मंगलवार, अप्रैल 21, 2026 11:28 पूर्वाह्न IST
होमBiharनीतीश कुमार की राजनीति: सुशासन बाबू से पलटू राम तक | बिहार...

नीतीश कुमार की राजनीति: सुशासन बाबू से पलटू राम तक | बिहार चुनाव 2025

Published on

बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार एक ऐसा नाम हैं जिसे न अनदेखा किया जा सकता है और न ही आसानी से परिभाषित किया जा सकता है। बख्तियारपुर में 1 मार्च 1951 को जन्मे नीतीश, एक साधारण परिवार से निकलकर राज्य के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री बने और बिहार के राजनीतिक विमर्श का पर्याय बन गए। बचपन में ‘मुन्ना’ कहे जाने वाले नीतीश ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई NIT पटना (तत्कालीन बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग) से की, बिहार राज्य विद्युत बोर्ड की नौकरी ठुकराई और 70 के दशक के जेपी आंदोलन में कूदकर अपना राजनीतिक सफर शुरू किया।

जेपी आंदोलन: वैचारिक जमीन और साथियों से मुलाकात

  • 1974 के आंदोलन में सक्रिय भागीदारी, 19 महीने जेल और समाजवादी विचारधारा की दीक्षा ने उनके नेतृत्व का ढांचा तैयार किया।

  • इसी दौर में उनकी मुलाकात लालू प्रसाद यादव और सुशील कुमार मोदी से हुई, जो आगे चलकर बिहार की राजनीति की धुरी बने।

पहली जीत से दिल्ली तक

  • 1977 में हरनौत से पहली चुनावी कोशिश नाकाम रही, 1985 में वहीं से जीत मिली और विधानसभा की राजनीति में प्रवेश हुआ।

  • 1987 में युवा लोकदल के अध्यक्ष बने, 1989 में बाढ़ से लोकसभा पहुँचे और केंद्र में कृषि राज्य मंत्री बने।

  • 1994 में जॉर्ज फर्नांडीस के साथ समता पार्टी बनाई, जिससे राष्ट्रीय राजनीति में उनकी पहचान और मजबूत हुई।

मुख्यमंत्री पद: रिकॉर्ड, ठहराव और वापसी

  • पहली बार 3 मार्च 2000 को मुख्यमंत्री बने, पर बहुमत न होने से 7 दिन में इस्तीफा; यह कार्यकाल सबसे छोटे कार्यकालों में गिना जाता है।

  • नवंबर 2005 में NDA के साथ पूर्ण बहुमत से सत्ता में लौटे और ‘सुशासन बाबू’ की छवि बनी।

  • कानून-व्यवस्था में सख्ती, 36 हजार किमी ग्रामीण सड़कों का निर्माण, लड़कियों की साइकिल योजना जैसे फैसलों से शासन मॉडल चर्चा में आया; गाँवों तक बिजली आपूर्ति ने सामाजिक-आर्थिक संकेतकों पर असर डाला।

गठबंधन की राजनीति से ‘पलटू राम’ तक का सफ़र

  • 2013 में BJP से अलगाव, 2015 में RJD-कांग्रेस के साथ महागठबंधन, 2017 में फिर NDA में वापसी।

  • 2022 में दोबारा महागठबंधन, 2024 में फिर NDA के साथ—लगातार पुनर्संयोजनों ने विश्वसनीयता पर सवाल उठाए और उन्हें ‘पलटू राम’ कहने वाली धारा को बल दिया।

  • समर्थक इसे व्यावहारिक राजनीति और स्थिर शासन की प्राथमिकता बताते हैं, विरोधी इसे अवसरवाद मानते हैं।

2025 का चुनाव: ‘लास्ट टेस्ट’ या टर्निंग पॉइंट

  • इस बार BJP और JDU के बीच सीटों का 101-101 का बराबरी बंटवारा असामान्य संकेत देता है, क्योंकि पारंपरिकतः JDU ज्यादा सीटों पर लड़ती रही है।

  • स्वास्थ्य, एंटी-इनकम्बेंसी, तेजस्वी यादव की सक्रियता और प्रशांत किशोर के जन सुराज जैसे कारक चुनौती पेश कर रहे हैं।

  • दूसरी ओर, NDA के केंद्र में सत्ता, JDU की उपयोगिता, महिला मतदाताओं में उनकी पकड़ और गठबंधन प्रबंधन की सिद्ध महारत उनके पक्ष में खड़ी दिखती है।

नेरेटिव बनाम विकल्प

  • बिहार की राजनीति को करीब से देखने वाले विश्लेषक मानते हैं कि फिलहाल राज्य में नीतीश का वैकल्पिक, सर्वमान्य चेहरा स्पष्ट नहीं है।

  • यही कारण है कि NDA रणनीतिक रूप से 2025 का चुनाव उनके नेतृत्व में लड़ना सुरक्षित मान रही है, जबकि आलोचक इसे उनकी संभावित ‘अंतिम पारी’ भी कह रहे हैं।

अधूरी कहानी, पूरा प्रभाव

इंजीनियरिंग दिमाग और सोशल इंजीनियरिंग के संतुलन से नीतीश कुमार ने दो दशकों तक बिहार की राजनीति की दिशा तय की। उन्हें आप ‘सुशासन बाबू’ कहें या ‘पलटू राम’, यह तथ्य बना रहता है कि बिहार की राजनीति का कोई भी बड़ा अध्याय उनके बिना अधूरा लगता है। 2025 का जनादेश तय करेगा कि यह कहानी आगे कितनी दूर तक जाती है—पर इतिहास में उनकी राजनीतिक भूमिका दर्ज रहनी तय है।

Latest articles

ब्लैक फ्राइडे: एक खामोश हकीकत

यह एक खामोश हकीकत है। अगर एक फिल्म... सिर्फ एक घटना को दिखा रही...

बिहार में RTI सिस्टम ध्वस्त! 30,000 अपीलें लंबित, हाई कोर्ट सख्त—क्या खत्म हो रही पारदर्शिता?

KKN ब्यूरो। बिहार में पारदर्शिता की रीढ़ मानी जाने वाली सूचना का अधिकार (RTI)...

बंगाल 2026: असली लड़ाई वोट की नहीं, सिस्टम की है

पश्चिम बंगाल की राजनीति अब सिर्फ चुनाव नहीं रह गई है… यह लड़ाई बन...

नीतीश युग का अंत या नई शुरुआत? सम्राट चौधरी के हाथों में बिहार की सत्ता का नया समीकरण

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ी हुई है…...

More like this

00:04:44

ब्लैक फ्राइडे: एक खामोश हकीकत

यह एक खामोश हकीकत है। अगर एक फिल्म... सिर्फ एक घटना को दिखा रही...

बिहार में RTI सिस्टम ध्वस्त! 30,000 अपीलें लंबित, हाई कोर्ट सख्त—क्या खत्म हो रही पारदर्शिता?

KKN ब्यूरो। बिहार में पारदर्शिता की रीढ़ मानी जाने वाली सूचना का अधिकार (RTI)...
00:08:40

बंगाल 2026: असली लड़ाई वोट की नहीं, सिस्टम की है

पश्चिम बंगाल की राजनीति अब सिर्फ चुनाव नहीं रह गई है… यह लड़ाई बन...

नीतीश युग का अंत या नई शुरुआत? सम्राट चौधरी के हाथों में बिहार की सत्ता का नया समीकरण

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ी हुई है…...
00:04:17

क्या टीपू सुल्तान हीरो थे या विवादित शासक?

क्या आप जानते हैं कि 18वीं सदी में भारत के एक राजा ने रॉकेट...
00:06:38

क्या 2035 तक पानी के लिए जंग शुरू हो जाएगी?

भारत में दुनिया की करीब 18% आबादी रहती है… लेकिन मीठे पानी का स्रोत...
00:09:20

क्या पश्चिम बंगाल का 2026 विधानसभा चुनाव सिर्फ सत्ता की लड़ाई है

इस वीडियो में हम पश्चिम बंगाल की राजनीति के उस खतरनाक मोड़ का विश्लेषण...
00:06:19

क्या सच में चाणक्य ने बच्चे को जहर देकर बनाया सम्राट?

क्या यह सच है… कि एक अपमान ने इतिहास की दिशा बदल दी? क्या...
00:06:38

क्या भविष्य में आपका अस्तित्व सिस्टम के कंट्रोल में होगा?

क्या आपने कभी सोचा है… कि अगर एक दिन आपकी पहचान… आपका पैसा… और...
00:06:44

क्या आपकी सोच कंट्रोल हो रही है? जानिए डिजिटल वॉरफेयर का असली सच

क्या आपने कभी सोचा है… कि अचानक एक ही खबर हर प्लेटफॉर्म पर क्यों...
00:07:36

काबुल की उस रात क्या हुआ था | जासूस Falcon का रहस्य

काबुल की एक सर्द रात… एक गुमनाम शख्स… और एक ऐसा राज… जो पूरी...

बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जारी

बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने आखिरकार बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जारी कर...

बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026: आज नहीं… तो कब?

बिहार में लाखों छात्रों के बीच शनिवार को उस वक्त हलचल मच गई, जब...
00:05:58

क्या आपकी जेब सरकार के कंट्रोल में है? | Digital Currency का खतरनाक सच

क्या आपने कभी सोचा है कि एक दिन आपकी जेब में रखा पैसा… आपका...
00:09:39

क्या तीसरा विश्व युद्ध शुरू हो चुका है? | Data War Explained | Invisible Digital War 2026

क्या दुनिया एक ऐसी जंग के दौर में प्रवेश कर चुकी है… जो दिखाई...