बिहार में इस समय भीषण ठंड ने लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में Cold Wave की स्थिति बनी हुई है, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने पूरे बिहार के लिए Cold Day Alert जारी किया है और साफ किया है कि अगले चार से पांच दिनों तक ठंड से राहत की कोई उम्मीद नहीं है। सुबह और शाम के समय सर्दी का असर सबसे अधिक महसूस किया जा रहा है, जिससे लोग घरों में रहने को मजबूर हैं।
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ठंड की चपेट में बिहार का जनजीवन
कंपकंपाती ठंड के कारण बिहार के शहरी और ग्रामीण इलाकों में हालात कठिन बने हुए हैं। लोग मजबूरी में ठंड के बीच घरों से बाहर निकल रहे हैं और रोजमर्रा के काम कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हो रही लगातार बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों तक पहुंच गया है। उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाएं बिहार में तापमान को लगातार नीचे बनाए हुए हैं।
मधुबनी को छोड़ दिया जाए तो राज्य के 37 जिलों में Minimum Temperature 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया जा रहा है। खेतों, खुले इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। खासकर मजदूर, किसान और सुबह जल्दी निकलने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बीते 24 घंटों में कैसा रहा मौसम
पिछले 24 घंटों के दौरान भागलपुर, शेखपुरा, छपरा, किशनगंज और गया जैसे जिलों में न्यूनतम तापमान करीब 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं 4.4 डिग्री सेल्सियस के साथ भागलपुर राज्य का सबसे ठंडा जिला रिकॉर्ड किया गया है। यह आंकड़े साफ तौर पर बताते हैं कि ठंड का असर पूरे राज्य में एक समान रूप से फैला हुआ है।
सुबह के समय Dense Fog के कारण कई इलाकों में Visibility काफी कम हो गई है। सड़कों और हाईवे पर वाहन चालकों को खास सतर्कता बरतनी पड़ रही है। कई जगहों पर सुबह के समय दृश्यता इतनी कम रही कि लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सभी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र ने गुरुवार को बिहार के सभी जिलों के लिए Cold Day और Dense Fog को लेकर Orange Alert जारी किया है। यह अलर्ट संकेत देता है कि ठंड और कोहरे का असर गंभीर स्तर तक पहुंच सकता है। दिन के समय भी तापमान सामान्य से काफी नीचे बना रह सकता है, जिससे लोगों को दिनभर ठंड का एहसास होगा।
Cold Day की स्थिति का मतलब है कि अधिकतम तापमान भी सामान्य से कम रहेगा। इससे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। प्रशासन को भी अलर्ट रहने और जरूरतमंद लोगों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है।
अगले तीन से चार दिनों तक नहीं मिलेगी राहत
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय Western Disturbance और पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी के कारण यह ठंड बनी हुई है। पहाड़ों से आ रही ठंडी पछुआ हवाएं बिहार तक पहुंच रही हैं, जिससे तापमान लगातार नीचे बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले तीन से चार दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है।
गुरुवार को कई जिलों में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चल सकती हैं। इन हवाओं के कारण कनकनी और अधिक बढ़ेगी। खुले मैदानों, खेतों और हाईवे पर इसका असर ज्यादा महसूस किया जाएगा, जहां ठंड सीधे शरीर को प्रभावित करती है।
तापमान में और गिरावट के आसार
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों के दौरान राज्य के न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। वहीं अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान भी 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में रात के साथ-साथ दिन में भी ठंड और बढ़ेगी।
अगले तीन दिनों तक बिहार के अधिकांश हिस्सों में Cold Day की स्थिति बनी रहने की संभावना है। सर्द हवाओं के कारण लोगों को लगातार ठिठुरन महसूस होगी। सुबह और शाम के समय बाहर निकलना और भी मुश्किल हो सकता है।
कुछ जिलों में हल्की बढ़ोतरी भी दर्ज
हालांकि भीषण ठंड के बीच बुधवार को राज्य के कुछ जिलों में न्यूनतम तापमान में शून्य से चार डिग्री सेल्सियस तक की हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। लेकिन यह बढ़ोतरी अस्थायी रही और इससे लोगों को कोई खास राहत नहीं मिल पाई। ठंडी हवाओं के चलते तापमान फिर से नीचे चला गया।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार लंबे Cold Wave के दौरान इस तरह के उतार-चढ़ाव सामान्य होते हैं। बादल, हवा की दिशा और गति के कारण तापमान में थोड़ी बहुत बढ़ोतरी देखी जाती है, लेकिन जब तक पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी जारी रहती है, तब तक ठंड का असर बना रहता है।
स्वास्थ्य और सावधानी को लेकर सलाह
लगातार पड़ रही ठंड स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। डॉक्टरों की सलाह है कि लोग गर्म कपड़े पहनें और सुबह के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।
प्रशासन से भी उम्मीद की जा रही है कि वह बेघर लोगों के लिए रैन बसेरों और अलाव की पर्याप्त व्यवस्था करे। ठंड के इस दौर में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
आगे कैसा रहेगा मौसम का मिजाज
मौसम विभाग लगातार मौसम प्रणाली पर नजर बनाए हुए है। अगर Western Disturbance कमजोर पड़ता है या हवाओं की दिशा बदलती है, तो तापमान में सुधार की संभावना बन सकती है। फिलहाल हालात यही संकेत दे रहे हैं कि बिहार को अभी कुछ दिन और कड़ाके की ठंड झेलनी पड़ेगी।
कुल मिलाकर राज्य के लोग इस समय ठंड, कोहरे और गिरते तापमान से जूझ रहे हैं। जब तक मौसम में बदलाव नहीं होता, तब तक सतर्क रहना और मौसम विभाग की सलाह का पालन करना बेहद जरूरी है।



