KKN गुरुग्राम डेस्क | बिहार में इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक 12 से 15 जून के बीच हो सकती है। लेकिन इससे पहले ही प्री-मानसून ने राज्य के कई हिस्सों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के 13 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और भारी बारिश, तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी दी है।
शनिवार सुबह से ही पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया और किशनगंज जैसे जिलों में तेज बारिश शुरू हो चुकी है।
येलो अलर्ट का मतलब क्या होता है?
येलो अलर्ट मौसम विभाग की एक चेतावनी होती है, जो बताती है कि मौसम में हल्के से मध्यम स्तर का बदलाव आ सकता है, जिससे सामान्य जीवन प्रभावित हो सकता है। इसमें निम्नलिखित खतरे शामिल हो सकते हैं:
-
भारी बारिश
-
30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं
-
गरज के साथ वज्रपात
-
पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की आशंका
-
ट्रैफिक बाधाएं और जलजमाव
जिलावार असर: कहां हो रही है सबसे ज्यादा बारिश?
पटना और आस-पास के जिले:
राजधानी पटना में सुबह से लगातार तेज बारिश हो रही है। सड़कों पर जलजमाव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई है।
उत्तर बिहार:
मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी और शिवहर जिलों में बिजली कड़कने और आंधी के साथ बारिश हो रही है। किसानों के लिए यह नमी खरीफ फसलों की बुवाई के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।
चंपारण क्षेत्र:
पश्चिम और पूर्वी चंपारण में तेज हवा और झमाझम बारिश ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने लोगों को घरों में रहने और सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की सलाह दी है।
दक्षिण बिहार:
गया, औरंगाबाद, रोहतास में दिनभर उमस के बाद बारिश ने लोगों को राहत दी है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
अगले 7 दिनों का मौसम पूर्वानुमान (31 मई – 6 जून 2025)
| तारीख | बारिश की संभावना | हवा की गति | अलर्ट स्थिति |
|---|---|---|---|
| 31 मई | 80% | 30–40 किमी/घंटा | येलो अलर्ट |
| 1 जून | 60% | 25–35 किमी/घंटा | एडवाइजरी |
| 2 जून | 50% | 20–30 किमी/घंटा | सामान्य |
| 3 जून | 70% | 30–40 किमी/घंटा | येलो अलर्ट |
| 4 जून | 90% | 35–45 किमी/घंटा | ऑरेंज अलर्ट |
| 5 जून | 80% | 30–40 किमी/घंटा | येलो अलर्ट |
| 6 जून | 60% | 20–30 किमी/घंटा | सामान्य |
किसानों और आम जनता के लिए चेतावनी
किसानों के लिए सलाह:
-
खेतों की तैयारी के लिए बारिश फायदेमंद है, लेकिन तेज हवा और वज्रपात से मकई, आम और सब्जियों को नुकसान हो सकता है।
-
बिजली गिरने के समय खेतों में काम करने से बचें।
आम नागरिकों के लिए:
-
जरूरी न हो तो बारिश और आंधी के समय बाहर न निकलें।
-
बिजली उपकरण अनप्लग करें।
-
पेड़ों और खंभों के नीचे खड़े न हों।
क्या कहता है मौसम विभाग?
आईएमडी पटना के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अनिल कुमार ने बताया:
“प्री-मानसून की बारिश सामान्य है, लेकिन इस बार हवा और बिजली की तीव्रता कुछ ज्यादा है। यह बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और बिहार में बढ़े तापमान का असर है।”
सोशल मीडिया पर मौसम का ट्रेंड
#BiharRain, #WeatherAlert, और #Monsoon2025 जैसे हैशटैग्स सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं। गया, किशनगंज, सीतामढ़ी से लोग बारिश की तस्वीरें और वीडियो शेयर कर रहे हैं।
बिहार के लोगों को आने वाले दिनों में और बारिश और वज्रपात के लिए तैयार रहना होगा। ऐसे में जरूरी है कि:
-
स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखें
-
सरकारी निर्देशों का पालन करें
-
KKNLive की वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल्स से जुड़े रहें
