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दांतों की सड़न, पीलापन और मुंह की बदबू के कारण जानिए

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दांतों का स्वस्थ रहना उतना ही जरूरी है, जितना शरीर का सेहतमंद होना। दांतों में सड़न, पीलापन, मुंह से बदबू और मसूड़ों से खून बहने जैसी समस्याएं खराब ओरल हेल्थ का संकेत देती हैं। आजकल हर डेंटिस्ट दिन में दो बार ब्रश करने की सलाह देते हैं, लेकिन फिर भी कई लोग सिर्फ एक बार ही ब्रश करते हैं। ब्रशिंग से न केवल दांत साफ होते हैं, बल्कि यह अन्य मसूड़ों की समस्याओं को भी दूर करता है। एक अच्छी ओरल हेल्थ से आपका पाचन भी बेहतर होता है और मुंह से बदबू नहीं आती।

डेंटिस्ट मार्क बेंटले के अनुसार, अधिकतर लोग ब्रश करने के बाद एक खास गलती करते हैं, जिससे दांतों में कीड़े लग जाते हैं। यह गलती ऐसी है जिसे अधिकतर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन इसे ठीक करके आप दांतों की सड़न और पीलापन से बच सकते हैं।

दांतों में सड़न क्यों होती है?

जब हम खाना खाते हैं, तो खाने के महीन कण दांतों के कोने और बीच में फंस जाते हैं। अगर इन कणों को समय रहते नहीं निकाला गया, तो ये सड़न पैदा करना शुरू कर देते हैं। इन जगहों पर बैक्टीरिया जमने लगते हैं और धीरे-धीरे दांतों को खा जाते हैं, जिससे कालापन और सड़न होती है। इसके लिए दिन में दो बार ब्रश करना, एक बार फ्लॉस करना और एक बार टंग क्लीनिंग करना जरूरी है।

क्या काम नहीं करते?

डेंटिस्ट का कहना है कि अधिकांश लोग ब्रश तो कर लेते हैं, लेकिन फ्लॉसिंग करना भूल जाते हैं। फ्लॉसिंग से दांतों के बीच में फंसी हुई सड़न भी बाहर आ जाती है, जिससे दांतों में कैविटी (कीड़ा) नहीं बनती और पीलापन भी नहीं होता। कई लोगों को फ्लॉसिंग का सही तरीका भी नहीं पता होता, जो इसके प्रभाव को कम कर देता है।

सही फ्लॉसिंग का तरीका

फ्लॉसिंग का सही तरीका यह है कि फ्लॉस को दांतों के बीच में लगाकर हल्के हाथों से C आकार में घुमाएं। इसे बहुत हल्के से करें ताकि मसूड़ों पर चोट न लगे। इसी प्रक्रिया को आगे और पीछे के दांतों पर दोहराएं। फ्लॉसिंग के द्वारा दांतों के बीच फंसा हुआ खाना बाहर निकल जाता है और इससे सड़न की समस्या नहीं होती। दांत हमेशा साफ रहते हैं, पीलापन दूर रहता है और मुंह से बदबू भी नहीं आती। साथ ही, मसूड़े भी हेल्दी रहते हैं। कम से कम दिन में एक बार फ्लॉसिंग जरूर करें।

डेंटल केयर टिप्स

  • सबसे पहले, एक सॉफ्ट ब्रश की मदद से दांतों को अच्छे से ब्रश करें। दांतों के आगे-पीछे ब्रश को घुमाकर ब्रश करें।

  • फिर कुल्ला करने के बाद फ्लॉस करें। फ्लॉसिंग को कम से कम 1 मिनट तक करें ताकि दांतों के बीच की सारी गंदगी बाहर निकल जाए।

  • इसके बाद, जीभ को साफ करें और फिर अच्छे से कुल्ला करें। आप चाहें तो माउथ क्लीनर से भी कुल्ला कर सकते हैं।

  • हर छह महीने में एक बार डेंटल चेकअप जरूर कराएं। कई बार दांतों में सड़न आ जाती है, लेकिन हमें इसका पता नहीं चलता। डेंटल चेकअप से इसे समय पर पकड़ा जा सकता है।

स्वस्थ दांतों के लिए जरूरी है कि आप नियमित रूप से ब्रश करें, फ्लॉस करें, जीभ को साफ करें और नियमित डेंटल चेकअप कराएं। अगर आप इन आदतों को रोजाना अपनाएंगे, तो न केवल दांतों की सड़न से बचेंगे, बल्कि पीलापन और मुंह की बदबू जैसी समस्याओं से भी दूर रहेंगे।

दांतों की देखभाल सिर्फ अच्छे दांत पाने के लिए नहीं, बल्कि समग्र स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है। इसलिए, अपनी डेंटल हाइजीन को गंभीरता से लें और इन टिप्स को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

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