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एक देश एक कर, भारत में जीएसटी लागू

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पीएम मोदी ने बताया गुड एंड सिंपल टैक्स

नई दिल्ली। एक देश-एक कर के लक्ष्य वाला जीएसटी संसद के केंद्रीय कक्ष में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मध्यरात्रि में घंटा बजाए जाने के साथ लागू हो गया। प्रधानमंत्री ने इस महत्वपूर्ण कर सुधार की तुलना आजादी से करते हुए कहा कि यह देश के आर्थिक एकीकरण में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
इससे पहले संसद के केन्द्रीय कक्ष में हुई विशेष बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुखर्जी ने इसे ऐतिहासिक क्षण करार दिया और कहा कि यह कराधान के क्षेत्र में एक नया युग है जो कि केंद्र एवं राज्यों के बीच बनी व्यापक सहमति का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दायरे के लोगों द्वारा किया गया प्रयास है जिन्होंने दलगत राजनीति को परे रखते हुए राष्ट्र को आगे रखा।
सरकार का दावा है कि जीएसटी से आम उपभोग की वस्तुऐं महंगी नहीं होंगी। आम उपभोग की तमाम वस्तुओं को शून्य कर दायरे में रखा गया है। खुला खाद्य अनाज, ताजी सब्जियां, बिना माकार् वाला आटा, मैदा, बेसन, गुड़, दूध, अंडे, दही, लस्सी, खुला पनीर, बिना माकार् वाला प्राकतिक शहद, खजूर का गुड़, नमक, काजल, फूल भरी झाडू, बच्चों की ड्राइंग और रंग की किताबें, शिक्षा सेवायें और स्वास्थ्य सेवाओं पर जीएसटी नहीं लगेगा। इन्हें शून्य कर वर्ग में रखा गया है।
दूसरी तरफ चीनी, चायपत्ती, काफी के भुने दाने, खाद्य तेल, स्किम्ड दूध पाउडर, शिशुओं के लिये दूध आहार, पैक्ड पनीर, काजू, किशमिश, राशन में बिकने वाला मिटटी का तेल, रेलू एलपीजी, 500 रपये तक के चप्पल, जूते, 1,000 रपये तक के कपड़े, अगरबत्ती और कयर चटाई पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया जायेगा।
मक्खन, घी, बादाम, फलों का जूस, पैक नारियल पानी, सब्जियों, फलों, मेवे एवं पौधों के अन्य भागों से निर्मित खाद्य पदार्थ जिसमें अचार, मुरब्बा, चटनी, जैम और जैली शामिल है, छाता, मोबाइल को 12 प्रतिशत जीएसटी की श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा बालों के तेल, टूथपेस्ट, साबुन, पास्ता, कॉर्न फ्लैक्स, सूप, आइसक्रीम, कंप्यूटर, प्रिंटर सहित कुछ अन्य वस्तुओं पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेंगा।

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