Home Anjuman जब मैं ढ़ाका पहुंचा जनरल के डायरी से

जब मैं ढ़ाका पहुंचा जनरल के डायरी से

क्या आप जानते हैं कि 1971 की लड़ाई सिर्फ एक सैन्य संघर्ष नहीं, बल्कि न्याय और रणनीति की जीत थी? इस वीडियो में हम आपको लेकर चलेंगे 16 दिसंबर 1971 के उस ऐतिहासिक क्षण की ओर — जब ढाका के रेसकोर्स मैदान में पाकिस्तान के 93,000 सैनिकों ने भारत के सामने आत्मसमर्पण किया। पर यह कहानी सिर्फ एक युद्ध की नहीं है — यह कहानी है लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा की आंखों से देखे उस लम्हे की, जब भारत ने इतिहास को नई दिशा दी। देखिए कैसे एक जनरल की डायरी में दर्ज है पाकिस्तान के अहंकार का अंत और बांग्लादेश की आज़ादी का जन्म। कहानी में है ट्विस्ट, भावना, और रणनीति की बारीकियां — जिसे जानकर आप गर्व से भर जाएंगे।

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कौशलेन्द्र झा, KKN Live की संपादकीय टीम का नेतृत्व करते हैं और हिन्दुस्तान (हिन्दी दैनिक) में नियमित रूप से लेखन करते हैं। बिहार विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का अनुभव अर्जित किया है। वे प्रातःकमल और ईटीवी बिहार-झारखंड सहित कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं। सामाजिक सरोकारों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है—वे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संघ (भारत) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और “मानवाधिकार मीडिया रत्न” सम्मान से सम्मानित किए गए हैं। पत्रकारिता में उनकी गहरी समझ और सामाजिक अनुभव उनकी विश्लेषणात्मक लेखन शैली को विशिष्ट बनाते हैं

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