी का तापमान गिरा। वहीं वैशाली के हाजीपुर में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई, जिसने इसे राज्य का सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बना दिया।
बंगाल की खाड़ी से सक्रिय सिस्टम का असर
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी और दक्षिण ओडिशा के पास एक cyclonic circulation सक्रिय है। यह सिस्टम मानसून की द्रोणिका को राजस्थान, कोटा, रांची और दीघा से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जोड़ रहा है। इस मौसमीय स्थिति के कारण बिहार के कई जिलों में भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है।
IMD forecast के मुताबिक कुछ स्थानों पर thunderstorm और lightning का ख़तरा रहेगा। लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और मौसम विभाग की advisory पर नज़र बनाए रखें।
25 जिलों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग की ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले 24 घंटे बिहार के लिए चुनौतीपूर्ण होंगे।
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राजधानी पटना और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे।
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कई जिलों में scattered rain के साथ गरज और वज्रपात की आशंका है।
पिछले वर्षों में ऐसे मौसम में बिजली गिरने की घटनाएँ जानलेवा साबित हुई हैं। इसी कारण प्रशासन ने लोगों से सुरक्षा बरतने की अपील की है।
सोमवार को पटना में मौसम का बदला रंग
सोमवार को राजधानी पटना का मौसम अचानक पलटा। सुबह तेज धूप और गर्मी ने लोगों को परेशान किया लेकिन दोपहर बाद धीरे-धीरे बादल घिर आए। शाम होते-होते गरज के साथ हल्की बारिश हुई जिसने तापमान को नीचे ला दिया।
पटना में अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं राजगीर 36.2 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा। राजधानी सहित 15 जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
बारिश के आँकड़े
पिछले 24 घंटों में पटना में 2.0 मिमी बारिश दर्ज की गई। लेकिन सबसे अधिक वर्षा वैशाली के हाजीपुर में हुई जहां 66.4 मिमी पानी बरसा।
अन्य जिलों में दर्ज बारिश का हाल इस प्रकार रहा –
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अररिया (रानीगंज) – 55.4 मिमी
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मुजफ्फरपुर (कांटी) – 52.6 मिमी
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वैशाली (चेराकला) – 52.2 मिमी
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नालंदा (हिसुआ) – 46.2 मिमी
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गोपालगंज (भोरे) – 42.4 मिमी
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अररिया (नरपतगंज) – 40 मिमी
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मधुबनी (राजनगर) – 37 मिमी
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वैशाली – 31.5 मिमी
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किशनगंज (तैबपुर) – 28.4 मिमी
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नवादा (कौआकोल) – 28.2 मिमी
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समस्तीपुर (हसनपुर) – 27.2 मिमी
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रोहतास (दिनारा) – 24.6 मिमी
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वैशाली (भगवानपुर) और किशनगंज (टेढ़ागाछ) – 20.2 मिमी
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अररिया (जोकिहाट) – 18.2 मिमी
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सुपौल (बीरपुर) – 18 मिमी
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गया (आमस) – 14.2 मिमी
बारिश से राहत और मुश्किलें
बारिश ने राजधानी और कई जिलों को गर्मी से राहत दी है। तापमान कम होने से लोगों ने सुहावना मौसम महसूस किया। लेकिन दूसरी तरफ़, पटना और अन्य शहरी क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हल्की वर्षा से ही कई इलाकों में सड़कें डूब गईं और यातायात बाधित हुआ।
खेती-किसानी पर भी इसका मिला-जुला असर पड़ा है। धान की रोपाई के लिए यह बारिश लाभकारी है लेकिन अचानक तेज बारिश फसलों को नुकसान पहुँचा सकती है। किसान अब IMD की weather update पर निगाह बनाए हुए हैं।
वज्रपात को लेकर सतर्कता ज़रूरी
बिहार में हर साल lightning strikes जानलेवा साबित होती हैं। मौसम विभाग ने कहा है कि 25 जिलों में गरज के साथ वज्रपात की संभावना है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे ऐसे समय घर के भीतर रहें, पेड़ों और खुले स्थानों से दूर रहें और मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग सीमित करें।
आने वाले दिनों का अनुमान
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी का यह सिस्टम अगले कुछ दिनों तक सक्रिय रह सकता है। इस वजह से बिहार में cloudy weather और scattered rain का सिलसिला जारी रहेगा।
यह बारिश भूजल स्तर को सुधारने में मदद करेगी लेकिन शहरी जलजमाव और फसलों के नुकसान का खतरा भी बढ़ा सकती है।
फिलहाल Patna weather update और Bihar rain alert से यह साफ है कि राज्य आने वाले दिनों में मानसूनी सक्रियता का गवाह बनेगा। राहत और परेशानी दोनों ही साथ-साथ चलेंगी। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की advisories पर ध्यान देना चाहिए और प्रशासन को भी जलजमाव और आपदा प्रबंधन के लिए तैयार रहना होगा।
