बिहार में चुनावी साल के चलते नीतीश कुमार की सरकार ने राज्य के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बड़ा तोहफा दिया है। दुर्गा पूजा के बाद और दीपावली से पहले नीतीश कुमार ने कक्षा 1 से लेकर कक्षा 10 तक के बच्चों की छात्रवृत्ति राशि दोगुनी कर दी है। इससे लगभग डेढ़ करोड़ बच्चों को फायदा होगा। इस फैसले से यह साफ है कि बिहार सरकार ने चुनाव से पहले जनता को संतुष्ट करने की योजना बनाई है, खासकर उन बच्चों को, जो शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
Article Contents
कक्षा 1 से 10 तक की छात्रवृत्ति राशि में बढ़ोतरी
शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई जानकारी के अनुसार, अब कक्षा 1 से 4 तक के बच्चों की छात्रवृत्ति राशि 600 रुपए से बढ़ाकर 1200 रुपए कर दी गई है। कक्षा 5 और 6 के बच्चों की छात्रवृत्ति राशि 1200 से बढ़ाकर 2400 रुपए कर दी गई है। वहीं, कक्षा 7 से 10 के बच्चों की छात्रवृत्ति राशि 1800 रुपए से बढ़ाकर 3600 रुपए कर दी गई है। यह कदम छात्रों के परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए उठाया गया है ताकि वे अपनी शिक्षा में कोई रुकावट न महसूस करें और पढ़ाई पर उनका ध्यान केंद्रित रहे।
मुख्यमंत्री बालक/बालिका छात्रवृत्ति योजना का इतिहास
यह छात्रवृत्ति योजना मुख्यमंत्री बालक/बालिका छात्रवृत्ति योजना 2013 से शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे बच्चों को आर्थिक सहायता देना था, ताकि वे बिना किसी वित्तीय समस्या के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। योजना के तहत, छात्रवृत्ति के अलावा बच्चों को मुफ्त में किताबें, स्कूल ड्रेस और साइकिल भी प्रदान की जाती है। कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को मिड डे मील योजना के तहत स्कूल में मुफ्त में खाना भी दिया जाता है। इस तरह से बिहार सरकार ने बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई हैं, जिससे उनकी पढ़ाई में कोई विघ्न न आए।
नीतीश कुमार की चुनावी रणनीति
जैसा कि सभी जानते हैं, बिहार विधानसभा चुनाव करीब हैं और ऐसे में नीतीश कुमार की सरकार ने छात्रवृत्ति राशि में इस बढ़ोतरी को एक बड़े तोहफे के रूप में पेश किया है। यह कदम राज्य सरकार द्वारा चुनाव से पहले किए गए अन्य सामाजिक कल्याण उपायों के साथ जुड़ा हुआ है। पहले शिक्षक, रसोइया और अन्य कर्मचारियों के लिए भी सरकार ने लाभकारी घोषणाएं की थीं। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि चुनाव से पहले वह हर वर्ग को संतुष्ट करे और जनता का समर्थन हासिल करे। इस बढ़ी हुई छात्रवृत्ति राशि से सरकार का उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र में सुधार और बच्चों के भविष्य को सुनिश्चित करना है।
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के अन्य कदम
नीतीश कुमार सरकार ने केवल छात्रवृत्ति राशि को ही नहीं बढ़ाया है, बल्कि राज्य के शिक्षा क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए कई अन्य कदम भी उठाए हैं। छात्रवृत्ति के अलावा, सरकार ने स्कूलों में शिक्षकों की संख्या बढ़ाने और उनका वेतन सुधारने के लिए भी योजनाएं बनाई हैं। इसके अलावा, बिहार में शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए आधुनिक शिक्षा विधियों को लागू करने की दिशा में भी कई पहलें की गई हैं। यह सब बिहार सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह राज्य में शिक्षा के स्तर को और ऊंचा करने की कोशिश कर रही है।
चुनावी उपहार की तरह सरकार की घोषणाएं
नीतीश कुमार की सरकार ने यह कदम राज्य के लोगों के लिए चुनावी साल में उपहार के रूप में पेश किया है। इस घोषणा से राज्य के सभी वर्गों को लाभ होगा, खासकर वे परिवार जिनके बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं। सरकार ने छात्रवृत्ति राशि को दोगुना कर यह सुनिश्चित किया है कि बच्चों को शिक्षा के लिए और किसी प्रकार की आर्थिक समस्या का सामना न करना पड़े। इसके अलावा, सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन को ₹400 से बढ़ाकर ₹1,100 तक कर दिया है और मुफ्त अनाज के साथ-साथ 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने की भी घोषणा की है। यह सारी घोषणाएं चुनाव से पहले बिहार सरकार द्वारा किए गए बड़े निर्णयों का हिस्सा हैं, जिनसे सरकार का उद्देश्य हर वर्ग को राहत देना है।
आंगनबाड़ी सेविकाओं और रसोइयों के लिए भी घोषणाएं
छात्रवृत्ति के अलावा, नीतीश कुमार सरकार ने आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के मानदेय में भी वृद्धि की है। इसके साथ-साथ, रसोइयों का मानदेय भी ₹1,600 से बढ़ाकर ₹3,200 कर दिया गया है। इन कदमों से उन कर्मचारियों के जीवन में सुधार होगा जो बच्चों के पोषण और शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस प्रकार, बिहार सरकार ने अपने कर्मचारियों और समाज के विभिन्न वर्गों को राहत देने के लिए कई कदम उठाए हैं, जो राज्य के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।
नीतीश कुमार का वादा: रोजगार और नौकरियां
इसके साथ ही, नीतीश कुमार की सरकार ने अगले पांच वर्षों में राज्य के एक करोड़ लोगों को रोजगार देने का भी वादा किया है। सरकार का यह लक्ष्य रोजगार सृजन की दिशा में एक बड़ा कदम होगा, खासकर युवाओं के लिए। रोजगार के अवसरों के साथ-साथ सरकार का उद्देश्य बेरोजगारी की समस्या को दूर करना और हर व्यक्ति को अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करना है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को कौशल विकास की दिशा में भी मदद करना है, ताकि वे बदलती हुई दुनिया में अपने पैरों पर खड़े हो सकें।
बिहार के लिए आने वाली योजनाएं
नीतीश कुमार की सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में कई योजनाएं बनाई हैं जो आने वाले वर्षों में राज्य के विकास में मददगार साबित होंगी। छात्रवृत्ति की बढ़ी हुई राशि से न केवल बच्चों को आर्थिक मदद मिलेगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित होगा कि वे बिना किसी तनाव के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। सरकार का यह कदम यह साबित करता है कि वह शिक्षा के महत्व को समझती है और उसे प्राथमिकता देती है। शिक्षा के साथ-साथ, राज्य में रोजगार और सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं को लागू करने के साथ, सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि हर वर्ग को लाभ हो और बिहार का हर नागरिक खुशहाल जीवन जी सके।
नीतीश कुमार की सरकार द्वारा की गई छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि का निर्णय राज्य के बच्चों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ा तोहफा साबित होगा। चुनावी साल में उठाए गए इस कदम से सरकार की छवि मजबूत होगी और राज्य के विभिन्न वर्गों के बीच समर्थन मिलेगा। छात्रवृत्ति के साथ-साथ अन्य घोषणाओं से यह साफ है कि नीतीश कुमार की सरकार हर वर्ग को संतुष्ट करने के लिए लगातार काम कर रही है। राज्य के विकास के लिए सरकार की यह प्रतिबद्धता यह सुनिश्चित करती है कि बिहार आने वाले वर्षों में शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करेगा।
Read this article in
KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।
Share this:
- Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp
- Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook
- Click to share on X (Opens in new window) X
- Click to share on LinkedIn (Opens in new window) LinkedIn
- Click to share on Threads (Opens in new window) Threads
- Click to share on Telegram (Opens in new window) Telegram



