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सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी आतंकी साजिश नाकाम की, फरीदाबाद में विस्फोटक जब्त

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 देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश करते हुए कई जगहों से विस्फोटक सामग्री बरामद की है। जम्मू-कश्मीर में विस्फोटक मिलने के बाद हाल ही में फरीदाबाद, हरियाणा से 350 किलो से ज्यादा अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया है। यह बरामदगी एक बड़े हमले की योजना की ओर इशारा करती है, जिसमें दो डॉक्टरों का नाम सामने आया है जो आतंकी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, फरीदाबाद में एक डॉक्टर के ठिकाने से 350 किलो से ज्यादा अमोनियम नाइट्रेट और दो रायफलें मिली हैं। इस मामले में डॉक्टर आदिल अहमद और डॉक्टर मुजम्मिल शकील को गिरफ्तार किया गया है। डॉक्टर आदिल अनंतनाग से, जबकि डॉक्टर मुजम्मिल शकील फरीदाबाद से पकड़े गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस आतंकी नेटवर्क में एक और डॉक्टर भी शामिल है, जो अभी फरार है।

फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार ने बताया कि यह एक संयुक्त अभियान है, जो हरियाणा पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस के बीच चल रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बरामद की गई सामग्री अमोनियम नाइट्रेट है, न कि आरडीएक्स।

आईएसआई कनेक्शन की आशंका

जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हाल ही में गुजरात एटीएस ने तीन संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक MBBS डॉक्टर भी शामिल है। इस डॉक्टर का आईएसआई से कनेक्शन सामने आया है, जिससे आतंकवादी नेटवर्क का पाकिस्तान से ताल्लुक होने का संदेह और मजबूत हो गया है।

फरीदाबाद से पकड़े गए डॉक्टर के पास से तीन मैगजीन, आठ बड़े कारतूस, तीन सूटकेस जिनमें विस्फोटक सामग्री थी, और 20 टाइमर, बैटरी तथा अन्य उपकरण मिले हैं। पुलिस का कहना है कि इस बरामदगी से यह साफ हो गया है कि किसी बड़े आतंकवादी हमले की योजना बनाई जा रही थी।

आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किस तरह हुआ

सुरक्षा एजेंसियों ने इस आतंकी नेटवर्क को कुछ समय से ट्रैक किया हुआ था। 27 अक्टूबर को श्रीनगर में जैश-ए-मोहम्मद से संबंधित पोस्टर सामने आए थे, जो आतंकवादी गतिविधियों को प्रदर्शित कर रहे थे। इसके बाद, 29 अक्टूबर को सीसीटीवी फुटेज में डॉक्टर आदिल अहमद की पहचान हुई।

6 नवंबर को डॉक्टर आदिल को सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया। उनकी गिरफ्तारी के बाद, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अनंतनाग में एक लॉकर से AK-47 और विस्फोटक सामग्री बरामद की। इससे आगे की पूछताछ के बाद फरीदाबाद में भी विस्फोटक सामग्री की जानकारी मिली और छापेमारी के दौरान 350 किलो से ज्यादा अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ।

सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और कार्रवाई

यह पूरा ऑपरेशन यह दर्शाता है कि आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और उनकी तत्परता कितनी महत्वपूर्ण है। फरीदाबाद में बरामद विस्फोटक और जम्मू-कश्मीर से मिली जानकारी से यह स्पष्ट होता है कि यह एक बड़ा आतंकी हमला होने वाला था। अब तक की जांच में यह संकेत मिल रहे हैं कि यह नेटवर्क बेहद संगठित था और इसमें शामिल लोग उच्च शिक्षा प्राप्त और पेशेवर थे।

जांच अभी जारी है, और सुरक्षा एजेंसियां शेष आरोपियों की तलाश कर रही हैं। इन घटनाओं ने देश की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं, लेकिन एजेंसियों की तत्परता और कार्रवाई से एक बड़ा खतरा टल गया है।

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