KKN ब्यूरो। बिहार विधानसभा के 243 सीटों के लिए दूसरे और अंतिम चरण का मतदान 11 नवंबर को संपन्न हुआ। मतदान के तुरंत बाद आए एक्जिट पोलों में सभी प्रमुख सर्वे एजेंसियों ने नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के लिए एक निर्णायक जीत का संकेत दिया है। अधिकांश एक्जिट पोलों में एनडीए को 130 से 167 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है, जो 243 सीटों की विधानसभा में बहुमत के लिए आवश्यक 122 सीटों से काफी आगे है।
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विपरीत तौर पर, विपक्षी महागठबंधन (महागठबंधन) को 70 से 110 सीटें मिलने की संभावना है, जो पिछली 2020 की जीत के लिए आवश्यक प्रदर्शन से कमजोर प्रदर्शन दर्शाता है। यह विश्लेषण बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाता है, जहां राज्य के मतदाताओं ने मौजूदा सरकार को फिर से जनादेश दिया है।
एक्जिट पोल में एनडीए की प्रबल बढ़त
बिहार चुनाव 2025 के एक्जिट पोलों में एनडीए की जीत लगभग निश्चित दिख रही है। प्रमुख सर्वे एजेंसियों के विश्लेषण निम्नलिखित हैं:
मुख्य एक्जिट पोलों के अनुमान
Matrize-IANS ने सबसे आशावादी अनुमान दिया है, जिसमें एनडीए को 147-167 सीटें मिलने का पूर्वानुमान है। यह दो-तिहाई बहुमत की ओर इशारा करता है, जो बिहार में नीतीश कुमार के लिए एक असाधारण जीत होगी।
People’s Pulse के एक्जिट पोल में एनडीए को 133-159 सीटें और 46.2% वोट शेयर मिलने की भविष्यवाणी की गई है। महागठबंधन को इसी सर्वे में 75-101 सीटें मिलने की संभावना है।
People’s Insight ने एनडीए के लिए 133-148 सीटें और महागठबंधन के लिए 87-102 सीटें अनुमानित की हैं। इस सर्वे में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को 0-2 सीटें मिलने का संकेत है।
Dainik Bhaskar के अनुमान में एनडीए को 145-160 सीटें मिलने की संभावना है, जबकि महागठबंधन को 73-91 सीटें मिल सकती हैं। अन्य पार्टियों को 5-10 सीटें मिल सकती हैं।
INAS Survey द्वारा किए गए विस्तृत विश्लेषण में जेडीयू को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने की संभावना है, जिसे 67-75 सीटें मिलने की आशा है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को इसी सर्वे में 65-73 सीटें मिल सकती हैं।
पार्टी-वार सीटों का अनुमानित वितरण
विभिन्न एक्जिट पोलों से प्राप्त पार्टी-वार सीटों के अनुमान निम्नलिखित हैं:
| पार्टी | अनुमानित सीटें | सर्वे स्रोत |
| जेडीयू (JDU) | 67-75 | INAS |
| भारतीय जनता पार्टी (BJP) | 65-73 | INAS |
| राष्ट्रीय जनता दल (RJD) | 50-58 | INAS |
| भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस | 18-25 | INAS |
| लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) | 8-12 | Polstrat |
| हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (HAM) | 1-3 | INAS |
| राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) | 0-2 | INAS |
| AIMIM | 3-5 | INAS |
| अन्य | 1-2 | INAS |
यह विश्लेषण स्पष्ट करता है कि एनडीए के दोनों मुख्य घटक – जेडीयू और बीजेपी – लगभग समान संख्या में सीटें जीत रहे हैं, जो पिछली 2020 की चुनाव परिणामों से अलग है जहां बीजेपी ने 74 सीटें जीती थीं जबकि जेडीयू को केवल 43 सीटें मिली थीं।
क्षेत्रीय विश्लेषण – विभिन्न क्षेत्रों में संभावित प्रदर्शन
बिहार को पाँच मुख्य भौगोलिक क्षेत्रों में विभाजित किया जाता है: मिथिलांचल, तिरहुत, कोसी-सीमांचल, मगध, और भोजपुर। India TV-MATRIZE Exit Poll में इन क्षेत्रों में निम्नलिखित प्रदर्शन दिखाया गया है:
मिथिलांचल और भागलपुर (कुल 101 सीटें): यह क्षेत्र एनडीए की मजबूत पकड़ दिखाता है। एक्जिट पोलों में एनडीए को इन 101 सीटों में 70-78 सीटें मिलने की संभावना है, जबकि महागठबंधन को केवल 25-33 सीटें मिल सकती हैं। मिथिलांचल का यह प्रदर्शन नीतीश कुमार की सरकार के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 2024 के लोकसभा चुनावों में भी इस क्षेत्र में एनडीए को सभी सीटें मिली थीं।
तिरहुत क्षेत्र (कुल 54 सीटें): इस पारंपरिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में भी एनडीए को 28-35 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि महागठबंधन को 18-25 सीटें मिल सकती हैं।
सीमांचल क्षेत्र (कुल 42 सीटें): यह मुस्लिम-बहुल क्षेत्र परंपरागत रूप से महागठबंधन के लिए अनुकूल है। यहाँ एनडीए को 15-20 सीटें जबकि महागठबंधन को 20-25 सीटें मिलने की संभावना है। असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM की भागीदारी से इस क्षेत्र का परिदृश्य जटिल बन गया है।
मगध क्षेत्र (कुल 26 सीटें): यह क्षेत्र महागठबंधन की ताकत का केंद्र है। 2020 के चुनावों में महागठबंधन को यहाँ 20 सीटें मिली थीं, जबकि एनडीए को केवल 6 सीटें मिली थीं। इस बार भी एक्जिट पोलों में मगध में महागठबंधन को अनुकूल बताया गया है, हालांकि एनडीए कुछ सुधार दिखा रहा है।
भोजपुर क्षेत्र (कुल 20 सीटें): यह क्षेत्र महागठबंधन के लिए अपेक्षाकृत मजबूत है। एक्जिट पोलों में भोजपुर में एनडीए को 8-12 सीटें और महागठबंधन को 10-12 सीटें मिलने की संभावना है।
2020 की तुलना में परिवर्तन और चुनावी गतिविधि
2020 के परिणाम: पिछले विधानसभा चुनावों में एनडीए को 125 सीटें मिली थीं, जिसमें बीजेपी को 74 सीटें और जेडीयू को 43 सीटें मिली थीं। महागठबंधन को 110 सीटें मिली थीं, जिसमें राजद को 75 सीटें और कांग्रेस को सीमित संख्या में सीटें मिली थीं।
2025 के एक्जिट पोल: इस बार के एक्जिट पोलों में जेडीयू को बीजेपी के बराबर या उससे अधिक सीटें मिलने का अनुमान है। यह राजनीतिक समीकरण में एक महत्वपूर्ण बदलाव दर्शाता है। साथ ही, विभिन्न स्वतंत्र पार्टियों और नए खिलाड़ियों (जैसे प्रशांत किशोर की जन सुराज) की उपस्थिति ने चुनावी परिदृश्य को जटिल बना दिया है।
रिकॉर्ड मतदान और जनादेश
बिहार में दोनों चरणों में रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया है। पहले चरण में 64.66% मतदान दर्ज किया गया, जो बिहार के इतिहास में सर्वोच्च है। दूसरे चरण में भी लगभग 65-67% मतदान हुआ। यह उच्च मतदान प्रतिशत सामान्य रूप से परिवर्तन की मांग को दर्शाता है, लेकिन एक्जिट पोलों में एनडीए की मजबूत बढ़त इसे इस बार जनता का विश्वास मौजूदा सरकार पर दर्शाता है।
एक्जिट पोलों की सटीकता – 2020 की चेतावनी
यह ध्यान देने योग्य है कि 2020 के चुनावों में अधिकांश एक्जिट पोल गलत साबित हुए थे। Today’s Chanakya ने महागठबंधन को 180 सीटें मिलने की भविष्यवाणी की थी, जबकि वास्तविक परिणाम में वह केवल 110 सीटें जीत सकी। AXIS My India ने भी महागठबंधन को 139-161 सीटें देकर एनडीए के लिए केवल 69-91 सीटें अनुमानित की थीं, जो पूरी तरह गलत साबित हुई।
अतः, हालांकि 2025 के एक्जिट पोल में एनडीए की जीत दिख रही है, अंतिम परिणाम 14 नवंबर को मतगणना के समय ही स्पष्ट होंगे। वर्तमान एक्जिट पोलों में प्रदर्शित सीटों की संख्या से भिन्न परिणाम आ सकते हैं।
अंतिम परिणाम तक धैर्य रखें
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के एक्जिट पोलों में एनडीए गठबंधन की व्यापक जीत का संकेत है। जेडीयू के नेतृत्व वाली एनडीए 130 से 167 सीटों तक पहुंचने का अनुमान है, जो नीतीश कुमार के लिए एक दूसरी लगातार सफल जनादेश होगा। हालांकि, 2020 के एक्जिट पोलों की विफलता को देखते हुए, यह सलाह दी जाती है कि मतदाताओं को अंतिम परिणाम तक धैर्य रखना चाहिए।
चुनाव आयोग द्वारा 14 नवंबर 2025 को मतगणना का आयोजन किया जाएगा, जिसके बाद बिहार की राजनीतिक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। तब तक, ये एक्जिट पोल केवल जनता के प्रारंभिक झुकाव को दर्शाते हैं, जो अंतिम परिणामों से भिन्न हो सकते हैं।



