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पीएम मोदी ने TDP सांसद Appalanayudu Kalissetti की अनोखी पहल की तारीफ की

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आंध्र प्रदेश के विजयनगरम से TDP सांसद Appalanayudu Kalissetti को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सराहा है। सोमवार को सांसद Kalissetti नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू के साथ प्रधानमंत्री से मिले। इस दौरान पीएम मोदी ने उनकी मेहनत, समर्पण और नए-नए विचारों की तारीफ की।

Kalissetti पिछले साल एक अनोखी घोषणा के कारण चर्चा में आए थे, जिसमें उन्होंने तीसरे बच्चे के जन्म पर विशेष इनाम देने का ऐलान किया था।

प्रधानमंत्री से मुलाकात और सराहना

पीएम मोदी से मुलाकात के बाद Kalissetti ने बताया कि प्रधानमंत्री ने उनके प्रयासों और रचनात्मक सोच की प्रशंसा की। पीएम ने माना कि वह अपने क्षेत्र के सामाजिक मुद्दों के समाधान के लिए अलग दृष्टिकोण अपनाते हैं।

Kalissetti ने कहा कि देश के सर्वोच्च नेता से ऐसी तारीफ पाना उनके लिए सम्मान की बात है और यह उन्हें आगे भी समाज के लिए काम करने की प्रेरणा देता है।

कौन हैं Appalanayudu Kalissetti

Kalissetti आंध्र प्रदेश की विजयनगरम लोकसभा सीट से सांसद हैं। वह कई बार अपने बयानों और अलग तरह की पहलों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं।

मार्च 2025 में उन्होंने घोषणा की थी कि तीसरे बच्चे के जन्म पर वह अपनी सैलरी से गिफ्ट देंगे। उनके अनुसार, अगर तीसरा बेटा पैदा होता है तो मां को एक गाय दी जाएगी और अगर तीसरी बेटी होती है तो 50 हजार रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा।

जनसंख्या बढ़ाने की अपील

Kalissetti ने महिलाओं से दो से ज्यादा बच्चे पैदा करने की अपील भी की है। उनका मानना है कि दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में घटती जनसंख्या दर भविष्य में आर्थिक और सामाजिक चुनौतियां पैदा कर सकती है।

उनके अनुसार, नियंत्रित और योजनाबद्ध तरीके से जनसंख्या बढ़ाना कुछ क्षेत्रों के लिए ज़रूरी है, ताकि भविष्य में श्रमिकों और युवा आबादी की कमी न हो।

आंध्र प्रदेश में प्रतिक्रिया

Kalissetti की घोषणा को आंध्र प्रदेश में काफी समर्थन मिला। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी इस पहल की तारीफ की और कहा कि दक्षिण के राज्यों में कम होती जनसंख्या चिंता का विषय है।

चंद्रबाबू नायडू ने उत्तर प्रदेश और बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है और युवाओं की संख्या भी अधिक है। इसलिए दक्षिण में भी जनसंख्या बढ़ाने के प्रयास ज़रूरी हैं।

राजनीतिक दृष्टिकोण में अंतर

Kalissetti का रुख कई राष्ट्रीय नेताओं के विचारों से अलग है। जहां कई दल, खासकर BJP के नेता, जनसंख्या नियंत्रण की वकालत करते हैं, वहीं TDP इस मामले में अलग राय रखती है।

TDP, जो NDA की सहयोगी है, का मानना है कि दक्षिण भारत जैसे क्षेत्रों में जनसंख्या वृद्धि की दिशा में कदम उठाना आवश्यक है।

सांस्कृतिक और आर्थिक पहलू

Kalissetti की योजना में आर्थिक और सांस्कृतिक दोनों पहलू शामिल हैं। ग्रामीण आंध्र प्रदेश में गाय का विशेष महत्व है, इसलिए तीसरे बेटे पर गाय देना स्थानीय परंपरा से जुड़ा है।

तीसरी बेटी पर नकद इनाम देने से वह बेटियों के महत्व को भी बढ़ावा देते हैं और लैंगिक भेदभाव को कम करने का संदेश देते हैं।

मिश्रित प्रतिक्रियाएं

इस पहल पर जनता और राजनीतिक हलकों में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आई हैं। समर्थकों का कहना है कि यह एक क्षेत्र-विशेष की ज़रूरत को ध्यान में रखकर बनाई गई योजना है।

वहीं, आलोचकों का कहना है कि कहीं भी जन्म दर बढ़ाना संसाधनों और पर्यावरण पर दबाव डाल सकता है। Kalissetti का कहना है कि उनकी योजना पूरे देश के लिए नहीं बल्कि केवल उन क्षेत्रों के लिए है, जहां जनसंख्या घट रही है।

पीएम मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा Kalissetti की तारीफ इस बात का संकेत है कि केंद्र सरकार क्षेत्र-विशेष की जरूरतों को ध्यान में रखने के लिए तैयार है। यह भी स्पष्ट होता है कि अलग-अलग राज्यों के लिए अलग नीतियों पर विचार किया जा सकता है।

आगे का रास्ता

हालांकि Kalissetti की योजना अभी बड़े पैमाने पर लागू नहीं हुई है, लेकिन इसे लेकर चर्चा और समर्थन बढ़ रहा है। अगर इसे लागू किया गया तो निगरानी और पारदर्शिता महत्वपूर्ण होगी, ताकि इसका लाभ सही परिवारों तक पहुंचे और किसी तरह का दुरुपयोग न हो।

Kalissetti इस पहल को महिलाओं के सशक्तिकरण से भी जोड़ते हैं, खासकर बेटियों के जन्म पर नकद इनाम देकर। यह न केवल जनसंख्या वृद्धि बल्कि सामाजिक संतुलन के लिए भी महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

Appalanayudu Kalissetti की अनोखी पहल ने जनसंख्या और विकास पर एक नया दृष्टिकोण दिया है। पीएम मोदी की तारीफ ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है।

यह पहल पारंपरिक सोच और आधुनिक प्रोत्साहन का मिश्रण है, जो क्षेत्र-विशेष की समस्याओं के समाधान के लिए एक उदाहरण बन सकती है। अब देखना होगा कि यह योजना व्यवहार में कैसे उतरती है और क्या यह अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन पाएगी।

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