दरभंगा में बुधवार शाम को एक सुनार की बुरी तरह से कटी हुई लाश मिलने के बाद शहर में तनाव का माहौल बन गया। यह घटना दरभंगा-मुजफ्फरपुर चार लेन हाईवे पर रानीपुर के पास सादर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई। यह भयावह घटना इलाके में भारी आक्रोश का कारण बनी और स्थानीय लोगों ने लगभग पांच घंटे तक हाईवे को अवरुद्ध कर दिया। लोगों का आरोप था कि पुलिस इस मामले को सड़क दुर्घटना के रूप में दबाने की कोशिश कर रही है।
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मृतक की पहचान: मनीष कुमार गुप्ता
मृतक की पहचान मनीष कुमार गुप्ता के रूप में हुई है, जो वासुदेव प्रसाद गुप्ता के बेटे थे और गणेश मंदिर चौक, हसनचक में रहते थे। मनीष गंगा मार्केट में दरभंगा टॉवर के पास स्थित एक आभूषण की दुकान के मालिक थे। उनकी शरीर के टुकड़े-टुकड़े होने की घटना ने स्थानीय निवासियों को गहरे सदमे में डाल दिया और मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।
परिवार का आरोप: साजिश और हत्या
परिवार के सदस्यों के अनुसार, मनीष बुधवार दोपहर करीब 3 बजे घर वापस आए थे और प्रसाद खाने के बाद अचानक किसी से फोन कॉल आने पर घर छोड़कर चले गए। वे अपना मोबाइल फोन भी घर छोड़ गए थे। लगभग एक घंटे बाद परिवार को यह दुखद खबर मिली कि उनकी लाश हाईवे पर कटी-फटी हालत में पाई गई है।
परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि मनीष की हत्या कर दी गई और उनके शरीर को सड़क पर इस तरह फेंक दिया गया कि यह एक सड़क दुर्घटना लगे। उन्होंने घटनास्थल पर खून के कोई निशान न होने का हवाला देते हुए कहा कि मनीष की सोने की चेन और चार से पांच अंगूठियां गायब थीं। इस पर परिवार के एक सदस्य ने कहा, “मनीष कभी पैदल नहीं चलता था। वह बिना मोबाइल के छह किलोमीटर कैसे चला? यह स्पष्ट रूप से हत्या है, न कि दुर्घटना।”
आक्रोश और सड़क जाम
जैसे ही यह खबर फैली, सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए। जब पुलिस ने शुरू में इसे ई-रिक्शा दुर्घटना का परिणाम बताया, तो भीड़ में गुस्सा बढ़ गया और लोगों ने हाईवे को जाम कर दिया। लोग पुलिस पर आरोप लगा रहे थे कि वे मामले की ठीक से जांच करने के बजाय उसे छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।
सड़कों पर यह जाम लंबी यातायात जाम का कारण बना, जिससे दोनों तरफ घंटों तक वाहनों की आवाजाही रुकी रही।
वरिष्ठ अधिकारियों की प्रतिक्रिया और पुलिस की जांच
प्रदर्शन बढ़ने पर सादर एसडीओ विकास कुमार और एसडीपीओ राजीव कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने पुलिस बल के साथ लोगों को शांत किया। अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि इस मामले को हत्या के रूप में दर्ज किया जाएगा और निष्पक्ष जांच की जाएगी।
इन्हीं आश्वासनों के बाद ही लोगों ने सड़क जाम खोला और यातायात फिर से धीरे-धीरे सामान्य हुआ।
इसी बीच, सादर थाना प्रभारी मनोज कुमार ने पुष्टि की कि मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा, “जांच जारी है, और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।”
दरभंगा में गुस्से का माहौल और न्याय की मांग
इस घटना ने दरभंगा में व्यापक आक्रोश उत्पन्न किया है और शहर के लोग मनीष कुमार गुप्ता की हत्या के मामले में तेजी से न्याय की मांग कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुलिस को मामले की गंभीरता से जांच करनी चाहिए और दोषियों को शीघ्र सजा दिलवानी चाहिए।
जांच की दिशा और आगे क्या होगा?
हालांकि यह घटना पहले सड़क दुर्घटना के रूप में सामने आई थी, लेकिन अब पुलिस ने इसे हत्या के रूप में दर्ज कर लिया है। जांच के तहत पुलिस ने घटनास्थल से सबूत इकट्ठा किए हैं, और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। अब यह इंतजार किया जा रहा है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या खुलासा होता है और क्या परिवार के आरोप सही हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे जांच को पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष बनाएंगे और हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए सभी कदम उठाएंगे।
सार्वजनिक आक्रोश और पुलिस पर सवाल
स्थानीय लोगों का गुस्सा तब और बढ़ गया जब पुलिस ने शुरू में इसे सड़क दुर्घटना बताया। लोगों का कहना था कि पुलिस पहले से ही इस मामले को कम करके आंकने की कोशिश कर रही थी। उनके लिए यह बात असहनीय थी, और वे मामले की पूरी पारदर्शिता की मांग कर रहे थे। इस वजह से गुस्साए स्थानीय निवासियों ने सड़क जाम किया और घंटों तक पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
यह स्थिति दरभंगा की शांतिपूर्ण समुदाय को हिला कर रख दी और यह सवाल खड़ा किया कि क्या स्थानीय पुलिस को गंभीर मामलों में निष्पक्षता से काम करने के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण और दिशा-निर्देश दिए जाते हैं।
समुदाय की प्रतिक्रिया: परिवार के साथ एकजुटता
इस दुखद घटना के बाद, दरभंगा के लोग मृतक के परिवार के साथ एकजुट हो गए हैं। कई लोग मनीष कुमार गुप्ता की हत्या के मामले में त्वरित न्याय की मांग कर रहे हैं। इस मामले ने न केवल परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है, बल्कि स्थानीय समुदाय को भी एकजुट कर दिया है।
मनीष कुमार गुप्ता की हत्या ने दरभंगा में एक गंभीर मुद्दा उठाया है, जहां लोग न्याय की उम्मीद कर रहे हैं। परिवार और स्थानीय लोग पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं कि वह हत्या के मामले को दुर्घटना के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, पुलिस ने अब इसे हत्या के रूप में दर्ज किया है और जांच जारी है।
अब यह इंतजार किया जा रहा है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य सबूत मामले की दिशा तय करेंगे। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्हें पूरी पारदर्शिता के साथ जांच का सामना करना चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
यह घटना दरभंगा में बढ़ते अपराध और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल खड़ा करती है। जनता को उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें मनीष कुमार गुप्ता की हत्या के मामले में न्याय मिलेगा।
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