इन दिनों सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर यह अफवाह तेजी से फैल रही है कि ई-श्रम कार्ड धारकों को हर महीने 5000 रुपये की सहायता दी जाएगी। लेकिन यह जानना बेहद जरूरी है कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने ऐसी किसी भी योजना की घोषणा नहीं की है। केंद्र सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को नियमित रूप से 5000 रुपये देने का कोई स्थायी प्रावधान नहीं है।
Article Contents
5000 रुपये की अफवाह कैसे फैली?
यह भ्रम मुख्य रूप से दो कारणों से उत्पन्न हुआ है। पहला, कुछ राज्य सरकारें संकट के समय जैसे कोरोना महामारी या प्राकृतिक आपदाओं के दौरान पंजीकृत श्रमिकों को एकमुश्त आर्थिक सहायता देती हैं। यह राशि 1000 से लेकर 5000 रुपये तक हो सकती है, लेकिन यह कोई नियमित या मासिक लाभ नहीं है। दूसरा कारण यह है कि उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में लॉकडाउन के दौरान श्रमिकों को भरण-पोषण भत्ता दिया गया था, जिसे कुछ लोगों ने गलत तरीके से नियमित मासिक सहायता मान लिया।
ई-श्रम कार्ड के असल लाभ
मासिक 5000 रुपये की अफवाह पूरी तरह गलत है, लेकिन ई-श्रम कार्ड के कई महत्वपूर्ण फायदे हैं, जिन्हें हर श्रमिक को जानना चाहिए। सबसे पहला और महत्वपूर्ण लाभ है दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत, यदि किसी कार्डधारक की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है या स्थायी विकलांगता आती है, तो उसके परिवार को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है। आंशिक विकलांगता की स्थिति में एक लाख रुपये की सहायता दी जाती है।
दूसरा बड़ा लाभ बुढ़ापे में सुरक्षा का है। ई-श्रम कार्ड के माध्यम से श्रमिक प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में शामिल हो सकते हैं। इस योजना के तहत, 60 वर्ष की आयु के बाद श्रमिकों को हर महीने तीन हजार रुपये की पेंशन मिलती है। इसके लिए 18 से 40 वर्ष की आयु के बीच के श्रमिकों को हर महीने 55 रुपये से 200 रुपये तक का मामूली योगदान देना होता है।
सरकारी योजनाओं में प्राथमिकता और सीधी सहायता
ई-श्रम कार्ड धारकों को भविष्य में आने वाली सभी सरकारी योजनाओं में प्राथमिकता दी जाएगी। चाहे वह आवास योजना हो या कोई अन्य कल्याणकारी योजना, पंजीकृत श्रमिकों को पहले लाभ मिलेगा। इसके अलावा, किसी भी राष्ट्रीय संकट या आपदा के समय, सरकार इसी डेटाबेस के आधार पर सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में आर्थिक मदद भेजती है।
पंजीकरण की योग्यता और प्रक्रिया
ई-श्रम कार्ड बनवाना पूरी तरह से निःशुल्क है। पंजीकरण के लिए आवेदक की आयु 16 से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वह असंगठित क्षेत्र का श्रमिक होना चाहिए। इसमें दिहाड़ी मजदूर, किसान, घरेलू कामगार, ड्राइवर, दर्जी, बढ़ई जैसे सभी व्यवसाय शामिल हैं। आवेदक सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए और न ही आयकर दाता होना चाहिए।
पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, बैंक पासबुक और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर होना चाहिए। पंजीकरण eshram.gov.in वेबसाइट पर ऑनलाइन किया जा सकता है या नजदीकी जन सेवा केंद्र की मदद ली जा सकती है। पंजीकरण पूरा होने के बाद तुरंत ई-श्रम कार्ड जारी कर दिया जाता है, जिसे डाउनलोड किया जा सकता है।
किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें। ई-श्रम कार्ड से मासिक 5000 रुपये नहीं मिलते, लेकिन यह कार्ड श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सहायता प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। हर असंगठित क्षेत्र के श्रमिक को अपना पंजीकरण करवाना चाहिए और इसके लाभों का पूरा फायदा उठाना चाहिए।
ई-श्रम कार्ड के माध्यम से श्रमिकों को दुर्घटना बीमा, पेंशन योजना, सरकारी योजनाओं में प्राथमिकता और संकट के समय त्वरित सहायता जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं मिलती हैं। इसलिए, सभी असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को अपने पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए और इस महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा प्रणाली का हिस्सा बनना चाहिए।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



