मंगलवार तड़के मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ। यह हादसा माइलस्टोन 127 के पास कोहरे के कारण हुआ, जिसमें 5 बसें और कई कारें आपस में भिड़ गईं। इस हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हो गए। हादसे के बाद गाड़ियों में आग लग गई, जिससे राहत और बचाव कार्य और भी मुश्किल हो गया।
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हादसे की जानकारी और तुरंत की गई प्रतिक्रिया
यह हादसा सुबह करीब 4:30 बजे हुआ जब कानपुर से दिल्ली की ओर जा रही प्राइवेट बसें मथुरा में माइलस्टोन 127 के पास आपस में टकरा गईं। घने कोहरे की वजह से दृश्यता बहुत कम हो गई थी, जिससे वाहन एक-दूसरे से टकरा गए और फिर आग लग गई। इस दुर्घटना के बाद कई लोग घायल हो गए, और स्थिति को और अधिक जटिल बनाने के लिए गाड़ियों में आग लग गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस और फायर ब्रिगेड के कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्यों में जुट गए। एंबुलेंस भी जल्दी से मौके पर पहुंची और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भेजा। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए पूरी ताकत से काम किया।
मृतकों की संख्या और घायलों की हालत
इस भीषण हादसे में चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं, 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को अस्पताल में इलाज के लिए भेजा जा रहा है और उनकी स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए मुआवजे की घोषणा की है। मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख का मुआवजा दिया जाएगा और घायलों को ₹50,000 की सहायता दी जाएगी।
अधिकारी की टिप्पणियाँ और कार्रवाई
मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्लोक कुमार ने इस हादसे की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि यह हादसा साढ़े चार बजे के करीब हुआ था, जब कम विजिबिलिटी की वजह से सात बसें और तीन कारें आपस में टकरा गईं। इसके बाद वाहनों में आग लग गई। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें घटनास्थल पर तुरंत पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
“यह हादसा दृश्यता के कम होने के कारण हुआ। सभी राहत कार्य जारी हैं। अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है और 25 से अधिक लोग घायल हुए हैं,” श्लोक कुमार ने बताया।
मुआवजे की घोषणा और सड़क सुरक्षा
इस घटना के बाद, उत्तर प्रदेश रोडवेज ने भी मुआवजे की घोषणा की है। रोडवेज बसों के यात्रियों को ₹5 लाख का मुआवजा मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को जल्द से जल्द घटनास्थल का निरीक्षण करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है।
इसके अलावा, राज्य सरकार ने सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाने की योजना बनाई है। कोहरे के मौसम में वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
जांच और सार्वजनिक सुरक्षा
घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसे की असली वजह क्या थी। जबकि घने कोहरे के कारण कम दृश्यता मुख्य कारण माना जा रहा है, जांच में अन्य पहलुओं को भी देखा जाएगा।
यमुना एक्सप्रेसवे पर ऐसे हादसों से बचने के लिए सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की आवश्यकता महसूस हो रही है। खासकर जब कोहरा हो, तब ट्रैफिक कंट्रोल और जागरूकता अभियान और भी जरूरी हो जाते हैं। इस हादसे ने इस बात को और स्पष्ट कर दिया है कि उच्च-घनत्व वाले मार्गों पर सुरक्षा उपायों को बढ़ावा देना बहुत जरूरी है।
यमुना एक्सप्रेसवे पर हुई यह दुखद घटना न केवल पीड़ित परिवारों के लिए एक बड़ा सदमा है, बल्कि यह हमें सड़क सुरक्षा की गंभीरता पर भी सोचने के लिए मजबूर करती है। राज्य सरकार की ओर से तात्कालिक राहत के उपायों के बावजूद, यह हादसा यह दर्शाता है कि सड़कों पर सुरक्षा के उपायों को और मजबूत करना बेहद जरूरी है।
इस हादसे के बाद प्रशासन की ओर से जो कदम उठाए गए हैं, वे उम्मीद जताते हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि सड़क सुरक्षा की दिशा में जागरूकता और सुरक्षा उपायों में सुधार की आवश्यकता है।
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