बिहार लोक सेवा आयोग (Bihar Public Service Commission) की 71st PT Examination आज आयोजित की जा रही है। यह परीक्षा राज्य के 37 जिलों में बनाए गए 912 केंद्रों पर होगी। इस बार लगभग 4 लाख 70 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। परीक्षा को पारदर्शी और कदाचार मुक्त बनाने के लिए आयोग ने सख्त इंतजाम किए हैं।
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सवा लाख अभ्यर्थियों ने एडमिट कार्ड ही डाउनलोड नहीं किया
जानकारी के अनुसार BPSC 71st Exam के लिए 4 लाख 70 हजार से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। लेकिन शुक्रवार शाम तक केवल 3 लाख 45 हजार परीक्षार्थियों ने ही Admit Card डाउनलोड किया। यानी लगभग सवा लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा से पहले ही दूरी बना ली है।
यह स्थिति नई नहीं है। पिछली 70वीं परीक्षा में भी करीब 40 हजार उम्मीदवारों ने Admit Card लेने के बावजूद परीक्षा में हिस्सा नहीं लिया था। ऐसे में इस बार भी उपस्थिति अपेक्षा से कम रहने की संभावना है।
परीक्षा केंद्र और समय की जानकारी
इस परीक्षा का आयोजन 37 जिलों के कुल 912 केंद्रों पर किया जा रहा है। परीक्षा का समय दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक तय किया गया है। अभ्यर्थियों का प्रवेश सुबह 9:30 बजे से शुरू होगा और 11 बजे तक ही मिलेगा। देर से आने वाले उम्मीदवारों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
परीक्षा केंद्रों पर सभी प्रकार के Electronic Gadgets पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। अभ्यर्थियों की तीन स्तरों पर जांच की जाएगी। इस बार परीक्षा के माध्यम से 1,298 पदों पर नियुक्तियां होंगी। आयोग ने सभी जिलों के अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश भेजे हैं और प्रत्येक केंद्र पर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है।
कदाचार मुक्त परीक्षा के लिए सख्त कदम
आयोग ने परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए कई इंतजाम किए हैं। सभी केंद्रों पर CCTV Surveillance और Mobile Jammer लगाए गए हैं। इसके साथ ही उम्मीदवारों की Biometric Attendance भी दर्ज की जाएगी।
पूरी परीक्षा की Online Monitoring होगी। आयोग ने साफ किया है कि यदि कोई उम्मीदवार कदाचार में पकड़ा जाता है तो उसे न केवल इस परीक्षा से बल्कि अगले पांच वर्षों तक आयोग की किसी भी परीक्षा में शामिल होने से रोका जाएगा।
इसके अलावा, अफवाह फैलाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे उम्मीदवारों को तीन साल तक किसी भी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उम्मीदवारों के लिए दिशा-निर्देश
आयोग ने उम्मीदवारों को स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा नियमों का पालन अनिवार्य है। प्रवेश का समय पार करने पर किसी को भी केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा।
अभ्यर्थी केवल Admit Card और मान्य पहचान पत्र लेकर ही परीक्षा केंद्र पर जाएं। किसी भी प्रकार के कैलकुलेटर, मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
आयोग ने यह भी कहा है कि सभी उम्मीदवार समय पर पहुंचें ताकि सुरक्षा जांच आसानी से पूरी हो सके और परीक्षा समय पर शुरू की जा सके।
आपत्ति दर्ज करने का नया प्रावधान
BPSC ने इस बार एक नया नियम जोड़ा है। यदि किसी अभ्यर्थी को प्रश्नपत्र या परीक्षा प्रक्रिया पर आपत्ति है तो वह 48 घंटे के भीतर लिखित शिकायत दर्ज कर सकता है।
इसके लिए उसे नोटरी से सत्यापित शपथ पत्र के साथ शिकायत देनी होगी। आयोग का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
साथ ही अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की झूठी या अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें। परीक्षा से जुड़ी सूचना केवल आयोग के आधिकारिक स्रोतों से ही लें।
जिला प्रशासन की जिम्मेदारी
परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
अनधिकृत भीड़ या संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष दल बनाए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारी और मजिस्ट्रेट पूरे समय केंद्रों पर निगरानी रखेंगे।
परीक्षा का महत्व
BPSC की 71st PT Examination राज्य की सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक है। यह परीक्षा उम्मीदवारों के लिए बिहार प्रशासनिक सेवा और अन्य प्रतिष्ठित पदों का द्वार खोलती है।
इस बार कुल 1,298 पदों पर नियुक्ति होनी है। Preliminary Exam में सफल होने वाले उम्मीदवारों को Mains Exam और उसके बाद Interview के लिए बुलाया जाएगा। अंतिम चयन उन्हें राज्य की सेवा में प्रवेश दिलाएगा।
चुनौतियाँ और तैयारी
इतनी बड़ी परीक्षा में सबसे बड़ी चुनौती उपस्थिति और व्यवस्था बनाए रखना है। कई बार दूर-दराज के जिलों में केंद्र मिलने के कारण अभ्यर्थियों को परेशानी होती है।
सख्त प्रवेश समय के चलते छोटी सी देरी भी उम्मीदवार को बाहर कर सकती है। इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपने केंद्र पर समय से पहले पहुंचे और नियमों का पालन करें।
BPSC 71st Exam 2025 बिहार की सबसे बड़ी Competitive Examination में से एक है। लगभग 3.45 लाख उम्मीदवारों के शामिल होने की उम्मीद है। आयोग ने परीक्षा को पारदर्शी और कदाचार मुक्त बनाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं।
सख्त निगरानी, तकनीकी इंतजाम और प्रशासनिक व्यवस्था यह सुनिश्चित करते हैं कि परीक्षा निष्पक्ष वातावरण में हो। उम्मीदवारों के लिए यह केवल ज्ञान की परीक्षा नहीं बल्कि अनुशासन और धैर्य की भी परीक्षा है।
इस परीक्षा के नतीजे बिहार प्रशासन की नई पीढ़ी के अफसर तय करेंगे, जो आने वाले वर्षों में राज्य की नीतियों और विकास को दिशा देंगे।



