बिहार सरकार के उद्योग विभाग ने बेरोजगार युवाओं के लिए एक बेहतरीन अवसर पेश किया है। यदि आप 12वीं, ITI या डिप्लोमा पास हैं, तो आपको मुफ्त में चार प्रकार के सर्टिफिकेट कोर्स मिल रहे हैं। इनमें एसी और फ्रिज रिपेयरिंग, CNC लैथ, CNC मिलिंग और टूल एंड डाई मेकिंग जैसी तकनीकी स्किल्स शामिल हैं। इन कोर्सों की शुरुआत 6 अक्टूबर से पटना स्थित टूल रूम एण्ड ट्रेनिंग सेंटर में होने जा रही है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के अवसर प्रदान करने का उद्देश्य रखता है। इन कोर्सों को सफलतापूर्वक पूरा करने पर युवाओं को नौकरी मिलने के अच्छे अवसर मिल सकते हैं।
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कंप्लीट ट्रेनिंग, मुफ्त आवास और भोजन सुविधा
यह कार्यक्रम उन युवाओं के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है, जो बेरोजगार हैं और जिन्हें तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर नहीं मिल पा रहा। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रशिक्षण के दौरान उम्मीदवारों को किसी प्रकार की वित्तीय समस्या का सामना न करना पड़े। कोर्स का कोई शुल्क नहीं है, और प्रशिक्षण के दौरान उम्मीदवारों को आवासीय सुविधा और भोजन भी प्रदान किया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को अपनी स्किल्स में निखार लाने और रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है।
यह कोर्स तीन महीने का होगा, और इस दौरान चयनित उम्मीदवारों को रोजाना आठ घंटे की क्लास में हिस्सा लेना होगा। कोर्स के दौरान शैक्षिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण का समन्वय किया जाएगा, ताकि युवा वास्तविक जीवन में काम करने के लिए तैयार हो सकें। यह कोर्स खासकर उन युवाओं के लिए है जो अपने तकनीकी कौशल को निखारना चाहते हैं और उन्हें उद्योग में काम करने का अवसर प्राप्त करना चाहते हैं।
चार प्रमुख कोर्स और उनकी पात्रता
बिहार सरकार द्वारा ऑफर किए गए चार कोर्स युवाओं को तकनीकी कौशल सिखाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। इन कोर्सों में उम्मीदवारों को न केवल बुनियादी ज्ञान मिलेगा, बल्कि उन्नत तकनीकी कौशल भी सिखाए जाएंगे जो विभिन्न उद्योगों में काम करने के लिए जरूरी हैं।
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सीएनसी लैथ में सर्टिफिकेट कोर्स
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सीएनसी मिलिंग में सर्टिफिकेट कोर्स
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टूल एंड डाई मेकिंग में सर्टिफिकेट कोर्स
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एसी और फ्रिज रिपेयरिंग कोर्स
इन कोर्सों के लिए शैक्षिक योग्यता निर्धारित की गई है। सीएनसी लैथ, सीएनसी मिलिंग और टूल एंड डाई मेकिंग कोर्स के लिए उम्मीदवारों का 12वीं, ITI या डिप्लोमा पास होना जरूरी है। एसी और फ्रिज रिपेयरिंग कोर्स के लिए उम्मीदवारों के पास 12वीं या ITI (इलेक्ट्रीशियन ट्रेड) डिग्री होनी चाहिए।
इसके अलावा, उम्मीदवारों की उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए। यह आयु सीमा यह सुनिश्चित करती है कि उन युवाओं तक यह अवसर पहुंचे जो रोजगार की तलाश में हैं और जिनके पास तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर नहीं था।
आवेदन प्रक्रिया और प्रशिक्षण का तरीका
इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए आवेदन प्रक्रिया बहुत ही सरल है। संस्थान ने एक वीडियो ट्यूटोरियल तैयार किया है, जिसमें आवेदन करने का तरीका और चयन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। उम्मीदवार इस वीडियो को देखकर आवेदन की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वीडियो लिंक से आवेदन प्रक्रिया को समझने में कोई कठिनाई नहीं होगी।
यह कार्यक्रम न केवल युवाओं को तकनीकी कौशल सिखाने के लिए है, बल्कि इसके जरिए उन युवाओं को भी मदद मिलेगी जो रोज़गार की तलाश में हैं। इस कोर्स के जरिए उन्हें उद्योगों में नौकरी पाने के लिए आवश्यक योग्यताएँ प्राप्त होंगी, और वे अपना करियर बना सकेंगे।
युवाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने का एक सुनहरा अवसर
यह मुफ्त कोर्स बिहार के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है। बिहार सरकार का यह कदम निश्चित रूप से राज्य के बेरोजगारों के लिए मददगार साबित होगा। कोर्स की फीस, आवास और भोजन पूरी तरह से मुफ्त होने से युवाओं को कोई भी वित्तीय बोझ नहीं उठाना पड़ेगा। इसके अलावा, उम्मीदवारों से केवल 1000 रुपये का एक छोटा सा शुल्क लिया जाएगा, जिसे कोर्स पूरा होने के बाद वापस कर दिया जाएगा। यह कदम उम्मीदवारों को इस कोर्स को लेकर गंभीर बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
यह कोर्स विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो खुद को आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं और तकनीकी क्षेत्र में एक स्थिर करियर बनाना चाहते हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के पूरा होने पर, उम्मीदवार उच्च गुणवत्ता वाले तकनीकी पेशेवर बन जाएंगे जो विभिन्न उद्योगों में काम करने के लिए तैयार होंगे।
नौकरी के अवसर और भविष्य की संभावनाएं
इस कोर्स के सफल समापन के बाद, उम्मीदवारों के पास विभिन्न उद्योगों में नौकरी पाने के अच्छे अवसर होंगे। आजकल की बढ़ती मांग के कारण, विशेष रूप से सीएनसी ऑपरेटर, टूल और डाई मेकिंग, और एसी और फ्रिज रिपेयरिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित पेशेवरों की बहुत जरूरत है। ऐसे पेशेवरों की मांग हर साल बढ़ रही है, और यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उम्मीदवारों को इन क्षेत्रों में रोजगार दिलाने में मदद करेगा।
युवाओं को इन तकनीकी क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्राप्त होने से उन्हें निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों में काम करने के अच्छे अवसर मिल सकते हैं। इसके अलावा, इस प्रकार के प्रशिक्षित पेशेवरों की मांग अब भारत ही नहीं, बल्कि अन्य देशों में भी तेजी से बढ़ रही है।
बिहार सरकार का यह कदम न केवल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा, बल्कि इससे राज्य की समग्र आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। मुफ्त प्रशिक्षण और आवासीय सुविधा प्रदान करने से यह सुनिश्चित होगा कि युवा बिना किसी बाधा के अपने कौशल को निखार सकेंगे और अपने करियर में सफलता हासिल कर सकेंगे।
इंडो डैनिश टूल रूम के पटना केंद्र में शुरू होने वाला यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उन युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो अपनी तकनीकी दक्षताओं को सुधारना चाहते हैं और रोजगार के क्षेत्र में कदम रखना चाहते हैं। इस तरह की पहल से न केवल युवाओं को कौशल मिलेगा, बल्कि राज्य और देश की अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा।



