बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों में भाजपा ने अपने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। दोपहर 2:58 बजे तक भाजपा ने 91 सीटों पर अपनी बढ़त बना ली थी, और इस बार पार्टी ने 101 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। भाजपा के लिए यह चुनावी नतीजे ऐतिहासिक साबित हो रहे हैं। इस समय भाजपा के उम्मीदवार विभिन्न क्षेत्रों से आगे चल रहे हैं और पार्टी अपने पिछले रिकॉर्ड्स से कहीं बेहतर प्रदर्शन कर रही है।
भा.ज.पा. ने इस चुनाव में अपनी ताकत का अहसास कराते हुए, बिहार के चुनावी इतिहास में नई ऊंचाइयों को छुआ है। पार्टी की बढ़त के साथ-साथ बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायवाल ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता शाम 5 बजे से प्रदेश कार्यालय में जीत का जश्न मनाएंगे। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में शाम 7 बजे पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जहां उनका भव्य स्वागत होगा।
भा.ज.पा. की प्रमुख जीतें
चुनाव परिणामों के रुझानों के अनुसार, भाजपा ने बेतिया, रामनारायण मंडल, कमला देवी और रेणु देवी जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर जीत दर्ज की। इसके अलावा, बिहार के कई क्षेत्रों में भाजपा अपने उम्मीदवारों के साथ आगे चल रही है। पार्टी की ज़ोरदार स्थिति को देख कर यह साफ है कि भाजपा ने इस बार अपने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
जेडीयू से आगे निकली भाजपा
दोपहर 1:30 बजे तक भाजपा बिहार में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। भाजपा इस समय 88 सीटों पर आगे चल रही थी, जबकि जेडीयू 78 सीटों पर बढ़त बनाए हुए था। यह बदलाव भाजपा की बढ़ती ताकत को दर्शाता है, जिसने जेडीयू को पीछे छोड़ दिया है। भाजपा का यह प्रदर्शन दिखाता है कि पार्टी ने राज्य में अपनी उपस्थिति को काफी मजबूत किया है और अब वह एनडीए के सबसे बड़े दल के तौर पर उभरी है।
एनडीए की बहुमत की ओर बढ़ती राह
दोपहर 12:20 बजे के आसपास, भाजपा ने 87 सीटों पर अपनी बढ़त को कायम रखा था। इस बार भाजपा ने 101 सीटों पर चुनाव लड़ा था और इन सीटों पर पार्टी की स्थिति काफी मजबूत रही। जेडीयू 76 सीटों पर बढ़त बनाए हुए था। एलजेपी भी इस चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करती दिख रही है, पार्टी 21 सीटों पर आगे चल रही है।
चुनाव परिणामों का रुझान और भाजपा की रणनीति
रुझानों के अनुसार, भाजपा ने इस बार 2020 के अपने प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए एक शानदार जीत हासिल की है। भाजपा ने जेडीयू के मुकाबले अधिक सीटों पर बढ़त बनाई। इसके साथ ही एनडीए का आंकड़ा 200 के पार पहुंच चुका था, जिससे यह साफ हो गया कि बिहार में एनडीए की सरकार के बनने के आसार प्रबल हैं।
पार्टी ने इस बार चुनाव में कई ऐसे नेताओं को उम्मीदवार बनाया था, जो पहले से ही बिहार की राजनीति में स्थापित नाम थे। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय और मैथिली ठाकुर जैसे प्रमुख नेताओं की बढ़त भाजपा के लिए लाभकारी साबित हो रही थी।
भा.ज.पा. के लिए बड़ी जीत और गठबंधन की अहमियत
इस बार भाजपा ने बिहार के चुनाव में जेडीयू से बराबरी की सीटों पर चुनाव लड़ा था। इससे पहले 2020 के चुनाव में भाजपा 74 सीटों के साथ राज्य विधानसभा में पार्टी नंबर 2 के रूप में उभरी थी, जबकि जेडीयू ने 43 सीटों के साथ पार्टी नंबर 3 का स्थान हासिल किया था। इस बार दोनों पार्टियों ने 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ा था, और भाजपा ने जेडीयू को पछाड़ते हुए आगे बढ़त बनाई।
एनडीए में भाजपा के अलावा अन्य सहयोगी दलों का भी अच्छा प्रदर्शन रहा। चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) 29 सीटों पर आगे चल रही थी, जबकि जीतनराम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) ने 6-6 सीटों पर अपनी स्थिति मजबूत की थी।
भा.ज.पा. की उम्मीदवार रणनीति और राजनीतिक भविष्य
भा.ज.पा. ने इस चुनाव में कई अनुभवी और प्रभावशाली नेताओं को मैदान में उतारा था। इनमें डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, और मैथिली ठाकुर प्रमुख थे। सम्राट चौधरी को तारापुर से लड़ा गया था, जो पहले उनके पिता शकुनी चौधरी के कब्जे में था। पिछले चुनाव में जेडीयू ने इस सीट पर जीत हासिल की थी, लेकिन भाजपा ने इस बार इसे अपने नाम किया। इसके अलावा, मंगल पांडेय को सीवान से लड़ा गया, जो पहले कभी विधानसभा चुनाव नहीं जीत पाए थे।
भा.ज.पा. के प्रमुख उम्मीदवारों में डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा, प्रेम कुमार, नितिन नबीन, संजीव चौरसिया, नीरज सिंह बबलू, हरिभूषण ठाकुर बचौल और रेणु देवी शामिल थे। इन नेताओं ने अपने क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया और भाजपा की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बिहार भाजपा के कार्यालय में उत्सव और जश्न
चुनाव परिणामों के रुझानों के आधार पर भाजपा के कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा था। भाजपा कार्यालय के बाहर कार्यकर्ता आरती उतार रहे थे और पार्टी की जीत का जश्न मना रहे थे। दिल्ली में भी भाजपा मुख्यालय में उत्सव का माहौल था, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन की तैयारी की जा रही थी।
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के परिणामों में भाजपा ने ना केवल अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़े, बल्कि राज्य में अपनी मजबूत स्थिति को भी साबित किया। भाजपा इस समय 91 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है और एनडीए का आंकड़ा 200 के पार पहुंच चुका है। पार्टी की इस शानदार जीत ने यह स्पष्ट कर दिया कि भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने बिहार में एकतरफा जीत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए हैं। यह चुनाव भाजपा के लिए एक ऐतिहासिक अवसर साबित हुआ है, और यह राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में नए बदलाव की ओर इशारा करता है।
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