दिल्ली से बिहार के मुजफ्फरपुर जा रही एक निजी बस लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर सड़क से नीचे गिर गई, जिससे 11 लोग घायल हो गए। यह हादसा लखनऊ के काकोरी इलाके के पास रेवरी टोल प्लाजा से करीब दो किलोमीटर पहले हुआ। बस दिल्ली के आनंद विहार से बिहार के मुजफ्फरपुर जा रही थी। इस दुर्घटना में घायलों में मुजफ्फरपुर के कांटी कलवारी क्षेत्र के चार निवासी भी शामिल हैं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन पुलिस और स्थानीय प्रशासन की तत्परता से सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। कुछ यात्री गंभीर रूप से घायल हैं, जबकि अन्य को मामूली चोटें आई हैं।
Article Contents
हादसे के बाद की स्थिति
यात्रियों के मुताबिक, बस का ड्राइवर संभवतः नींद में था, जिससे बस का नियंत्रण खो बैठा और वह सड़क से नीचे गिर गई। हादसे के बाद सभी घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद दूसरे वाहन से रवाना किया गया। इसके साथ ही, क्षतिग्रस्त बस को क्रेन की मदद से सीधा किया गया। पुलिस के मुताबिक, हादसे का कारण ड्राइवर की नींद आने की संभावना है। इस घटना की जांच करने के लिए एक्सप्रेस-वे पर लगे सीसीटीवी कैमरे की मदद ली जा रही है। पुलिस अब चालक और परिचालक की तलाश कर रही है।
घायल यात्रियों के नाम
घायलों में कांटी कलवारी क्षेत्र के राजा कुमार (25), उनके पिता बद्री शाह (55), उनकी बेटी ममता (30) और पोता आरव (11) सहित अन्य यात्री भी शामिल हैं। इसके अलावा, प्रीति (24) सहरसा, विक्की कुमार (22) और रोशनी विक्की (20) पिपराखेला, जनपद मोतिहारी, अरविंद कुमार (34) संत कबीर नगर, राकेश (36) हमीरपुर, काजल (31) और नरेश कुमार मिश्रा (61) भी घायल हुए हैं। इन सभी को अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
यात्रियों की आपबीती
हादसे के शिकार हुए विक्की कुमार ने बताया कि उनके पिता एक पखवाड़ा पहले दिल्ली के AIIMS में इलाज के लिए गए थे। इसके बाद वे छठ पर्व में शामिल होने के लिए परिवार के साथ बिहार लौट रहे थे, तभी यह दुर्घटना हो गई। विक्की ने यह भी बताया कि उनकी बहन ममता सपरिवार दिल्ली में रहती है और वे सभी छठ पूजा के लिए लौट रहे थे। इस दौरान उनकी यात्रा इस दुखद हादसे का शिकार हो गई।
पुलिस और प्रशासन की तत्परता
घटना की सूचना मिलते ही काकोरी पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने प्राथमिक उपचार के बाद घायल यात्रियों को दूसरे वाहनों में बैठाकर अस्पताल भेजा। इसके साथ ही, दुर्घटना स्थल से क्षतिग्रस्त बस को क्रेन की मदद से सीधा किया गया। पुलिस ने बताया कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है और चालक तथा परिचालक को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
दुर्घटना के कारण
पहली नजर में यह हादसा ड्राइवर की नींद आने की वजह से हुआ बताया जा रहा है। एक्सप्रेस-वे पर लगने वाले सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस ने ड्राइवर और परिचालक की पहचान करने का प्रयास शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने कहा कि इस घटना से यात्री और प्रशासन दोनों को यह समझने का मौका मिलता है कि ऐसे हादसों से बचने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा मुद्दे
इस हादसे ने एक बार फिर एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा की आवश्यकता को उजागर किया है। हालांकि एक्सप्रेस-वे को सुरक्षित और तेज यात्रा के लिए डिजाइन किया गया था, लेकिन इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि सड़क सुरक्षा के उपायों में और सुधार की आवश्यकता है। प्रशासन और यात्रा सेवा प्रदाताओं से अपील की जाती है कि वे लंबी दूरी की यात्रा के दौरान चालक के स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
प्रभावित परिवारों की मदद
हादसे में घायल हुए परिवारों के प्रति प्रशासन की ओर से सहायता प्रदान की जा रही है। मुजफ्फरपुर के कांटी कलवारी निवासी बद्री शाह और उनके परिवार के अन्य सदस्य, जिनमें राजा कुमार, ममता कुमारी और आरव शामिल हैं, इलाज के बाद घर लौटने में सफल रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनका परिवार दिल्ली से बिहार में छठ पूजा मनाने जा रहा था, लेकिन यह हादसा उनके यात्रा की खुशियों को मातम में बदल गया।
यह हादसा न केवल घायलों के लिए एक दुखद अनुभव रहा बल्कि इससे यह भी साबित होता है कि रोड सुरक्षा को लेकर अधिक जागरूकता और कड़े कदम उठाए जाने की जरूरत है। अगर वाहन चालक के स्वास्थ्य और सतर्कता पर ध्यान दिया जाता, तो शायद यह हादसा रोका जा सकता था। इस घटना ने यह भी दर्शाया कि ऐसे लंबी दूरी की यात्रा में यात्री सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रशासन और पुलिस इस हादसे के कारणों की जांच कर रहे हैं, और यात्री सुरक्षा के उपायों को और मजबूत बनाने के लिए कदम उठा रहे हैं।
आखिरकार, हादसे के बावजूद घायल यात्रियों को इलाज के लिए समय पर अस्पताल भेजा गया, और अब वे बेहतर महसूस कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से उन्हें हर संभव सहायता दी जा रही है, और उम्मीद है कि भविष्य में इस तरह के हादसे कम होंगे।



