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पप्पू यादव ने बीजेपी पर साधा निशाना, कहा- चिराग पासवान का हो रहा इस्तेमाल

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KKN गुरुग्राम डेस्क | 22 अप्रैल 2025 को निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने बिहार की राजनीति पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया। पप्पू यादव ने चिराग पासवान और भा.ज.पा. (BJP) को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बिहार में एससी, एसटी, ओबीसी और ईबीसी समुदाय के लोग ही मुख्यमंत्री बनने के योग्य हैं, और इन समुदायों में चिराग पासवान भी शामिल हैं। हालांकि, पप्पू यादव ने यह भी कहा कि बीजेपी चिराग पासवान का उपयोग कर रही है, लेकिन पार्टी का कोई इरादा उन्हें मुख्यमंत्री बनाने का नहीं है। इसके साथ ही पप्पू यादव ने कांग्रेस के प्रति अपनी निष्ठा भी जाहिर की और कहा कि मुख्यमंत्री के चेहरे के मामले में वह आलाकमान के फैसले का सम्मान करेंगे।

इस लेख में हम पप्पू यादव के बयान, उनकी राजनीति और बिहार में चल रही राजनीतिक हलचल पर चर्चा करेंगे।

पप्पू यादव का आरोप: बीजेपी चिराग पासवान का इस्तेमाल कर रही है

पप्पू यादव ने चिराग पासवान के बारे में कहा कि बीजेपी उन्हें केवल राजनीतिक मोहरे के रूप में इस्तेमाल कर रही है। यादव ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी ने चिराग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हनुमान बना दिया था, लेकिन चुनाव के बाद पार्टी ने चिराग के परिवार को तोड़ दिया। यादव के अनुसार, बीजेपी ने चिराग पासवान का उपयोग किया, लेकिन अब उसे मुख्यमंत्री बनाने का कोई इरादा नहीं है। पप्पू यादव का यह बयान बीजेपी की राजनीति और पार्टी के अंदर के विभाजन को उजागर करता है।

पप्पू यादव का बयान: बीजेपी की स्थिति शून्य पर पहुंच जाएगी

पप्पू यादव ने आगे कहा कि अगर नीतीश कुमार बीजेपी से अलग हो जाते हैं, तो पार्टी शून्य पर पहुंच जाएगी। यादव के मुताबिक, नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही बीजेपी को बिहार में स्थिरता मिल रही है। उनका मानना है कि अगर नीतीश कुमार के नेतृत्व से बीजेपी अलग हो जाती है, तो बीजेपी का राजनीतिक भविष्य बिहार में बहुत संकुचित हो जाएगा। यह बयान बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन की सुरक्षा और स्थिरता को लेकर पप्पू यादव के नजरिए को दर्शाता है।

चिराग पासवान का मुख्यमंत्री बनने का सवाल

पप्पू यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनने का अधिकार है, क्योंकि वह एससी, एसटी, ओबीसी और ईबीसी समुदायों से आते हैं। लेकिन यादव ने यह भी कहा कि चिराग पासवान के साथ बीजेपी की रणनीति बहुत स्पष्ट नहीं है। उनका यह कहना था कि बीजेपी ने चिराग को राजनीतिक मोहरे की तरह इस्तेमाल किया है और कभी भी उसे मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं बनाया है। यह पप्पू यादव के लिए एक सुनियोजित आरोप था, जिसका उद्देश्य बीजेपी की नीति और रणनीति पर सवाल उठाना था।

पप्पू यादव की कांग्रेस के प्रति निष्ठा

पप्पू यादव ने कांग्रेस पार्टी के आलाकमान पर भी अपनी निष्ठा जताई। उन्होंने कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर जो भी निर्णय कांग्रेस का आलाकमान करेगा, वह उसे मानेंगे। यादव ने यह स्पष्ट किया कि यह मुद्दा मीडिया में ज्यादा उठाया गया है, जबकि इस पर राजनीतिक दलों से अधिक मीडिया में बेचैनी है। उनका कहना था कि बीजेपी में किसी एक व्यक्ति को मुख्यमंत्री का चेहरा चुनने की कोई स्पष्ट नीति नहीं है, क्योंकि पार्टी में 40 लोग मुख्यमंत्री बनने के लिए लाइन में खड़े हैं। यादव के इस बयान से यह जाहिर होता है कि उन्होंने कांग्रेस के निर्णय को महत्वपूर्ण माना है और किसी भी राजनीतिक दल से ज्यादा पार्टी की एकजुटता पर जोर दिया है।

बीजेपी नेताओं की आलोचना: राहुल गांधी पर हमला

पप्पू यादव ने राहुल गांधी को लेकर बीजेपी नेताओं द्वारा की जा रही आलोचना को भी निरर्थक बताया। उन्होंने कहा कि जब बीजेपी नेता राहुल गांधी की विदेश यात्रा के दौरान आलोचना करते हैं, तो यह बेहद आधारहीन और संबंधहीन है। यादव ने बीजेपी नेताओं से कहा कि पहले वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं में की गई टिप्पणियों का रिकॉर्ड देखें, जिसमें प्रधानमंत्री ने कई देशों में भारत के बारे में नकारात्मक बातें की थीं।

यादव ने यह भी कहा कि भारत के नागरिकों का विदेशों में रहना कोई बुरी बात नहीं है, और वहां भारतीयों को अपने देश की स्थिति के बारे में जानकारी देना कोई गलत काम नहीं है। पप्पू यादव का यह बयान बीजेपी के विदेश नीति और राहुल गांधी की आलोचना पर एक प्रत्यक्ष पलटवार था।

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे पर पप्पू यादव की टिप्पणी

पप्पू यादव ने बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे द्वारा सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ की गई टिप्पणियों को भी आलोचना का निशाना बनाया। यादव ने कहा कि यह जांच का विषय होना चाहिए कि निशिकांत दुबे के पास इतनी धनराशि कहां से आई है और वह संसद में और बाहर किसके हित में काम कर रहे हैं। पप्पू यादव ने इस मामले को एक राजनीतिक मुद्दा बनाते हुए कहा कि बीजेपी सांसद के वित्तीय स्रोत और उनके द्वारा किए गए कामों की पारदर्शिता की जांच होनी चाहिए।

बिहार की राजनीति: क्या आगे होने वाला है?

बिहार की राजनीति में पप्पू यादव का यह बयान कई मायनों में महत्वपूर्ण है। उन्होंने बीजेपी, कांग्रेस, और चिराग पासवान के बारे में जो कहा, वह बिहार की आगामी राजनीति के लिए नए संकेत दे सकता है। बिहार में अगले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर, महागठबंधन और एनडीए के बीच राजनीतिक संघर्ष और भी तीव्र हो सकता है। पप्पू यादव ने यह साफ कर दिया कि वह कांग्रेस के साथ हैं, और मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर पार्टी आलाकमान का निर्णय उनके लिए मान्य होगा।

पप्पू यादव का यह बयान बिहार की राजनीति में नई दिशा को संकेतित करता है। उन्होंने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, विशेष रूप से चिराग पासवान के बारे में, और कांग्रेस के प्रति अपनी निष्ठा जताई है। पप्पू यादव की यह टिप्पणी बिहार में आगामी राजनीतिक घटनाओं पर असर डाल सकती है। साथ ही, यह भी स्पष्ट करता है कि बिहार में आगामी चुनाव में महागठबंधन और एनडीए के बीच सत्ता संघर्ष तेज होगा।

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