जब न इंटरनेट था, न गूगल… तब दुनिया ज्ञान के लिए जाती थी— Nalanda University। 10,000 से अधिक विद्यार्थी… 2,000 आचार्य… और लाखों पुस्तकों का विशाल पुस्तकालय। फिर 1193 के आसपास आया एक हमला— Bakhtiyar Khilji। क्या सच में कई महीनों तक जलता रहा था पुस्तकालय? क्या नालंदा सिर्फ एक विश्वविद्यालय था या एक विचारधारा? अंजुमन में देखिए— इतिहास का वो सच, जो सवाल छोड़ जाता है।
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