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बिहार में 14 मई से शुरू होगी बीजेपी की तिरंगा यात्रा, ऑपरेशन सिंदूर की वीरगाथा से लोगों को कराएंगे अवगत

KKN गुरुग्राम डेस्क | भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) 14 मई से बिहार में एक विशेष राष्ट्रवादी अभियान की शुरुआत करने जा रही है। इस अभियान को “तिरंगा यात्रा” नाम दिया गया है, जिसका उद्देश्य है ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना द्वारा दिखाए गए शौर्य और पराक्रम की जानकारी आम जनता तक पहुंचाना। इस यात्रा का मुख्य केंद्र बिहार रहेगा, जहां इस वर्ष के अंत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।

?? ऑपरेशन सिंदूर क्या है?

22 मार्च 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, भारत ने सीमा पार आतंकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस अभियान के तहत, भारतीय सेना ने कई आतंकियों को मार गिराया और घुसपैठ की कई कोशिशों को नाकाम कर दिया।

इस ऑपरेशन को भारतीय सेना के त्वरित और सटीक सैन्य अभियान के रूप में देखा जा रहा है। बीजेपी इसी ऑपरेशन को राजनीतिक और भावनात्मक मुद्दा बनाकर जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है।

 तिरंगा यात्रा का उद्देश्य

इस यात्रा का लक्ष्य दो प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित है:

  1. देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना – भारतीय सेना के शौर्य की जानकारी हर नागरिक तक पहुंचाना।

  2. विपक्ष की आलोचना का जवाब देना – हाल में अमेरिका की कथित मध्यस्थता पर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब तिरंगा यात्रा के माध्यम से देना।

बीजेपी नेताओं का कहना है कि भारत किसी विदेशी मध्यस्थता का मोहताज नहीं है और हमारी सेना अपनी ताकत से हर चुनौती का सामना करने में सक्षम है।

बिहार में तिरंगा यात्रा का शेड्यूल

बीजेपी ने बिहार के लिए तिरंगा यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम तय किया है:

  • 14 मई: यात्रा की शुरुआत पटना से होगी।

  • 15 मई: राज्य के सभी कमिश्नरी मुख्यालयों में तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी।

  • 16 मई: सभी जिला मुख्यालयों में तिरंगा यात्रा आयोजित की जाएगी।

हर स्थान पर यात्रा के दौरान बीजेपी के स्थानीय नेता, विधायक, कार्यकर्ता व आमजन भाग लेंगे। यात्रा के दौरान भारतीय सेना के शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी और उनके बलिदान की कहानियां साझा की जाएंगी।

बीजेपी नेताओं के बयान

बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह यात्रा किसी चुनाव प्रचार से अधिक देशभक्ति और सेना के सम्मान की यात्रा है। पटना स्थित एक वरिष्ठ बीजेपी नेता ने कहा:

“तिरंगा यात्रा के माध्यम से हम देश की जनता को ये संदेश देना चाहते हैं कि जब देश की सीमाओं पर खतरा होता है, तो हमारी सेना और सरकार डटकर मुकाबला करती है। विपक्ष को यह समझना चाहिए कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति करना राष्ट्रहित के खिलाफ है।”

 बिहार चुनाव से पहले राष्ट्रवाद का एजेंडा

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि तिरंगा यात्रा का उद्देश्य बिहार चुनाव 2025 में राष्ट्रवादी भावना को उभारना भी है। बीजेपी ने पहले भी सर्जिकल स्ट्राइकबालाकोट एयरस्ट्राइक जैसे सैन्य अभियानों को चुनावी मंच पर प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया है।

विशेषज्ञ राकेश तिवारी कहते हैं:

“बीजेपी जिस तरह से तिरंगा यात्रा को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जोड़ रही है, वह यह संकेत देता है कि पार्टी एक बार फिर राष्ट्रवाद और सेना के शौर्य को अपना प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाएगी।”

कार्यकर्ताओं की व्यापक भागीदारी की तैयारी

बीजेपी ने अपने जिला और मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं को तिरंगा यात्रा की सफलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। हर जिले में रैली मार्गसमारोह स्थलपोस्टर-बैनर आदि की व्यवस्था की जा रही है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, केवल बिहार में 5000 से अधिक कार्यकर्ता इस यात्रा में सक्रिय भागीदारी करेंगे। सोशल मीडिया के माध्यम से भी इस अभियान को प्रचारित किया जाएगा।

 शहीद जवानों को श्रद्धांजलि

तिरंगा यात्रा के दौरान ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इनमें विशेष रूप से बिहार के सीवान के शहीद रामबाबू और सारण के मोहम्मद इम्तियाज को सम्मानित किया जाएगा।

यात्रा के दौरान बैनर, झंडे, और सैनिकों के चित्र के माध्यम से इन वीर जवानों की वीरगाथा जनता के सामने लाई जाएगी। बीजेपी के नेताओं द्वारा शहीद परिवारों से संपर्क और उन्हें सम्मानित करने की भी योजना है।

 विपक्ष की आलोचना और बीजेपी का पलटवार

कांग्रेस और आरजेडी जैसे विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि बीजेपी राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। साथ ही, उन्होंने अमेरिका की कथित मध्यस्थता पर केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण भी मांगा है।

बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा है कि विपक्ष सेना के बलिदान को कमतर आंक रहा है और जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।

 तिरंगा यात्रा का राष्ट्रीय विस्तार

हालांकि फिलहाल बिहार केंद्र में है, लेकिन बीजेपी की योजना है कि इस यात्रा को देशभर में फैलाया जाए। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी तिरंगा यात्रा आयोजित की जाएगी। यात्रा का समापन संभवतः दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर की रैली के साथ होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या गृहमंत्री अमित शाह भाग ले सकते हैं।

बीजेपी की तिरंगा यात्रा सिर्फ एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है, जिसमें राष्ट्रवाद, राजनीतिक संदेश और सैन्य शौर्य को साथ मिलाकर जनता तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। बिहार जैसे संवेदनशील चुनावी राज्य में यह यात्रा कितना असर डालती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

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