2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में वैशाली जिले की राघोपुर विधानसभा सीट पर राजद के नेता तेजस्वी यादव ने शानदार जीत हासिल की। तेजस्वी यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सतीश कुमार को हराकर अपनी जीत दर्ज की। शुरुआती दौर में तेजस्वी यादव कुछ राउंड्स में पीछे चल रहे थे, लेकिन बाद में उन्होंने जबरदस्त वापसी की और सतीश कुमार को 14532 वोटों के अंतर से हराया। यह परिणाम तेजस्वी के लिए एक संतोषजनक राजनीतिक जीत साबित हुई है, जिसने महागठबंधन की स्थिति को थोड़ा सम्मानजनक रखा।
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राघोपुर चुनाव परिणाम 2025: करीबी मुकाबला
राघोपुर विधानसभा सीट पर तेजस्वी यादव और सतीश कुमार के बीच मुकाबला बेहद कड़ा रहा। शुरुआती राउंड्स में तेजस्वी यादव लगातार पीछे चल रहे थे। शाम 3:50 बजे, 16 राउंड की काउंटिंग के बाद, सतीश कुमार तेजस्वी यादव से 9,705 वोटों से आगे चल रहे थे। इसके बाद तेजस्वी यादव ने अपनी स्थिति सुधारनी शुरू की। शाम 3:32 बजे तक 14 राउंड्स में, तेजस्वी यादव 7,493 वोटों से पीछे थे, जबकि सतीश कुमार लगातार बढ़त बनाए हुए थे।
3:05 बजे तक 12 राउंड की काउंटिंग के बाद, तेजस्वी यादव को अभी भी 4,570 वोटों से पीछे रहना पड़ा था। फिर भी, काउंटिंग के अंतिम राउंड्स में तेजस्वी यादव ने अपनी पकड़ मजबूत की। 2:46 बजे, 11 राउंड की काउंटिंग के बाद, तेजस्वी यादव 4,829 वोटों से पीछे थे, जबकि सतीश कुमार अभी भी सबसे आगे थे लेकिन 19 राउंड के बाद, धीरे-धीरे तेजस्वी यादव ने अपनी स्थिति में सुधार किया और यह साफ हो गया कि तेजस्वी यादव जीत की ओर बढ़ रहे थे।
राघोपुर का ऐतिहासिक गढ़
राघोपुर विधानसभा सीट हमेशा से तेजस्वी यादव के लिए एक मजबूत गढ़ रही है। इस सीट पर उनका दबदबा लगातार बना हुआ है। 2020 के विधानसभा चुनाव में भी तेजस्वी यादव ने सतीश कुमार को 38,174 वोटों के बड़े अंतर से हराया था। इस बार भी मुकाबला कड़ा था, लेकिन तेजस्वी यादव ने अपनी मजबूत स्थिति का फायदा उठाया और विरोधियों को पीछे छोड़ दिया।
राघोपुर सीट पर महागठबंधन और एनडीए के बीच सियासी मुकाबला हमेशा ही महत्वपूर्ण रहा है। लोक जनशक्ति पार्टी के चिराग पासवान का भी इस क्षेत्र में प्रभाव है, जो एनडीए को समर्थन दे रहे हैं। राघोपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 3.45 लाख है, और यादव वोट बैंक यहां का सबसे प्रभावशाली वोट बैंक माना जाता है।
2025 चुनाव में राघोपुर की अहमियत और तेजस्वी की चुनौती
2025 के चुनाव में तेजस्वी यादव को अपने परंपरागत समर्थन को बनाए रखने में कुछ चुनौतियां आईं। हालांकि, सतीश कुमार ने पिछले चुनावों के अनुभव का फायदा उठाया। इस चुनाव में युवा मतदाताओं की भूमिका निर्णायक रही। राघोपुर क्षेत्र में युवा वर्ग ने अपनी आवाज को मजबूती से उठाया और यह देखा गया कि उन्होंने अपने वोट का असर डाला।
तेजस्वी यादव को इस चुनाव में अपनी पारंपरिक वोटबैंक को फिर से एकजुट करने की चुनौती थी। इसके बावजूद, उन्होंने अपने समर्थकों को एकजुट किया और एनडीए के खिलाफ मजबूत लड़ाई लड़ी। सतीश कुमार ने भी अच्छी मेहनत की, लेकिन तेजस्वी यादव ने अपनी राजनीति के दबदबे का इस्तेमाल करते हुए जीत हासिल की।
महागठबंधन के लिए यह जीत एक बड़ा संदेश
राघोपुर की जीत महागठबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। इस सीट पर जीत ने यह दिखा दिया कि तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी राघोपुर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी पकड़ बनाए रखने में सक्षम हैं। बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में यह जीत महागठबंधन के लिए एक संजीवनी का काम करेगी और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाएगी।



