KKN गुरुग्राम डेस्क | बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर में सोमवार सुबह हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक पूरे परिवार और गांव को गम में डुबो दिया। तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई — जिनमें दो सगे चचेरे भाई और एक भतीजा शामिल था। खास बात यह है कि उसी दिन परिवार में बहन की शादी होनी थी। इस दुखद हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है और गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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घटना का पूरा विवरण: तीन की मौके पर मौत
यह हादसा हाजीपुर-महनार मुख्य सड़क पर स्थित चांदपुर थाना क्षेत्र के चांदपुर रसूलपुर गांव के पास सोमवार सुबह हुआ। हादसे में मारे गए तीनों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर दूध और दही लाने जा रहे थे, जो भुइयां बाबा की पूजा में इस्तेमाल होने थे — यह पूजा शादी से पहले की एक पारंपरिक रस्म होती है।
? मृतकों की पहचान:
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सोनू कुमार – महेश भगत के पुत्र
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राजीव कुमार – अवधेश भगत के पुत्र
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रंजन कुमार – लाल मोहन भगत के पुत्र
तीनों युवक आपस में चचेरे भाई और भतीजा थे और रसूलपुर गांव के रहने वाले थे। तेज़ रफ्तार से आ रही एक अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
शादी की खुशियां मातम में बदली
जिस घर में आज शहनाई बजनी थी, वहां चंद मिनटों में मातम छा गया। सोनू कुमार की बहन की शादी की तैयारियां जोरों पर थीं, रिश्तेदार और मेहमान घर में जुटे थे। लेकिन इस दुर्घटना की खबर मिलते ही हंसता-खेलता माहौल शोक में बदल गया।
गांव में हर कोई स्तब्ध है कि जिस बहन की शादी होनी थी, उसी के भाई और परिवार के सदस्य अचानक नहीं रहे। यह हादसा ना सिर्फ परिवार के लिए, बल्कि पूरे गांव के लिए मन को झकझोर देने वाला है।
गुस्साए ग्रामीणों का सड़क जाम, शव रखकर किया प्रदर्शन
दुर्घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने हाजीपुर-महनार मुख्य मार्ग पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया। उन्होंने सरकार से निम्नलिखित मांगें कीं:
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मृतकों के परिवार को सरकारी मुआवजा दिया जाए
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तेज रफ्तार वाहन के चालक की पहचान कर सख्त कार्रवाई हो
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दुर्घटनास्थल पर स्पीड ब्रेकर और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती हो
ग्रामीणों ने आगजनी कर विरोध प्रदर्शन भी किया, जिससे आसपास के क्षेत्रों में यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया: समझाने की कोशिश जारी
चांदपुर थाना पुलिस और वैशाली जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को शांत करने का प्रयास किया। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि:
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दुर्घटना की जांच की जाएगी
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सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएंगे
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मुआवजे के लिए जिला प्रशासन रिपोर्ट तैयार कर रहा है
हालांकि खबर लिखे जाने तक FIR दर्ज नहीं हुई थी, लेकिन संभावना है कि धारा 304A (लापरवाही से मृत्यु) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
गांव में शोक की लहर, हर आंख नम
गांव के लोग तीनों युवकों को मेहनती, जिम्मेदार और संस्कारी बताते हैं। उनके अनुसार वे सभी घर की शादी के कामों में पूरी तरह जुटे हुए थे। हादसे ने गांव की रफ्तार रोक दी है।
“अब इस घर में शहनाई नहीं बजेगी, ये केवल मातम में बदल गया है,” – एक बुजुर्ग ग्रामीण
बिहार में सड़क सुरक्षा की स्थिति: चिंता का विषय
यह हादसा बिहार में सड़क सुरक्षा की बदहाल स्थिति को उजागर करता है। खासकर राजकीय और ग्रामीण सड़कों पर:
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तेज रफ्तार वाहनों पर कोई नियंत्रण नहीं
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स्पीड ब्रेकर, सिग्नल और ट्रैफिक स्टाफ की कमी
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सीसीटीवी निगरानी और रिफ्लेक्टर बोर्डों की कमी
? जरूरी कदम:
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चिह्नित दुर्घटना स्थलों पर स्पीड ब्रेकर लगाना
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रात्रि गश्ती और स्ट्रीट लाइट्स की व्यवस्था
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ट्रैफिक नियमों को लेकर जनजागरण अभियान
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आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की तैनाती
कानूनी सहायता और मुआवज़े की प्रक्रिया
मृतकों के परिजन मोटर वाहन अधिनियम के तहत मुआवजे के लिए आवेदन कर सकते हैं। अगर वाहन की पहचान हो जाती है तो मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) के जरिए उचित मुआवजा मिल सकता है।
अगर वाहन अज्ञात रहता है, तो भी सोलैटियम स्कीम के तहत पीड़ित परिवार को राहत दी जा सकती है।
हाजीपुर में हुई यह घटना एक आम सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि तीन जिंदगियों के साथ एक परिवार की खुशियों का अंत है। यह हादसा सरकार और समाज दोनों के लिए सड़क सुरक्षा को लेकर चेतावनी है।
इस घटना से ये सीख मिलती है कि सड़कें सिर्फ यातायात का माध्यम नहीं, बल्कि हर परिवार की जिंदगी और भविष्य से जुड़ी होती हैं।



