बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 को लेकर महत्वपूर्ण दिशा निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने साफ शब्दों में कहा है कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। परीक्षा शुरू होने से ठीक एक घंटे पहले ही परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। इसके साथ ही परीक्षा प्रारंभ होने से आधे घंटे पहले मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। निर्धारित समय के बाद पहुंचने वाले परीक्षार्थियों को किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं मिलेगा।
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Bihar Board Exam 2026 में शामिल होने जा रहे लाखों छात्रों के लिए यह निर्देश बेहद अहम हैं। बोर्ड का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह अनुशासित, निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाना है।
Bihar Board Exam 2026 की परीक्षा तिथियां
बोर्ड द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी। वहीं, मैट्रिक या माध्यमिक वार्षिक परीक्षा 17 फरवरी से 25 फरवरी 2026 के बीच संपन्न होगी। इन परीक्षाओं में राज्य भर के छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।
इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों की भागीदारी को देखते हुए बिहार बोर्ड ने पहले से ही सख्त व्यवस्थाएं लागू कर दी हैं। प्रवेश समय से जुड़े नियम इन्हीं व्यवस्थाओं का हिस्सा हैं।
पहली पाली के लिए प्रवेश समय के निर्देश
Bihar Board Exam 2026 के तहत पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे शुरू होगी। इस पाली में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को सुबह 8:30 बजे से परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार सुबह 9:00 बजे बंद कर दिया जाएगा।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 9:00 बजे के बाद पहुंचने वाले किसी भी परीक्षार्थी को अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। ऐसे मामलों में किसी भी तरह की अपील स्वीकार नहीं की जाएगी।
दूसरी पाली के परीक्षार्थियों के लिए नियम
दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शुरू होगी। इस पाली के परीक्षार्थियों को दोपहर 1:00 बजे से परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिलेगा। मुख्य द्वार दोपहर 1:30 बजे बंद कर दिया जाएगा।
निर्धारित समय के बाद पहुंचने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बोर्ड ने यह भी कहा है कि देर से पहुंचने के कारण परीक्षा से वंचित होने की पूरी जिम्मेदारी स्वयं परीक्षार्थी की होगी।
छात्रों और अभिभावकों से Bihar Board की अपील
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने सभी परीक्षार्थियों, उनके अभिभावकों, विद्यालय प्रधानों और परीक्षा से जुड़े अधिकारियों से निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। बोर्ड का मानना है कि समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने से छात्रों का मानसिक तनाव कम होगा।
अभिभावकों से आग्रह किया गया है कि वे अपने बच्चों को परीक्षा के दिन समय से पहले घर से निकलने के लिए प्रेरित करें। ट्रैफिक, मौसम या अन्य कारणों से होने वाली देरी से बचने के लिए पहले से योजना बनाना जरूरी है।
सुरक्षा व्यवस्था और कदाचार पर नियंत्रण
Bihar Board Exam 2026 को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे। हर परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी।
प्रवेश समय को लेकर सख्ती को कदाचार रोकने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। बोर्ड का लक्ष्य है कि परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और नकल मुक्त तरीके से संपन्न हो।
कितने परीक्षार्थी, कितने परीक्षा केंद्र
मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 में कुल 15 लाख 12 हजार 963 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इन छात्रों के लिए राज्य भर में 1,699 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। वहीं, इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा में 13 लाख 17 हजार 846 परीक्षार्थी भाग लेंगे।
इंटर परीक्षा के लिए पूरे बिहार में 1,762 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए बोर्ड किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए सख्त नियम लागू कर रहा है।
समय प्रबंधन की सीख
शिक्षाविदों का मानना है कि Bihar Board Exam 2026 के ये निर्देश छात्रों में अनुशासन और समय प्रबंधन की आदत को मजबूत करेंगे। परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर समय की पाबंदी बेहद जरूरी होती है।
समय से पहले केंद्र पहुंचने पर छात्र शांत मन से परीक्षा दे पाते हैं। देर से पहुंचने पर घबराहट बढ़ जाती है, जिसका असर प्रदर्शन पर पड़ता है।
परीक्षा के दिन क्या रखें ध्यान
परीक्षार्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा केंद्र का स्थान पहले ही जांच लें। यात्रा के लिए पर्याप्त समय रखें और सभी जरूरी दस्तावेज साथ रखें। प्रवेश प्रक्रिया और सुरक्षा जांच में समय लग सकता है।
Bihar Board Exam 2026 के दौरान नियमों का पालन करने से परीक्षा प्रक्रिया सुचारू बनी रहेगी।
कुल मिलाकर, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा जारी किए गए ये निर्देश छात्रों के हित में हैं। समय की पाबंदी से न केवल परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था बनी रहेगी, बल्कि छात्रों को बेहतर माहौल भी मिलेगा।
जो परीक्षार्थी इन नियमों का पालन करेंगे, वे परीक्षा से वंचित होने के खतरे से बच सकेंगे। अनुशासन, तैयारी और समय प्रबंधन ही बोर्ड परीक्षा में सफलता की कुंजी है।
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