बिहार में फिल्म सिटी के बनने का सपना अब जल्द साकार होता नजर आ रहा है। बांका जिले में प्रस्तावित ग्रीन बिहार फिल्म सिटी परियोजना को लेकर कटोरिया प्रखंड में एक महत्वपूर्ण निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण में कला और संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार, बांका के जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। इस मौके पर बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री नीतू चंद्रा, कलाकार टुनटुन शर्मा, गौरव द्विवेदी और राहुल नेहरा भी उपस्थित थे, जिन्होंने इस परियोजना की संभावनाओं को परखा।
Article Contents
फिल्म सिटी की संभावनाओं की जांच
निरीक्षण के दौरान, सचिव और कलाकारों की टीम ने फिल्म सिटी के लिए चयनित स्थल का भौगोलिक स्वरूप, प्राकृतिक परिवेश, सड़क मार्ग की उपलब्धता और भविष्य में बनने वाली संरचनाओं की संभावना का बारीकी से अध्ययन किया। कटोरिया का शांत वातावरण, हरियाली से आच्छादित पहाड़, जल स्रोत और प्राकृतिक सौंदर्य ने सभी को बेहद प्रभावित किया। कलाकारों ने कहा कि कटोरिया का वातावरण फिल्म निर्माण के लिए बहुत उपयुक्त है, और यह जगह भविष्य में बिहार की फिल्म इंडस्ट्री का प्रमुख केंद्र बन सकती है।
कलाकारों ने कटोरिया के स्थान की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना करते हुए इसे एक आदर्श फिल्म शूटिंग लोकेशन बताया। उन्होंने कहा कि यहां का शांत वातावरण और हरियाली से भरे पहाड़ फिल्म निर्माताओं के लिए एक बेहतरीन बैकड्रॉप प्रदान करेंगे। साथ ही, इस इलाके में फिल्म निर्माण से स्थानीय विकास और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
प्रशासन और कलाकारों की उपस्थिति
इस अवसर पर अपर समाहर्ता अजीत कुमार, उप विकास आयुक्त उपेन्द्र कुमार, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के निदेशक श्रीनिवास और जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी प्रीति कुमारी सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी भी शामिल हुए। अधिकारियों ने सचिव को परियोजना से जुड़ी प्रारंभिक तैयारियों और संभावित योजनाओं की जानकारी दी। सचिव ने इस परियोजना के महत्व को समझते हुए इसे एक बड़े विकासात्मक कदम के रूप में देखा। उनका मानना था कि फिल्म सिटी के निर्माण से न केवल स्थानीय रोजगार बढ़ेगा, बल्कि बिहार की कला, संस्कृति और पर्यटन को भी एक नई दिशा मिलेगी।
ओढ़नी डैम का निरीक्षण और विकास
फिल्म सिटी स्थल के निरीक्षण के बाद, सभी अतिथि ओढ़नी डैम पहुंचे। यहां जिला प्रशासन द्वारा किए गए विकास कार्यों की समीक्षा की गई। ओढ़नी डैम की प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और मनोरम दृश्यावली को सभी ने सराहा। सचिव ने कहा कि ओढ़नी डैम का यह प्राकृतिक रूप फिल्म शूटिंग के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ओढ़नी डैम को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में और अधिक विकसित किया जाएगा। ओढ़नी डैम के शांतिपूर्ण वातावरण ने सभी को एक अलग अनुभव दिया और इसके संभावित पर्यटन स्थल के रूप में विकास की दिशा को लेकर सकारात्मक संकेत दिए।
इसके बाद, सभी ने ओढ़नी डैम में बोटिंग का आनंद भी लिया। यह गतिविधि न केवल एक मनोरंजक अनुभव था, बल्कि इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता का एक और पहलू था जिसे सभी ने सराहा। डैम के आसपास की हरियाली और जल स्रोत इस क्षेत्र को फिल्म शूटिंग के लिए आदर्श बनाते हैं।
बांका की प्राकृतिक संपदा और फिल्म निर्माण के अवसर
कलाकारों ने इस परियोजना के बारे में अपने विचार साझा करते हुए कहा कि बांका की प्राकृतिक संपदा को अगर सही दिशा मिले तो यह क्षेत्र न केवल राज्य, बल्कि देश के फिल्म जगत में एक अलग पहचान बना सकता है। कटोरिया में प्रस्तावित फिल्म सिटी परियोजना के इस निरीक्षण ने जिले में नई उम्मीद जगाई है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और शानदार दृश्यावली ने यह साबित कर दिया कि यह स्थान फिल्म निर्माण के लिए बेहद उपयुक्त है।
कलाकारों का कहना था कि बिहार में फिल्म निर्माण की संभावनाएं बढ़ रही हैं, और कटोरिया जैसी जगहों का इस्तेमाल फिल्म सिटी के रूप में किया जाए तो इससे राज्य में फिल्म इंडस्ट्री को एक नई दिशा मिल सकती है। कलाकारों ने यह भी कहा कि इस तरह की परियोजनाओं से बिहार को फिल्म इंडस्ट्री के मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान मिल सकता है, जिससे राज्य का नाम देश भर में चमक सकता है।
फिल्म सिटी परियोजना से जुड़ी योजनाएं
सचिव प्रणव कुमार ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए और कहा कि फिल्म सिटी का निर्माण स्थानीय रोजगार, पर्यटन और कला संस्कृति को नया आयाम प्रदान करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म सिटी परियोजना केवल फिल्म निर्माण तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसे एक बहुआयामी विकास परियोजना के रूप में देखा जाएगा। इस परियोजना से बिहार में फिल्म और पर्यटन उद्योग के विकास को नई दिशा मिलेगी। यह परियोजना न केवल कला और संस्कृति के क्षेत्र में योगदान करेगी, बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती प्रदान करेगी।
कटोरिया में प्रस्तावित फिल्म सिटी परियोजना का निरीक्षण यह साबित करता है कि बिहार में फिल्म निर्माण का भविष्य बहुत उज्जवल हो सकता है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण इसे फिल्म इंडस्ट्री के लिए आदर्श स्थान बनाते हैं। इस परियोजना से न केवल फिल्म निर्माण के अवसर पैदा होंगे, बल्कि पर्यटन और स्थानीय विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान होगा।
अधिकारियों और कलाकारों की संयुक्त उपस्थिति से यह संकेत मिलता है कि फिल्म सिटी का सपना अब साकार होने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। इस परियोजना के पूर्ण होने से बिहार की फिल्म इंडस्ट्री को एक नई पहचान मिल सकती है, जो राज्य की आर्थिक और सांस्कृतिक स्थिति को और मजबूत करेगी।
Read this article in
KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।
Share this:
- Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp
- Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook
- Click to share on X (Opens in new window) X
- Click to share on LinkedIn (Opens in new window) LinkedIn
- Click to share on Threads (Opens in new window) Threads
- Click to share on Telegram (Opens in new window) Telegram



