Home Bihar बिहार में भाजपा नेता सुरेंद्र केवट की गोली मारकर हत्या, पुनपुन में...

बिहार में भाजपा नेता सुरेंद्र केवट की गोली मारकर हत्या, पुनपुन में तनाव का माहौल

बिहार में अपराधियों के हौसले एक बार फिर बुलंद नजर आए। राजधानी पटना के निकट स्थित पुनपुन थाना क्षेत्र में शनिवार रात भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र केवट की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस जघन्य वारदात के बाद पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल है।

भाजपा नेता की हत्या ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, बल्कि राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद से भाजपा कार्यकर्ता आक्रोशित हैं और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

 कैसे हुआ हमला? – घटनाक्रम की पूरी जानकारी

घटना शनिवार देर रात की है जब भाजपा के पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष सुरेंद्र केवट अपने खेत में लगे मोटर को बंद करने के लिए बिहटा-सरमेरा स्टेट हाईवे-78 के पास स्थित अपने केबिन पर गए थे। यह क्षेत्र गांव के बाहरी इलाके में स्थित है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मोटर बंद करने के बाद जैसे ही सुरेंद्र केवट अपनी बाइक पर बैठने लगे, तभी दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार हमलावर वहां पहुंचे और उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं।

हमलावरों ने सुरेंद्र केवट को लगातार चार गोलियां मारीं, जिनमें से एक गोली सिर में भी लगी थी। हमले के बाद चारों आरोपी मौके से फरार हो गए।

 अस्पताल पहुंचाने की कोशिश, लेकिन नहीं बची जान

गोलीबारी की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर दौड़े और गंभीर रूप से घायल सुरेंद्र केवट को आनन-फानन में पटना एम्स अस्पताल ले गए। लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इस घटना से ग्रामीणों और समर्थकों में गहरा आक्रोश है। गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोग काफी चिंतित हैं।

 स्थानीय लोगों में भय का माहौल

पुनपुन क्षेत्र के लोगों का कहना है कि हाल के महीनों में अपराधों की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। ग्रामीणों ने पुलिस से रात्रि गश्त और निगरानी बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

एक ग्रामीण ने कहा, “अगर भाजपा जैसे बड़े दल का नेता सुरक्षित नहीं है, तो आम आदमी की सुरक्षा की कल्पना भी नहीं की जा सकती।”

सुरेंद्र केवट कौन थे?

सुरेंद्र केवट, भाजपा किसान मोर्चा के पुनपुन ब्लॉक अध्यक्ष रह चुके थे। वह क्षेत्र में कृषि और किसान कल्याण के मुद्दों पर सक्रिय रहते थे और सामाजिक कार्यों में भी भागीदारी निभाते थे।

उनकी छवि एक साफ-सुथरे, जमीन से जुड़े और लोगों के बीच लोकप्रिय नेता के रूप में थी। उनकी हत्या ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।

अपराधियों की तलाश में पुलिस जुटी

घटना के बाद पुनपुन थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। सीनियर एसपी और एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेब) की टीम ने भी घटनास्थल का मुआयना किया।

पुलिस ने बताया कि आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्ध मोबाइल लोकेशन की जांच की जा रही है। हमले की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस राजनीतिक रंजिश, आपसी विवाद या ज़मीन से जुड़ा मसला मानकर जांच कर रही है।

 बिहार में अपराध: क्या वाकई बिगड़ रही है कानून व्यवस्था?

हाल के दिनों में बिहार में हत्या, लूट, और अपहरण जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इस तरह के मामलों से राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े हो रहे हैं।

पिछले एक महीने में:

  • गया में व्यवसायी की दिनदहाड़े हत्या

  • बेगूसराय में दो पुलिसकर्मियों पर हमला

  • पटना में स्कूली छात्रा का अपहरण

इससे साफ है कि अपराधियों में कानून का डर नहीं रह गया है।

 भाजपा का विरोध और सरकार पर हमला

घटना के बाद भाजपा नेताओं ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार विफल साबित हो रही है और अपराधियों को खुली छूट मिल गई है।

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “अगर भाजपा का पूर्व जिला अध्यक्ष ही सुरक्षित नहीं है, तो सरकार को जवाब देना होगा। हम दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हैं।”

 मांगें और अगला कदम

भाजपा कार्यकर्ताओं ने सीबीआई जांच की मांग की है। यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं होती, तो पार्टी विधानसभा और जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन कर सकती है।

परिवार की ओर से भी मांग की गई है कि सुरेंद्र केवट के हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सजा दी जाए। साथ ही सरकार से आर्थिक सहायता और सुरक्षा देने की अपील भी की गई है।

भाजपा नेता सुरेंद्र केवट की हत्या न सिर्फ एक राजनीतिक घटना है, बल्कि यह बिहार में अपराध और सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति का आईना भी दिखाती है। एक सम्मानित नेता की इस तरह गोली मारकर हत्या होना, वह भी राज्य की राजधानी से सटे इलाके में, बेहद चिंताजनक है।

अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई करती है, और क्या सरकार अपराध पर नियंत्रण करने में सफल हो पाती है या नहीं।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version