प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को Mann Ki Baat के 125वें एपिसोड में बिहार की देवकी देवी की प्रेरक यात्रा का जिक्र किया। मुजफ्फरपुर की करणपुरा पंचायत की रहने वाली देवकी देवी आज Solar Didi के नाम से जानी जाती हैं। पीएम ने कहा कि सौर ऊर्जा से सिंचाई कर उन्होंने न सिर्फ अपनी जिंदगी बदली बल्कि पूरे समुदाय के लिए मिसाल बन गईं।
Article Contents
संघर्ष भरा जीवन और कठिन शुरुआत
देवकी देवी का जीवन कभी आसान नहीं रहा। आर्थिक तंगी में पली-बढ़ीं और कम उम्र में शादी हो गई। पति की आय स्थिर न होने से परिवार की जिम्मेदारियां और बढ़ गईं। उनके पास केवल आधा कट्ठा जमीन थी जिससे परिवार का गुजारा मुश्किल था। लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय हिम्मत दिखाई और अपनी मेहनत से हालात बदल डाले।
सशक्तिकरण की राह पर पहला कदम
जब देवकी देवी को सौर सिंचाई योजना की जानकारी मिली तो कई अड़चनें सामने आईं। उनके पति भी इस योजना पर भरोसा नहीं कर पा रहे थे। इसके बावजूद देवकी देवी ने आत्मविश्वास और अपने Self Help Group के सहयोग से कदम बढ़ाया। नतीजा यह हुआ कि उनके लगाए सोलर पंप से आज 40 एकड़ खेतों की सिंचाई होती है।
कभी जिनकी जिंदगी घर की चारदीवारी तक सिमटी थी, आज उनकी पहचान पूरे गांव में सम्मान के साथ होती है।
CLF ने दिया साथ, बनीं Solar Didi
देवकी देवी चार बच्चों की मां हैं। उनकी लगन और मेहनत देखकर CLF ने उन्हें भूमिगत पाइपलाइन योजना की पहली सूची में जगह दी। इस फैसले से सौर सिंचाई पंप लगाने का रास्ता आसान हो गया।
उन्होंने सौर पंप के जरिए सिंचाई व्यवस्था को स्थायी बनाने, कृषि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार लाने का लक्ष्य रखा। आज यह प्रयास पूरी तरह सफल है और वे पूरे इलाके में Solar Didi के नाम से पहचानी जाती हैं।
पूरे समुदाय को मिला लाभ
देवकी देवी के प्रयासों ने पूरे गांव की तस्वीर बदल दी।
-
40 एकड़ भूमि की सिंचाई संभव हुई।
-
66 किसानों को सीधा लाभ मिला।
-
1141 घंटे पंप चलाकर 1 लाख 40 हजार की आय अर्जित हुई।
पहले यहां के किसान डीजल पंप पर निर्भर थे। 1.25 डिसमिल भूमि की सिंचाई पर 150 रुपये खर्च होता था। लेकिन सौर पंप से यह खर्च घटकर 30 रुपये रह गया। किसानों को भारी बचत होने लगी और मुनाफा बढ़ा।
नारी सशक्तिकरण की मिसाल
देवकी देवी ने साबित कर दिया कि दृढ़ निश्चय और मेहनत से असंभव भी संभव हो सकता है। एक समय आर्थिक तंगी से जूझ रही महिला आज पूरे गांव के लिए रोल मॉडल बन गई है। उनकी उपलब्धि सिर्फ व्यक्तिगत सफलता नहीं बल्कि सामुदायिक सशक्तिकरण की मिसाल है।
देवकी देवी की कहानी यह बताती है कि सही अवसर और साहस मिलने पर गांव की महिलाएं भी बड़े बदलाव की राह बना सकती हैं। पीएम मोदी ने उनके संघर्ष और सफलता को पूरे देश के सामने रखा ताकि और लोग भी प्रेरणा ले सकें।



