बिहार स्कूल एग्ज़ामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने राज्य के कई जिलों में अत्याधुनिक Aadarsh Pariksha Kendra स्थापित कर दिए हैं। यह पहल परीक्षा प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव का प्रतीक मानी जा रही है। इन केंद्रों का उद्देश्य छात्रों को सुरक्षित, आरामदायक और पारदर्शी माहौल देना है, जहां नकल और अव्यवस्था जैसी पारंपरिक समस्याओं से छुटकारा मिल सके।
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किन जिलों में स्थापित हुए Aadarsh Pariksha Kendra
पहला चरण: चालू केंद्र
साल 2025 तक 12 बड़े शहरों में Aadarsh Pariksha Kendra शुरू किए गए। यह केंद्र 22 मार्च 2025 से कार्यरत हैं।
मुख्य स्थानों में शामिल हैं:
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पटना – राजधानी में एक से अधिक आधुनिक केंद्र
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गया – दक्षिण बिहार का मुख्य परीक्षा स्थल
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मुजफ्फरपुर – उत्तर बिहार का प्रमुख केंद्र
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भागलपुर – पूर्वी बिहार का हब
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पूर्णिया – उत्तर-पूर्वी बिहार की कवरेज
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दरभंगा – मध्य-उत्तर बिहार क्षेत्र
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सहरसा – पूर्वी कनेक्टिविटी
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मुंगेर – केंद्रीय बिहार का महत्वपूर्ण क्षेत्र
अन्य जिलों में भी रणनीतिक रूप से केंद्र खोले गए हैं।
दूसरा चरण: विस्तार की योजना
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगले चरण में राज्यभर में परीक्षा ढांचे का विस्तार किया जाएगा।
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29 जिलों में नए परीक्षा हॉल बनेंगे
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सभी 38 जिलों में Vajragriha यानी सुरक्षित परीक्षा केंद्र स्थापित होंगे
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सभी 9 प्रमंडलों में ऑनलाइन परीक्षा और कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर होंगे
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कुल क्षमता होगी 14,000 सीटों की
छात्रों के लिए सुविधाएं और लाभ
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर
परीक्षार्थियों के लिए इन केंद्रों में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
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क्लाइमेट कंट्रोल्ड हॉल – पूरी तरह एयर कंडीशनिंग, ताकि गर्मी या उमस की समस्या न हो।
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स्पेसियस सीटिंग – हर छात्र के लिए पर्याप्त डेस्क और जगह।
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लाइट और वेंटिलेशन – रोशनी और हवा का सही इंतज़ाम।
सिक्योरिटी और मॉनिटरिंग
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AI आधारित CCTV – बिना ब्लाइंड स्पॉट के निगरानी।
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बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन – छात्र की पहचान पुख्ता।
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सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम – परीक्षा के दौरान रियल टाइम मॉनिटरिंग।
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सेक्योर प्रिंटिंग – पेपर लीक की संभावना खत्म।
स्टूडेंट कन्वीनियंस
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सामान रखने के लिए बैगेज काउंटर
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वेटिंग एरिया और क्लीन वॉशरूम
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ठंडा पीने का पानी और आरामदायक व्यवस्था
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अलग-अलग गतिविधियों के लिए डेडिकेटेड जोन
टेक्नोलॉजिकल एडवांटेज
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कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) और पेपर बेस्ड टेस्ट (PBT) दोनों का विकल्प
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ISO सर्टिफाइड इंफ्रास्ट्रक्चर
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हाई-एंड कंप्यूटर और फास्ट इंटरनेट
सिक्योरिटी और एंटी-मालप्रैक्टिस सिस्टम
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RFID ट्रैकिंग से परीक्षा सामग्री पर निगरानी
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A से J तक कई सेट के पेपर
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AI आधारित डेटा प्रोसेसिंग और फॉर्म फिलिंग
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मेटल डिटेक्टर और सिक्योरिटी स्क्रीनिंग
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केवल ऑथराइज्ड उम्मीदवारों के लिए एंट्री
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इमरजेंसी प्रोटोकॉल और निकासी व्यवस्था
छात्र अनुभव और प्रतिक्रिया
छात्रों और सुपरवाइजर्स ने इन केंद्रों की सुविधाओं की खूब सराहना की।
परीक्षार्थियों का कहना था:
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“बहुत ज्यादा स्पेसियस था, डेस्क पर आराम से लिख पाए।”
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“गर्मी की कोई दिक्कत नहीं थी, AC ने सब आसान बना दिया।”
सुपरवाइजर्स ने भी कहा कि यहां पहली बार पूरी तरह disciplined और technically managed सिस्टम देखने को मिला।
संचालन और उपलब्धियां
इन केंद्रों में अब तक कई बड़ी परीक्षाएं आयोजित हो चुकी हैं।
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Indian Navy Officer Recruitment
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नेशनल और स्टेट लेवल कॉम्पिटिटिव एग्ज़ाम
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BSEB की मैट्रिक और इंटर परीक्षाएं
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प्रोफेशनल एंट्रेंस टेस्ट
रोजगार के अवसर
इन केंद्रों ने युवाओं के लिए नई नौकरियां पैदा कीं:
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टेक्निकल स्टाफ
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डेटा ऑपरेटर
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सिक्योरिटी गार्ड
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एडमिनिस्ट्रेटिव रोल्स
पुराने परीक्षा केंद्रों से तुलना
पारंपरिक परीक्षा केंद्रों में भीड़भाड़, अव्यवस्था और नकल जैसी समस्याएं आम थीं। अस्थायी इंतज़ाम के कारण छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
अब आधुनिक Aadarsh Pariksha Kendra ने यह समस्याएं खत्म कर दी हैं:
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स्थायी और प्रोफेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर
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कम्फर्टेबल माहौल
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हाई लेवल सिक्योरिटी
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नकल रोकने के पारदर्शी उपाय
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इंटरनेशनल स्टैंडर्ड की सुविधाएं
सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
राज्य सरकार ने इन केंद्रों पर बड़े स्तर पर निवेश किया है।
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आधुनिक उपकरणों के साथ टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन
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स्टाफ की प्रोफेशनल ट्रेनिंग
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नियमित मेंटेनेंस और अपग्रेड
इससे जिलों में लोकल रोजगार, स्किल डेवलपमेंट और ग्रामीण छात्रों को टेक्नोलॉजी का अनुभव मिल रहा है।
भविष्य की योजनाएं और विज़न
सरकार का लक्ष्य है कि सभी जिलों को ऐसे आधुनिक केंद्रों से जोड़ा जाए।
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14,000 सीटों का टारगेट
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सभी 38 जिलों में Vajragriha सुविधाएं
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डिजिटल इंटीग्रेशन और GIS आधारित सिस्टम
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BSEB की सभी सेवाओं का single window प्लेटफॉर्म
राष्ट्रीय स्तर पर पहचान
बिहार की यह पहल देशभर में मॉडल बन सकती है।
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Transparent exam system
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Student friendly infrastructure
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Technology-based management
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ISO certified quality standards
बिहार के Aadarsh Pariksha Kendra सिर्फ नए भवन नहीं बल्कि एक नयी सोच का प्रतीक हैं। छात्रों को AC हॉल, सुरक्षा, आरामदायक माहौल और प्रोफेशनल मैनेजमेंट मिल रहा है। इससे नकल रोकने में मदद मिल रही है और परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी हो रही है।
12 जिलों में शुरू हुई यह पहल अब राज्य के सभी 38 जिलों तक पहुंचेगी। यह कदम न केवल शिक्षा जगत बल्कि बिहार की सामाजिक और आर्थिक प्रगति की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा।



