Home Bihar बिहार में भीषण ठंड का कहर पटना और जहानबाद में दृश्यता घटकर...

बिहार में भीषण ठंड का कहर पटना और जहानबाद में दृश्यता घटकर 10 मीटर रह गई

बिहार के तमाम जिलों में कड़ाके की ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। बर्फीली पछुआ हवाओं के चलने से पूरे राज्य में तापमान काफी नीचे गिर गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने लगातार दूसरे दिन बिहार में घने कोहरे और कोल्ड डे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राजधानी पटना और जहानाबाद समेत कई जिलों में आज सुबह घना कोहरा छाया रहा। इन इलाकों में दृश्यता यानी विजिबिलिटी घटकर मात्र 10 मीटर रह गई थी। इस कारण आम जनजीवन और यातायात सेवाओं पर बहुत बुरा असर पड़ा है। लोग सुबह के समय सड़कों पर निकलने में काफी कठिनाई महसूस कर रहे हैं।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार से पांच दिनों तक राज्य में ऐसे ही हालात बने रहने की संभावना है। विभाग ने राज्य के 10 प्रमुख जिलों के लिए घना कोहरा छाने की चेतावनी जारी की है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों को देखें तो सहरसा राज्य का सबसे ठंडा इलाका रहा। सहरसा में न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। इसी तरह भागलपुर में न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि गया में यह 8.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। तापमान में आई इस गिरावट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

पटना एयरपोर्ट पर उड़ानों की आवाजाही पर कोहरे का असर

घने कोहरे के कारण पटना एयरपोर्ट पर विमान सेवाओं में भारी व्यवधान देखने को मिला है। कम दृश्यता के चलते हवाई अड्डे पर परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ। खराब मौसम की वजह से बेंगलुरु से पटना और हैदराबाद से पटना के बीच चलने वाली एक-एक जोड़ी उड़ानों को रद्द करना पड़ा। इसके अलावा करीब 11 जोड़ी उड़ानें अपने निर्धारित समय से काफी देरी से संचालित हुईं। इन उड़ानों में देरी का समय तीन मिनट से लेकर लगभग दो घंटे तक दर्ज किया गया। यात्रियों को घंटों तक विमानतल पर अपनी उड़ानों का इंतजार करना पड़ा।

विशेष रूप से बेंगलुरु-पटना मार्ग पर चलने वाली इंडिगो की उड़ान संख्या 6E 463 लगभग एक घंटा 45 मिनट की देरी से पहुंची। पटना हवाई अड्डे पर पहली लैंडिंग सुबह 9.43 बजे संभव हो पाई जब दिल्ली से एयर इंडिया का विमान वहां उतरा। सुबह 9 बजे के बाद दृश्यता में थोड़ा सुधार हुआ और यह 900 मीटर तक पहुंच गई। इसके आधे घंटे बाद विजिबिलिटी बढ़कर 1,100 मीटर हो गई जिसके बाद विमानों का आवागमन धीरे-धीरे सामान्य हो सका। हालांकि सुबह के समय यात्रा करने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार थमी और सड़क दुर्घटनाएं बढ़ीं

बिहार में रेल सेवाएं भी मौसम की इस मार से अछूती नहीं रही हैं। घने कोहरे की वजह से राज्य की कई महत्वपूर्ण ट्रेनें अपने तय समय से घंटों देरी से चल रही हैं। गुरुवार को कम से कम 14 एक्सप्रेस ट्रेनें देरी से पहुंचीं जिससे यात्रियों को भीषण ठंड में स्टेशनों पर इंतजार करना पड़ा। यात्रियों ने ट्रेनों में सुविधाओं की कमी की शिकायतें भी दर्ज कराई हैं। कुछ ट्रेनों में पीने के पानी की किल्लत और साफ-सफाई की समस्या भी देखी गई। रेलवे प्रशासन इस स्थिति को संभालने और ट्रेनों को समय पर चलाने की कोशिश कर रहा है।

सड़क यातायात पर भी कोहरे का गहरा प्रभाव पड़ा है। मुंगेर जिले में गुरुवार को घने कोहरे के कारण पांच वाहन आपस में टकरा गए। गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की खबर नहीं मिली है। प्रशासन ने वाहन चालकों को बेहद सावधानी बरतने की सलाह दी है। ड्राइवरों को सलाह दी गई है कि वे अपनी गति कम रखें और फॉग लाइट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। कोहरे के दौरान सुरक्षित दूरी बनाए रखना बहुत जरूरी है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

हिमालय की बर्फीली हवाओं से बढ़ी कनकनी और ठंड

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में चल रही कोल्ड वेव का मुख्य कारण हिमालयी क्षेत्रों में हो रही भारी बर्फबारी है। इसके साथ ही उत्तर भारत को प्रभावित करने वाला सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भी बिहार के मौसम को बदल रहा है। बर्फ से ढके पहाड़ों से आने वाली ठंडी पछुआ हवाएं मैदानी इलाकों में तापमान गिरा रही हैं। इन हवाओं के कारण ही बिहार के मैदानों में अचानक कनकनी बढ़ गई है। आने वाले समय में यह ठंड और अधिक बढ़ सकती है क्योंकि पहाड़ों पर बर्फबारी का सिलसिला जारी है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों में कई जिलों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट आ सकती है। इसका मतलब है कि आने वाली रातें और भी ठंडी होने वाली हैं। ग्रामीण इलाकों में कोहरे और ठंड का असर शहरों के मुकाबले अधिक देखा जा रहा है। सुबह और देर शाम के समय खुले इलाकों में विजिबिलिटी बहुत ही कम रह रही है। मौसम विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों और बुजुर्गों के लिए जारी की सलाह

भीषण ठंड को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को अपनी सेहत का ख्याल रखने की सलाह दी है। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो पर्याप्त ऊनी कपड़े जरूर पहनें। ठंड के संपर्क में आने से सांस और हृदय संबंधी बीमारियां बढ़ सकती हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने शरीर को गर्म रखें और ताजे भोजन का सेवन करें।

पटना में गुरुवार की सुबह तेज बर्फीली हवाओं के साथ शुरू हुई। सुबह 10 बजे के बाद ही कोहरा छंटना शुरू हुआ और हल्की धूप दिखाई दी। हालांकि हवाओं की वजह से धूप का असर बहुत कम महसूस किया गया। पटना का अधिकतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं किशनगंज में अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा जो राज्य में सबसे ज्यादा था। पूर्णिया, भागलपुर, गया और मधुबनी जैसे जिलों में कोल्ड डे की स्थिति बनी रही।

मौसम केंद्र के अनुसार 27 और 28 दिसंबर को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में घना कोहरा और कोल्ड डे जैसे हालात रहेंगे। इसके बाद 29 और 30 दिसंबर को पश्चिमी बिहार के कुछ इलाकों में भी ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है। अगले पांच दिनों के दौरान उत्तर, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व बिहार के कुछ हिस्सों में घने कोहरे की स्थिति बनी रहेगी। वहीं उत्तर-मध्य और दक्षिण-पूर्वी जिलों में कुछ स्थानों पर कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार हैं। प्रशासन ने स्थानीय निकायों को सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं ताकि गरीबों को राहत मिल सके।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version