पटना के मेहंदी गंज पुलिस थाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक तंबू हाउस में भीषण आग लग गई, जिसमें ₹10 लाख से अधिक का सामान जलकर राख हो गया। यह घटना, जो शादी के सीजन से ठीक पहले घटी, ने तंबू हाउस के मालिक को भारी आर्थिक नुकसान पहुँचाया है। आग की शुरुआत एक पटाखे की चिंगारी से होने की संभावना जताई जा रही है। इस समय शादी का सीजन नजदीक है और यह नुकसान व्यापार के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ है।
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आग की शुरुआत और स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया
आग के बारे में गवाहों के अनुसार, जैसे ही आग शुरू हुई, यह पूरे तंबू हाउस को कुछ ही मिनटों में अपनी चपेट में ले लिया। तंबू हाउस के मालिक हीरा महतो ने बताया कि जब गोदाम के एक कोने से धुआं उठने लगा, तो आग तेजी से आसपास के सामानों में फैल गई। महतो ने कहा, “कुछ ही समय में आग ने दूसरी तरफ तक पहुँचकर सब कुछ खा लिया।”
स्थानीय निवासियों ने तुरंत आग बुझाने की कोशिश की और पानी से आग पर काबू पाने की कोशिश की, साथ ही मेहंदी गंज पुलिस और दमकल विभाग को सूचित किया। दमकलकर्मियों ने छोटे और बुलेट वाहनों की टीमों के साथ मौके पर पहुँचकर काफी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, दमकल विभाग के प्रभारी गया नंद सिंह के अनुसार, संकरी गलियों के कारण दमकल वाहनों को स्थल तक पहुंचने में काफी मुश्किलें आईं। “हमारी टीमों ने बावजूद इस कठिनाई के आग को काबू किया और पास की संरचनाओं को बचाया,” सिंह ने कहा।
नुकसान और शादी के सामान का विनाश
जब तक आग बुझाई गई, गोदाम में रखा लगभग सारा सामान जलकर राख हो गया था। नुकसान में 500 से अधिक फाइबर चेयर, महंगे सजावटी कपड़े, एलईडी शादी के बल्ब, बांस की संरचनाएं, एक हाथठेला और एक स्कूटर शामिल थे। महतो ने बताया कि अधिकांश सामग्री दिसंबर के शादी सीजन के लिए नई खरीदी गई थी और इनमें से कई सामान कोलकाता से मंगवाए गए थे। महतो ने कहा, “जो कुछ भी हमने दिसंबर की शादियों के लिए तैयार किया था, वह सब खत्म हो गया।”
शादी के सीजन पर असर
यह घटना विशेष रूप से तब घटी है जब भारत का शादी का सीजन नवंबर और दिसंबर के बीच था, जो लगभग 48 लाख शादियों के लिए ₹6 लाख करोड़ का व्यापार उत्पन्न करने की उम्मीद थी। तंबू सजावट और इवेंट मैनेजमेंट क्षेत्र शादी से जुड़े खर्चों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, ऐसे में इस प्रकार की सामग्री का नष्ट होना छोटे व्यवसायों के लिए एक बड़ा संकट है।
जांच की स्थिति: मामला कहां पहुँचा
प्राधिकृत अधिकारी इस घटना के कारणों की जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, आग एक पटाखे की चिंगारी से शुरू हुई थी। “कहा पहुँचा मामला” यह वाक्य जो आमतौर पर सार्वजनिक जिज्ञासा को दर्शाता है, इस घटना के संदर्भ में इस सवाल को जन्म देता है कि क्या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी और क्या किसी प्रकार की लापरवाही इसके पीछे थी।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पटाखे की चिंगारी को आग का कारण माना है, लेकिन पूरी जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आग के तेजी से फैलने और नुकसान के कारण क्या अन्य कारक थे। अग्निशमन सुरक्षा अधिकारी यह भी जांच करेंगे कि क्या गोदाम में आग से बचाव के उचित उपाय मौजूद थे और क्या सामग्री के भंडारण में उचित सावधानी बरती गई थी।
पटना में आग की घटनाओं का पैटर्न
यह घटना पटना और आसपास के क्षेत्रों में आग से संबंधित आपदाओं के एक चिंताजनक पैटर्न का हिस्सा है, विशेष रूप से त्योहारों के दौरान। दिवाली के दौरान पटना में सात आग की घटनाएँ हुईं, जिसमें लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ। प्रमुख घटनाओं में एक इलेक्ट्रॉनिक सामान के स्टोर में आग लगना भी शामिल था, जो डाक बंगला के पास स्थित था।
इस वर्ष अगस्त में, पटना के बाईपास क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग NH 30 के पास एक सोलर प्लेट गोदाम में आग लगने से करोड़ों रुपये का सामान नष्ट हो गया था, और आठ दमकल वाहनों ने उस आग पर काबू पाया था। नवंबर 2024 में, पास के आरा शहर में एक गोदाम में आग लगने से करीब ₹1.5 करोड़ के कपड़े और तंबू हाउस का सामान जलकर राख हो गया था। यह घटना भी शादी सीजन और सर्दी के मौसम से ठीक पहले हुई थी, जब गोदाम में सर्दी के कपड़े और महंगे शादी के कपड़े रखे गए थे।
शादी के सीजन के व्यवसाय पर प्रभाव
यह नुकसान एक ऐसे समय में हुआ है जब शादी उद्योग एक सबसे बड़े और लाभकारी सीजन की तैयारी कर रहा था। 2024 के शादी सीजन में नवंबर और दिसंबर के बीच 18 शुभ तिथियाँ थीं, जबकि 2023 में इसी अवधि में केवल 11 शुभ तिथियाँ थीं। इस वृद्धि से शादी सेवाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि होने की उम्मीद थी।
तंबू सजावट और इवेंट मैनेजमेंट के क्षेत्र में, बैंकेट हॉल, होटलों, स्थल, तंबू सजावट और संबंधित सेवाओं पर होने वाला खर्च शादी के कुल खर्चों का एक बड़ा हिस्सा होता है। महतो जैसे व्यक्तिगत तंबू हाउस ऑपरेटर के लिए, दिसंबर का शादी सीजन आमतौर पर सालाना राजस्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, ऐसे में इस प्रकार के नुकसान से व्यवसाय को खतरा हो सकता है।
सुरक्षा चिंताएँ और बचाव उपाय
आग सुरक्षा विशेषज्ञों ने बार-बार चेतावनी दी है कि अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री को घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्रों में बिना उचित सुरक्षा उपायों के स्टोर करना खतरनाक हो सकता है। मेहंदी गंज की घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि छोटे व्यवसायों के लिए अपनी गोदामों में ज्वलनशील सामग्री जैसे कपड़े, बांस की संरचनाएं और सजावटी सामानों को स्टोर करना जोखिम भरा हो सकता है, यदि उनके पास उचित अग्नि सुरक्षा व्यवस्था न हो।
यह घटना यह भी उजागर करती है कि त्योहारों के दौरान पटाखों के प्रयोग से ज्वलनशील वस्त्रों के भंडारण वाले क्षेत्रों में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। बिहार में इस प्रकार की घटनाएं पहले भी घट चुकी हैं, जैसे कि दरभंगा में अप्रैल 2024 में एक शादी के तंबू में आग लगने से छह लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें तीन बच्चे भी शामिल थे।
पटना के तंबू हाउस में लगी आग की जांच जारी है, और अधिकारियों द्वारा इस घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। तंबू हाउस के मालिक हीरा महतो और उनके परिवार के लिए इस घटना से उबरने का रास्ता लंबा होगा, क्योंकि उन्हें अपने व्यवसाय को फिर से स्थापित करना होगा और उन ग्राहकों के लिए प्रतिबद्धताओं को पूरा करना होगा जिनकी दिसंबर शादियाँ अब नष्ट हुए सामान के साथ योजना बनाई जा रही थीं।
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