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बिहार में लू का कहर: 40 डिग्री के पार पहुंचा पारा, कई जिलों में येलो अलर्ट जारी

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KKN गुरुग्राम डेस्क | बिहार में इन दिनों गर्मी का प्रकोप चरम पर है। मई की शुरुआत के साथ ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है और उमस भरी गर्मी ने आम जनजीवन को बेहाल कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में राहत की कोई संभावना नहीं है।

सोमवार, 12 मई 2025 को पटना समेत आठ जिलों में लू चलने का पूर्वानुमान जताया गया है। इसके साथ ही इन जिलों में येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

इन जिलों में लू का खतरा

मौसम विभाग के अनुसार, बिहार के जिन जिलों में लू का विशेष खतरा है, वे हैं:

  • पटना

  • शेखपुरा

  • भागलपुर

  • बांका

  • पश्चिम चंपारण

  • पूर्वी चंपारण

  • गोपालगंज

  • छपरा

इन क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 40 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा। लू के प्रभाव को देखते हुए लोगों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इन अन्य जिलों में भी जारी है गर्मी का सितम

भले ही येलो अलर्ट कुछ ही जिलों में जारी किया गया हो, लेकिन पूरे राज्य में भीषण गर्मी का प्रभाव देखा जा रहा है। जिन जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार जा चुका है, उनमें शामिल हैं:

  • बक्सर, भोजपुर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, भभुआ

  • गया, जहानाबाद, नालंदा, नवादा, लखीसराय

  • सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर

  • सिवान, जमुई, मुंगेर, खगड़िया, बेगूसराय

  • सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, अररिया, पूर्णिया

इन जिलों में भी लोग कड़ी धूप और उमस से परेशान हैं। तेज गर्म हवा और सूरज की तपिश के कारण दोपहर में सड़कें सुनसान हो रही हैं।

गर्मी से जनजीवन पर असर

बढ़ते तापमान और उमस का सीधा प्रभाव जनजीवन पर देखा जा रहा है:

  • स्कूलों में बच्चों के लिए afternoon क्लासेज को रोका जा रहा है।

  • निर्माण कार्य और खेती जैसे क्षेत्र के मजदूरों को सबसे अधिक दिक्कतें हो रही हैं।

  • बाजारों में भीड़ कम हो गई है, खासकर दोपहर के समय।

  • बिजली की मांग बढ़ने से पावर कट की समस्या भी बढ़ रही है।

छोटे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग इस मौसम में सबसे ज्यादा जोखिम में हैं।

रात की बारिश से नहीं मिल रही राहत

कुछ क्षेत्रों में रात के समय हल्की बारिश देखने को मिली है, लेकिन इससे गर्मी में बहुत ज्यादा राहत नहीं मिली। दरअसल, बारिश के बाद हवा में नमी बढ़ जाती है, जिससे उमस और बढ़ जाती है।

रात के समय भी तापमान ज्यादा गिर नहीं रहा, जिससे नींद में भी परेशानी हो रही है और हीट स्ट्रेस का खतरा बढ़ रहा है।

मौसम विशेषज्ञों की राय: क्यों हो रही है इतनी गर्मी?

पटना मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनिल कुमार के अनुसार:

“इस समय ऊपरी वायुमंडल में गर्मी बनी हुई है और धरती की सतह से गर्मी बाहर नहीं निकल पा रही है। मानसून अभी दूर है, और सूखी हवाएं तापमान को और अधिक बढ़ा रही हैं।”

उन्होंने यह भी बताया कि शहरी क्षेत्रों में ‘अर्बन हीट आइलैंड इफेक्ट’ के कारण भी तापमान और अधिक बढ़ रहा है, खासकर पटना, गया और भागलपुर जैसे शहरों में।

सरकार और प्रशासन की तैयारी

बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) और स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों के लिए हीटवेव अलर्ट जारी किया है। सरकारी अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

गर्मी से बचने के उपाय:

  • दोपहर 11 बजे से 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचें

  • ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनें

  • नियमित रूप से पानी और ओआरएस का सेवन करें

  • बाहर निकलते समय सिर ढक कर निकलें

  • बच्चों और बुजुर्गों को धूप में न जाने दें

  • खुले में रखे खाने से परहेज करें

कृषि पर असर: फसलें भी झुलसने लगीं

तेज गर्मी का प्रभाव सिर्फ इंसानों पर नहीं, बल्कि खेती और फसलों पर भी पड़ रहा है। मक्का, मूंग, सब्जियों में हीट स्ट्रेस देखा जा रहा है। खेतों की मिट्टी सूख रही है और सिंचाई की जरूरत बढ़ गई है।

किसानों को चिंता है कि अगर जल्द ही प्री-मॉनसून बारिश नहीं हुई, तो आने वाली खरीफ फसल भी प्रभावित हो सकती है।

स्वास्थ्य संकट की भी आशंका

अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, सिरदर्द, उल्टी-दस्त, चक्कर आना जैसी शिकायतों के मरीज बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि लोग साफ पानी पिएं, घर का खाना खाएं और तेज धूप से बचें।

हीट स्ट्रोक का खतरा लगातार बना हुआ है। इस मौसम में लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

मानसून अभी दूर, राहत की उम्मीद कम

मौसम विभाग के अनुसार, अभी अगले 7 से 10 दिनों तक कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। मानसून बिहार में जून के तीसरे सप्ताह तक ही पहुंचने की संभावना है। तब तक लोगों को हीट वेव से खुद को सुरक्षित रखने के लिए सतर्क रहना होगा।

बिहार में बढ़ती गर्मी और लू के हालात को देखते हुए यह जरूरी है कि हर नागरिक सतर्क और सजग रहे। प्रशासन अपनी जगह काम कर रहा है, लेकिन आम लोगों की स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां सबसे अधिक जरूरी हैं।

इस वक्त जरूरत है एक सामूहिक जिम्मेदारी की—चाहे वो घर के बुजुर्गों की देखभाल हो या काम पर जाने वाले मजदूरों की मदद। गर्मी से बचाव ही इस समय का सबसे बड़ा उपाय है।

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