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पहलगाम आतंकी हमले के बाद बड़ी कार्रवाई: पटना में रह रहे 27 पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा रद्द, तुरंत छोड़ना होगा भारत

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KKN गुरुग्राम डेस्क | जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देश भर में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। हमले के बाद विशेष रूप से पाकिस्तानी नागरिकों पर निगरानी और वीजा नियमों की सख्त समीक्षा शुरू हो गई है। इसी क्रम में बिहार की राजधानी पटना से बड़ी खबर सामने आई है। पटना जिले में रह रहे 27 पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए गए हैं और उन्हें तुरंत भारत छोड़ने का आदेश दिया गया है।

कहां रह रहे थे ये पाकिस्तानी नागरिक?

इन 27 पाकिस्तानी नागरिकों में से अधिकतर सब्जीबाग, समनपुरा और फुलवारीशरीफ जैसे क्षेत्रों में रह रहे थे। ये सभी अपने रिश्तेदारों से मिलने, शादी समारोह या इलाज के लिए भारत आए थे। शुरुआत में सभी को 3 से 7 दिनों का वीजा मिला था, लेकिन बाद में उन्होंने विवाह या बीमारी का हवाला देकर वीजा का विस्तार करवा लिया और पटना में रहना जारी रखा।

वीजा रद्द करने की वजह क्या है?

हालांकि अभी तक इन लोगों के आतंकी गतिविधियों से जुड़े होने का कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिला है, लेकिन पहलगाम हमले के बाद किसी भी प्रकार की सुरक्षा में ढील नहीं बरती जा रही है। पुलिस और स्पेशल ब्रांच को यह जानकारी जुटाने का निर्देश दिया गया है कि:

  • ये लोग किन-किन जगहों पर गए?

  • किन-किन लोगों से मिले?

  • क्या इन्होंने किसी संवेदनशील जगह की तस्वीरें लीं?

इन सभी बिंदुओं की गहन जांच की जा रही है ताकि देश की सुरक्षा को लेकर किसी तरह की लापरवाही न हो।

स्थानीय पुलिस के जरिए कार्रवाई शुरू

विदेशी नागरिकों को भारत छोड़ने के लिए स्थानीय थानों के जरिए नोटिस भेजे गए हैं। सभी पाकिस्तानी नागरिकों से कहा गया है कि वे:

  • फ्लाइट या ट्रेन टिकट की कॉपी

  • बोर्डिंग पास की फोटोकॉपी

  • दो लोगों की गवाही

स्थानीय थाना को उपलब्ध कराएं ताकि उनके भारत से वापसी की प्रक्रिया पारदर्शी और ट्रैक की जा सके

अगर कोई नागरिक आदेश की अनदेखी करता है, तो पुलिस को उन्हें तत्काल गिरफ्तार करने और कोर्ट के आदेश पर डी-बोर्ड करने की अनुमति दी गई है।

स्पेशल ब्रांच की सतर्क निगरानी

पटना में स्थित स्पेशल ब्रांच इन विदेशी नागरिकों की पूरी गतिविधियों पर नजर रख रही है। उनकी यात्राओं, मुलाकातों और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच की जा रही है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उनके ठहराव के दौरान कोई संदिग्ध हरकत तो नहीं हुई।

इसके अलावा, सुरक्षा एजेंसियां उन सभी वीजा विस्तार मामलों की समीक्षा कर रही हैं जो पिछले एक साल में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों के नागरिकों को दिए गए हैं।

स्थानीय स्तर पर प्रतिक्रिया कैसी रही?

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया मिश्रित रही है। कुछ लोग इन नागरिकों के अचानक वीजा रद्द होने से हैरान हैं, वहीं कुछ लोगों का मानना है कि सुरक्षा सबसे पहले है।

“वे अपने रिश्तेदारों के यहां शादी में आए थे, कोई खतरा नहीं था,” – सब्जीबाग निवासी
“पहलगाम में जो हुआ, उसके बाद सतर्कता जरूरी है,” – फुलवारीशरीफ के दुकानदार

स्थानीय पुलिस ने लोगों से अफवाहें न फैलाने और शांति बनाए रखने की अपील की है।

निकासी की तैयारी और प्रक्रिया

पाकिस्तानी नागरिकों से कहा गया है कि वे अपनी वापसी की योजना स्पष्ट रूप से बताएं। यदि वे फ्लाइट से पाकिस्तान लौट रहे हैं तो:

  • टिकट की फोटोकॉपी

  • बोर्डिंग पास

  • गवाहों के दस्तावेज

जमा कराने होंगे। यदि ट्रेन के जरिए जा रहे हैं तो रूट और टिकट की जानकारी भी देनी होगी। सभी दस्तावेजों की स्थानीय पुलिस द्वारा सत्यापन किया जाएगा।

सरकार की अगली रणनीति क्या हो सकती है?

इस घटना के बाद केंद्र सरकार द्वारा वीजा विस्तार की प्रक्रियाओं की समीक्षा की संभावना जताई जा रही है। हो सकता है कि भविष्य में:

  • वीजा विस्तार के लिए कड़ी जांच

  • इंटेलिजेंस रिपोर्ट की अनिवार्यता

  • 30 दिन में एक बार बायोमेट्रिक अपडेट

  • राष्ट्रीय डेटाबेस से रीयल-टाइम ट्रैकिंग

जैसे कदम लागू किए जाएं ताकि किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक न हो।

पहलगाम आतंकी हमला: इस कार्रवाई की वजह

20 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में भीषण आतंकी हमला हुआ, जिसमें कई नागरिक और सुरक्षा बलों के जवान शहीद हुए। यह हमला पाकिस्तान से आए आतंकियों द्वारा किया गया बताया जा रहा है। इस हमले के बाद देशभर में राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।

इस हमले के बाद सरकार ने वीजा नियमों को सख्त करने और संवेदनशील देशों से आने वाले नागरिकों की जांच बढ़ाने का निर्णय लिया।

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