बिहार में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई जिलों के लिए बारिश और वज्रपात का नया अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा है कि खुले मैदानों और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़ा होने से बचें। बिजली के खंभों और तारों से दूर रहें। किसानों को भी खेतों में जाने से फिलहाल परहेज करने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
24 जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट
पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बुधवार को बिहार के 24 जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है। बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद, अरवल, पटना, गया, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद में आज बारिश की संभावना कम है। हालांकि राज्य के बाकी हिस्सों में एक या दो स्थानों पर वर्षा हो सकती है। विभाग का अनुमान है कि 28 अगस्त से 1 सितंबर तक लगभग सभी जिलों में बारिश और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी।
1 सितंबर तक कई हिस्सों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने बताया है कि 28 अगस्त से 1 सितंबर तक पूरे बिहार में अलग-अलग स्थानों पर बारिश और वज्रपात होंगे। उत्तर पश्चिम बिहार, उत्तर मध्य बिहार, उत्तर पूर्व बिहार, दक्षिण पश्चिम बिहार, दक्षिण मध्य बिहार और दक्षिण पूर्व बिहार के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
31 अगस्त और 1 सितंबर को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, सारण, गोपालगंज, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद, अरवल, पटना, गया, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद में व्यापक स्तर पर वर्षा हो सकती है। अन्य जिलों में भी कुछ जगहों पर वर्षा की संभावना है।
मानसून की स्थिति और वैज्ञानिकों का विश्लेषण
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि मानसून की द्रोणिका फिलहाल गंगानगर, सिरसा, आगरा, बांदा, सीधी और संबलपुर होते हुए ओडिशा तट के समीप उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र तक फैली हुई है। यह प्रणाली आगे पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी तक जाती है। यह द्रोणिका समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक सक्रिय है और इसके साथ दो चक्रवाती परिसंचरण भी बने हुए हैं।
इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ भी मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में एक द्रोणिका के रूप में सक्रिय है। इसकी धुरी औसत समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर है। इस मौसमीय परिस्थिति के चलते अगले पांच दिनों तक बिहार के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है।
किसानों और आम लोगों को चेतावनी
पटना मौसम विभाग ने विशेष रूप से किसानों को चेतावनी दी है। बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं के दौरान खेतों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर खेतों और खुले मैदानों में काम करते समय वज्रपात से जान-माल का नुकसान होता है। विभाग ने लोगों को पेड़ों, बिजली के खंभों और तारों से दूर रहने को कहा है। सावधानी बरतने से हादसों को टाला जा सकता है।
बारिश का असर और संभावित समस्याएं
बिहार में होने वाली लगातार बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन इसके साथ ही दिक्कतें भी बढ़ सकती हैं। पटना, गया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर जैसे शहरी इलाकों में भारी वर्षा होने पर जलजमाव की समस्या बढ़ेगी, जिससे यातायात प्रभावित होगा। ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकान और फसलें भी नुकसान झेल सकती हैं। कई नदियों और नहरों का जलस्तर बढ़ने की भी संभावना है।
सीजनल ट्रेंड और मानसून का असर
बिहार में हर साल मानसून के दौरान बारिश का वितरण असमान होता है। कुछ जिलों में भारी वर्षा होती है, जबकि कुछ स्थानों पर सूखे जैसी स्थिति बनी रहती है। 28 अगस्त से 1 सितंबर तक होने वाली बारिश से कुछ हिस्सों में मौसमी कमी पूरी हो सकती है। हालांकि, अचानक भारी बारिश से उत्तर बिहार के नदी क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है।
प्रशासन की तैयारियां और सुरक्षा उपाय
राज्य सरकार और जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन दलों को तैयार रखा गया है। भारी बारिश या बिजली गिरने की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही आम जनता को जागरूक करने के लिए टीवी, रेडियो और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एडवाइजरी भी जारी की गई है।
अगले दिनों का पूर्वानुमान
पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने साफ किया है कि 1 सितंबर तक पूरे बिहार में बारिश की स्थिति बनी रहेगी। इसके बाद का पूर्वानुमान बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए दबाव क्षेत्र और मानसून की द्रोणिका की स्थिति पर निर्भर करेगा। विभाग ने लोगों से मौसम की जानकारी पर नजर रखने और भारी बारिश या वज्रपात के दौरान घरों से बाहर निकलने से बचने की अपील की है।
बिहार में सक्रिय मानसून के चलते अगले कुछ दिनों तक व्यापक स्तर पर बारिश और वज्रपात होंगे। जहां एक ओर बारिश से उमस और गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर जलजमाव, बिजली गिरने और फसलों के नुकसान जैसी समस्याएं भी खड़ी होंगी। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है। 1 सितंबर तक राज्य के लगभग सभी जिलों में बारिश होने की संभावना है, इसलिए किसानों और आम नागरिकों को पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है।
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