बिहार का मौसम एक बार फिर करवट बदल रहा है। 23 सितंबर को पूरे राज्य में लोगों ने ठंडक और गर्मी का अनोखा मिश्रण महसूस किया। सुबह की ठंडी हवा ने सिहरन पैदा की, जबकि दोपहर तक तेज धूप और गर्मी ने लोगों को पसीने से तर-बतर कर दिया। इस असामान्य बदलाव ने किसानों से लेकर आम जनता तक सभी को उलझन में डाल दिया है।
Article Contents
सुबह की ठंडक, दोपहर की तपिश
बिहार में आज सुबह हल्की सर्द हवा चली, जिससे लोग गर्म कपड़े पहनने को मजबूर हुए। हालांकि, जैसे-जैसे दिन चढ़ा, पारा तेजी से बढ़ता गया और तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। गांवों के खेतों में हल्की धुंध की चादर दिखी, वहीं शहरों में दोपहर की धूप ने लोगों को बेहाल कर दिया।
पटना मौसम केंद्र का पूर्वानुमान
पटना मौसम केंद्र (Patna Weather Forecast) के अनुसार, इस समय आसमान से बादल लगभग गायब हो चुके हैं। बारिश की गतिविधियां थम चुकी हैं और अगले कुछ दिनों तक राज्य के बड़े हिस्से में शुष्क मौसम ही रहेगा। मौसम विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अब केवल कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर सिस्टम
मौसम वैज्ञानिक बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) पर भी नजर बनाए हुए हैं। 24 और 25 सितंबर को यहां एक नया लो-प्रेशर एरिया बनने की संभावना है। हालांकि, यह सिस्टम कमजोर रहेगा और भारी बारिश की उम्मीद नहीं है। बिहार के कुछ इलाकों में हल्की फुहारें पड़ सकती हैं, लेकिन पूरे राज्य में झमाझम बारिश की संभावना बेहद कम है।
पटना का मौसम
पटना में सुबहें अपेक्षाकृत ठंडी और सुखद रहती हैं। लेकिन दोपहर तक तेज धूप और उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान करती है। शाम को नमी बढ़ जाती है, जिससे माहौल चिपचिपा हो जाता है। शहरवासियों को इस उतार-चढ़ाव वाले मौसम से जूझना पड़ रहा है।
किसानों की बढ़ी चिंता
किसानों के लिए यह मौसम सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। सुबह खेतों पर हल्की धुंध दिखाई दे रही है, लेकिन बारिश की कमी ने धान की फसलों पर असर डालना शुरू कर दिया है। जिन किसानों ने बेहतर मानसून की उम्मीद की थी, वे अब चिंतित हो गए हैं। पानी की कमी और कमजोर मानसून ने खेती की योजनाओं को प्रभावित कर दिया है।
मौसमी बदलाव के संकेत
सितंबर के आखिरी दिनों में सुबह-सुबह गांवों में धुंध का दिखना इस बात का संकेत है कि मौसम बदल रहा है। यह संक्रमण काल है जब मानसून विदा ले रहा है और ठंड धीरे-धीरे दस्तक दे रही है। हालांकि, इस बार की दोपहर की गर्मी ने मौसम को और ज्यादा असामान्य बना दिया है।
दोहरी मार झेलते लोग
बिहार के लोग इन दिनों “Sweat और Siharan” दोनों का सामना कर रहे हैं। सुबह की ठंडक में हल्के कपड़े पहनने पड़ रहे हैं और दोपहर की गर्मी में पंखा या कूलर चलाना जरूरी हो गया है। कुछ घरों में अब भी AC चल रहा है, जबकि सुबह लोग धूप का आनंद ले रहे हैं।
अगले कुछ दिनों का हाल
मौसम विभाग का कहना है कि बुधवार तक गर्मी और ज्यादा परेशान कर सकती है। 25 सितंबर के बाद कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन इसका असर बहुत ज्यादा नहीं होगा। अब मानसून का प्रभाव कम हो चुका है और राज्य धीरे-धीरे सर्दी की ओर बढ़ रहा है।
कड़ाके की ठंड की चेतावनी
भारत मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि इस बार अक्टूबर के बाद कड़ाके की ठंड पड़ेगी। La Niña effect के कारण उत्तरी भारत और बिहार में तापमान सामान्य से अधिक गिर सकता है। यानी इस बार सर्दी केवल ठंडक तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि Cold Wave जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
ला नीना का असर
ला नीना पैटर्न जब सक्रिय होता है तो उत्तरी भारत में ठंड और ज्यादा तेज हो जाती है। बिहार पहले भी ऐसी स्थितियों का सामना कर चुका है, जब रात का तापमान अचानक गिर गया था। इस साल भी ऐसी ही परिस्थितियों की आशंका जताई जा रही है।
सेहत पर खतरा
डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह के मौसम में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं। ठंडी हवा और दिन की गर्मी का मिश्रण खांसी, जुकाम और बुखार को बढ़ावा दे सकता है। बच्चे और बुजुर्ग इसके ज्यादा शिकार हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को पर्याप्त पानी पीना चाहिए और सुबह-शाम कपड़े ढककर बाहर निकलना चाहिए।
त्योहारों पर असर
नवरात्रि का पर्व शुरू हो चुका है और मंदिरों में भीड़ उमड़ रही है। लेकिन मौसम ने श्रद्धालुओं की परीक्षा ले ली है। सुबह की ठंडक में पूजा करना आसान है, पर दोपहर की तेज धूप ने कार्यक्रमों में दिक्कत पैदा कर दी है। शाम की उमस ने भी लोगों को थका दिया है। आयोजकों को इस उतार-चढ़ाव वाले मौसम को देखते हुए विशेष इंतजाम करने पड़े हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर
गांवों की मंडियों और छोटे दुकानदारों पर भी इस मौसम का असर पड़ रहा है। सब्जी बेचने वाले तेज धूप के कारण फसलों को लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रख पा रहे हैं। दूध उत्पादन पर भी असर दिख रहा है क्योंकि पशु इस उमस भरे मौसम से प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था जो पहले से मानसून की अनिश्चितता से जूझ रही थी, अब मौसम के इस असामान्य मिजाज से और दबाव में है।
मौसम का संक्रमणकाल
फिलहाल बिहार में मौसम का संक्रमणकाल चल रहा है। मानसून धीरे-धीरे अलविदा कह रहा है और ठंड दस्तक दे रही है। सुबह और शाम में हल्की ठंडक महसूस हो रही है, जबकि दिन में गर्मी परेशान कर रही है। यह संतुलन हर साल दिखता है, लेकिन इस बार की तीव्रता ने सबको चौंका दिया है।
आगे क्या होगा
अगले कुछ हफ्ते बिहार मौसम (Bihar Weather Update) के लिए बेहद अहम होंगे। यदि बंगाल की खाड़ी का सिस्टम मजबूत हुआ तो हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन इसकी संभावना कम है। वहीं, La Niña के कारण ठंडी हवाएं अक्टूबर के बाद बिहार में तेजी से असर दिखा सकती हैं।
रोजमर्रा की जद्दोजहद
इस बीच आम लोग रोजमर्रा की जद्दोजहद से गुजर रहे हैं। सुबह हल्की ठंड, दोपहर की झुलसाती गर्मी और शाम की उमस लोगों को परेशान कर रही है। घरों में पंखे और रजाई एक साथ इस्तेमाल हो रहे हैं। छात्रों से लेकर दुकानदारों तक, हर वर्ग इस बदलते मौसम से जूझ रहा है।



