नालंदा जिले में अपराधियों ने एक बार फिर बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। सरमेरा थाना क्षेत्र के चुहरचक गांव मोड़ पर, जो एसएच-78 मार्ग पर स्थित है, अज्ञात बदमाशों ने देर रात एक 18 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान चुहरचक गांव निवासी बृज यादव के पुत्र शिशुपाल कुमार उर्फ कारु के रूप में हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि हत्या का कारण आपसी रंजिश और पुरानी दुश्मनी हो सकती है। याद दिला दें कि 12 और 13 जुलाई की रात इसी गांव में किशोरी यादव की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उस मामले में शिशुपाल का नाम सामने आया था। गांववालों को आशंका है कि उसी हत्या का बदला लेने के लिए अपराधियों ने शिशुपाल को निशाना बनाया और मौके पर गोली मारकर फरार हो गए।
मौके पर पहुंची पुलिस, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की सूचना मिलते ही सरमेरा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर बिहारशरीफ सदर अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सरमेरा थानाध्यक्ष साकेंद्र कुमार बिंद ने बताया कि चुहरचक मोड़ पर एक युवक की गोली मारकर हत्या की गई है। फिलहाल हत्या के पीछे का कारण साफ नहीं हो पाया है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और अपराधियों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
पुरानी दुश्मनी पर शक गहराया
गांव में लगातार हो रही घटनाओं ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है। ग्रामीण मानते हैं कि किशोरी यादव की हत्या और अब शिशुपाल की हत्या, दोनों घटनाएं आपसी दुश्मनी का ही नतीजा हैं। गांव के माहौल में डर और अविश्वास बढ़ गया है। लोग मानते हैं कि शिशुपाल का नाम पहले हत्या मामले में आने के बाद से ही उस पर खतरा मंडरा रहा था और अपराधियों ने इस बार मौका पाकर हमला किया।
पुलिस ने हालांकि अब तक हत्या की वजह पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। जांच टीम सबूत जुटाने में लगी है। स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के पीछे कौन लोग शामिल हैं।
नालंदा में बढ़ते अपराध से लोग दहशत में
इस वारदात ने एक बार फिर नालंदा जिले की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि घटना एक व्यस्त State Highway पर हुई, जिससे लोगों में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद जिले में आपसी रंजिश और गैंगवार जैसी घटनाएं कम नहीं हो रही हैं।
परिवार के लोग पूरी तरह सदमे में हैं। उन्होंने मांग की है कि अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें कड़ी सजा मिले। परिवार का आरोप है कि शिशुपाल को पूरी योजना बनाकर मारा गया है और अपराधियों ने यह सब पुरानी दुश्मनी के चलते किया है।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। क्राइम सीन से सबूत जुटाए जा रहे हैं। पास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि अपराधियों की गतिविधियों का पता लगाया जा सके। साथ ही गांव में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी लिए जा रहे हैं।
एक विशेष टीम गठित की गई है जो पुराने रंजिश वाले मामलों की फाइलें खंगाल रही है। पुलिस का कहना है कि बहुत जल्द अपराधियों की पहचान कर उन्हें कानून के कटघरे में लाया जाएगा। थानाध्यक्ष ने साफ कहा कि किसी भी कीमत पर अपराधियों को छोड़ा नहीं जाएगा।
गांव में तनाव, लोग सहमे
लगातार हो रही वारदातों ने गांव के लोगों को दहशत में डाल दिया है। दुकानदार जल्दी दुकानें बंद कर रहे हैं और लोग रात में बाहर निकलने से बच रहे हैं। माहौल में तनाव इतना है कि पुलिस को गांव में कैंप करना पड़ रहा है।
युवाओं में डर का माहौल है। खासकर विद्यार्थी और किशोर वर्ग असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। माता-पिता बच्चों को शाम के बाद बाहर भेजने से कतरा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर अपराधियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो शांति पूरी तरह भंग हो जाएगी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और न्याय की मांग
घटना की खबर फैलते ही राजनीतिक दलों ने भी कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष ने कहा कि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वे State Highway पर भी हत्या कर रहे हैं। वहीं कुछ स्थानीय नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
सामाजिक संगठनों और नागरिक समूहों ने भी इस हत्या की निंदा की है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़ा जाए और मामले की निष्पक्ष जांच की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
नालंदा जिले के चुहरचक गांव में शिशुपाल कुमार की हत्या ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है। यह वारदात आपसी दुश्मनी और बदले की कहानी का हिस्सा मानी जा रही है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और गांव में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। लेकिन तब तक जब तक अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होती, गांव के लोग भय और असुरक्षा की स्थिति में जीने को मजबूर हैं।
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