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बिहार में तेज आंधी और भारी बारिश का अलर्ट,14 से 19 अप्रैल तक रहेगा खराब मौसम

KKN गुरुग्राम डेस्क | बिहार में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। बीते एक सप्ताह से राज्य के कई हिस्सों में मूसलधार बारिश, गरज-चमक के साथ तेज आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। इस असामान्य मौसम के कारण कई जगहों पर जान-माल का नुकसान भी हुआ है।

मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार यह मौसम अभी थमने वाला नहीं है। 14 अप्रैल से लेकर 19 अप्रैल तक बिहार के अधिकांश जिलों में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। इस दौरान 27 जिलों में तेज आंधी, भारी वर्षा और ठनका गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

किस-किस जिले में है सबसे ज्यादा खतरा?

मौसम विभाग ने 14 अप्रैल को जिन 27 जिलों को उच्च जोखिम क्षेत्र (High Risk Zone) में रखा है, उनमें शामिल हैं:

  • पटना

  • गया

  • भागलपुर

  • मुजफ्फरपुर

  • दरभंगा

  • समस्तीपुर

  • पूर्णिया

  • कटिहार

  • अररिया
    (अन्य जिलों की जानकारी मौसम विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है)

इन जिलों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है, जिससे पेड़ गिरने, बिजली गुल होने और आवागमन में बाधा जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

बिजली गिरने का खतरा और बचाव के उपाय

बिहार में हर साल बड़ी संख्या में लोग बिजली गिरने से जान गंवाते हैं। मौसम विभाग ने लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

बचाव के उपाय:

  • आंधी-तूफान के समय घर से बाहर न निकलें

  • किसी भी ऊंचे पेड़ या बिजली के खंभे के नीचे खड़े न हों

  • मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें

  • पानी से भरे स्थानों से दूरी बनाए रखें

  • धातु की चीज़ों से दूर रहें

क्यों बदला बिहार का मौसम इस तरह अचानक?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह परिवर्तन पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance), बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी, और दिन-रात के तापमान में अचानक बदलाव के कारण हो रहा है। इन कारणों से कॉन्वेक्शनल वर्षा हो रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर तेज बारिश और बिजली की घटनाएं हो रही हैं।

डॉ. विनय कुमार, वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक, का कहना है:

“यह बदलाव अप्रैल के मध्य में सामान्य नहीं माना जाता, लेकिन जलवायु में हो रहे बदलावों के कारण ऐसी घटनाएं अब अधिक सामान्य होती जा रही हैं।”

किसानों पर पड़ा सीधा असर, रबी फसल को नुकसान

इस असमय बारिश ने रबी फसलों, विशेष रूप से गेहूं और मक्का को भारी नुकसान पहुंचाया है। जिन इलाकों में कटाई हो चुकी थी, वहां खेतों में पानी भर गया है और अनाज गीला हो गया है

कृषि विशेषज्ञों की सलाह:

  • कटे हुए अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखें

  • प्लास्टिक तिरपाल या जाल की मदद से सुखाने की व्यवस्था करें

  • जरूरत पड़ने पर फफूंदनाशक का छिड़काव करें

  • कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से संपर्क करें

आपदा प्रबंधन विभाग की तैयारी और जनता से अपील

बिहार आपदा प्रबंधन विभाग (BSDMA) और जिला प्रशासन ने सभी संवेदनशील क्षेत्रों में चेतावनी जारी कर दी है। लोगों को लगातार अपडेट देने के लिए SMS अलर्ट, स्थानीय रेडियो और पंचायत स्तर पर मुनादी कराई जा रही है।

आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे:

  • राहत केंद्रों को तैयार रखें

  • जनसंपर्क माध्यमों से लोगों को जागरूक करें

  • तेज हवा और आंधी के दौरान बिजली आपूर्ति को नियंत्रित करें

  • त्वरित राहत टीमों को तैयार रखें

तकनीकी मदद से समय पर अलर्ट

मौसम विभाग अब डॉप्लर रडार, सैटेलाइट इमेजरी, और एआई आधारित पूर्वानुमान तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे ग्रामीण इलाकों में भी रियल टाइम अलर्ट भेजे जा रहे हैं। इसके साथ ही भारत सरकार का “मौसम ऐप” भी आम लोगों को उनकी स्थानिक जानकारी के आधार पर मौसम की जानकारी दे रहा है।

  • बिहार के 27 जिलों में भारी वर्षा, तेज आंधी और बिजली गिरने की संभावना

  • 14 से 19 अप्रैल तक राज्य में अस्थिर मौसम बना रहेगा

  • प्रशासन पूरी तरह सतर्क, लेकिन आम लोगों को भी सावधानी बरतनी होगी

  • किसान, मजदूर, छात्र और यात्री विशेष रूप से सतर्क रहें

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