बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार, 23 अगस्त को राज्य के कई हिस्सों के लिए भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। खासतौर पर दक्षिण बिहार के जिलों में लगातार तेज बारिश और गरज-तड़क के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। राजधानी पटना और गयाजी समेत कुल नौ जिलों में अलग-अलग स्तर का अलर्ट जारी किया गया है।
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दक्षिण बिहार में तेज मानसूनी असर
मौसम विभाग ने दक्षिण बिहार के नौ जिलों के लिए विशेष चेतावनी दी है। पटना, भोजपुर, बक्सर, रोहतास और जमुई में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। वहीं गयाजी, कैमूर, औरंगाबाद और नवादा जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इन इलाकों में बहुत भारी बारिश की संभावना है। शनिवार को पूरे दिन इन क्षेत्रों में मौसम असामान्य रूप से सक्रिय रहेगा और अगले दो दिनों तक हालात ऐसे ही बने रह सकते हैं।
आंधी और वज्रपात का खतरा
बारिश के साथ-साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान कई इलाकों में बिजली गिरने का खतरा भी रहेगा। ग्रामीण क्षेत्रों और खेतों में काम कर रहे किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। लोगों को खुले मैदान या पेड़ों के नीचे रुकने से बचने को कहा गया है। वज्रपात से हर साल बिहार में बड़ी संख्या में जान-माल का नुकसान होता है, इसलिए विभाग ने इस बार भी अलर्ट जारी कर सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।
उत्तर बिहार में हल्की गतिविधियां
उत्तर बिहार में फिलहाल मानसून कमजोर रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को यहां बहुत अधिक बारिश की संभावना नहीं है। सुपौल और पूर्णिया में बूंदाबांदी और हल्की बारिश हो सकती है। पश्चिम चंपारण जिले में बीते 24 घंटे में सबसे ज्यादा 53 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। हालांकि शनिवार को यहां हल्की बारिश या मध्यम स्तर की बौछारें ही देखने को मिलेंगी।
पटना का मौसम
पटना जिले के कुछ स्थानों पर शनिवार को भारी बारिश की आशंका है। शुक्रवार को राजधानी के कई इलाकों में तेज बारिश हुई थी। दिनभर में पटना में 20.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद शहर में निचले इलाकों में पानी भर गया और यातायात प्रभावित हुआ। तापमान में भी गिरावट आई। बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान में एक डिग्री की कमी दर्ज की गई। पटना का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
अन्य जिलों की स्थिति
गयाजी और आसपास के जिलों में भी शुक्रवार को मध्यम स्तर की बारिश हुई। औरंगाबाद और नवादा में कई जगह बादल गरजे और हल्की बारिश दर्ज की गई। अब इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट के बाद भारी बारिश की संभावना है। भोजपुर, बक्सर और जमुई में भी येलो अलर्ट जारी होने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को तैयार रहने की सलाह दी है।
अगले तीन दिन का अनुमान
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार आने वाले तीन दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में उतार-चढ़ाव होगा। दक्षिण बिहार के अधिकांश जिलों में मध्यम से भारी बारिश होती रहेगी। उत्तर बिहार में बारिश की तीव्रता कम रहेगी, लेकिन हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। मानसूनी हवाएं बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर आ रही हैं, जिससे अगले कुछ दिनों तक लगातार बारिश हो सकती है।
बारिश का असर दैनिक जीवन पर
भारी बारिश जहां लोगों को गर्मी और उमस से राहत देती है, वहीं कई परेशानियां भी खड़ी करती है। पटना समेत कई शहरों में जलजमाव आम समस्या है। नालों की निकासी व्यवस्था कमजोर होने से सड़कें तालाब में बदल जाती हैं। ट्रैफिक जाम और बिजली कटौती जैसी समस्याएं भी बारिश के दौरान सामने आती हैं। ग्रामीण इलाकों में बिजली के खंभों और तारों पर भी असर पड़ता है। तेज हवाएं और वज्रपात कई बार बिजली आपूर्ति को बाधित कर देते हैं।
किसान और खेती पर असर
बिहार में खेती पूरी तरह मानसून पर निर्भर करती है। धान की रोपाई और अन्य खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त बारिश जरूरी है। इस बार बारिश से धान की खेती को फायदा हो सकता है, लेकिन बहुत अधिक पानी खेतों में भर जाने से नुकसान भी हो सकता है। गयाजी, औरंगाबाद और नवादा के किसान भारी बारिश की चेतावनी से चिंतित हैं। कृषि विशेषज्ञ किसानों को खेतों में जल निकासी के इंतजाम करने की सलाह दे रहे हैं।
बीते 24 घंटे की समीक्षा
पिछले 24 घंटों में बिहार के कई जिलों में अलग-अलग स्तर की बारिश हुई। पटना में 20.1 मिलीमीटर, गयाजी में मध्यम, और पश्चिम चंपारण में 53 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सुपौल और पूर्णिया में भी हल्की बौछारें पड़ीं। कुल मिलाकर बारिश से तापमान में हल्की गिरावट आई है और मौसम सुहावना बना है।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि रविवार और सोमवार तक दक्षिण बिहार में भारी बारिश होगी। गयाजी, कैमूर और औरंगाबाद जिले सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं। उत्तर बिहार में हल्की से मध्यम बारिश होगी। लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन को अलर्ट रहने की हिदायत दी गई है।
सावधानियां और सुझाव
लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। बारिश और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने जरूरी सावधानियां बरतने का आग्रह किया है। किसानों को खेतों में काम करते समय विशेष सतर्क रहने को कहा गया है। बिजली के खंभों, पेड़ों और खुले मैदानों में रुकने से बचना चाहिए। जलजमाव वाले इलाकों में बच्चों को खेलने से रोका जाए।
सरकार और प्रशासन की तैयारी
राज्य सरकार ने सभी प्रभावित जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें तैयार रखी गई हैं। शहरी इलाकों में जलनिकासी पर काम तेज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने भी बारिश से फैलने वाली बीमारियों जैसे डेंगू और मलेरिया से निपटने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण इलाकों में राहत शिविर और अस्थायी आश्रय गृह बनाने के आदेश दिए गए हैं।
बिहार में मानसून ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखानी शुरू कर दी है। दक्षिण बिहार में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पटना, गयाजी और अन्य जिलों में अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। बारिश जहां खेती के लिए जीवनदायिनी है, वहीं यह बाढ़ और जलजमाव की समस्या भी पैदा कर सकती है। अगले कुछ दिन राज्य के लिए बेहद अहम साबित होंगे क्योंकि मौसम का रुख पूरी तरह से मानसून पर टिका हुआ है।



