होमBiharPM मोदी नें आज मन की बात में, दुर्गा पूजा छठ पर्व...

PM मोदी नें आज मन की बात में, दुर्गा पूजा छठ पर्व और नारीशक्ति की प्रशंसा की

Published on

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 28 सितंबर 2025 को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 126वें एपिसोड के माध्यम से देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने नवरात्रि, दुर्गा पूजा, छठ महापर्व और नारीशक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने नवरात्रि का उल्लेख करते हुए इसे शक्ति की उपासना का समय बताया और नारीशक्ति का उत्सव मनाने की बात की। साथ ही, उन्होंने भारत की बेटियों की उपलब्धियों को भी सराहा, जो अब विभिन्न क्षेत्रों जैसे बिजनेस, स्पोर्ट्स, एजुकेशन और साइंस में अपना परचम लहरा रही हैं।

नवरात्रि और नारीशक्ति का उत्सव

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नवरात्रि का समय शक्ति की उपासना का होता है। इस दौरान हम नारीशक्ति का उत्सव मनाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से भारत की बेटियों की सराहना की, जो विभिन्न क्षेत्रों में न केवल अपनी पहचान बना रही हैं बल्कि देश को गर्व महसूस करा रही हैं। प्रधानमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि बेटियां अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, चाहे वह बिजनेस हो, खेल, शिक्षा, या विज्ञान। आज भारत की बेटियां हर जगह अपनी सफलता का परचम लहरा रही हैं और यही इस नवरात्रि का असली संदेश है।

पश्चिम बंगाल की दुर्गा पूजा का उल्लेख

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान पश्चिम बंगाल की दुर्गा पूजा का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के प्रयासों से कोलकाता की दुर्गा पूजा को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर (Intangible Cultural Heritage) सूची में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से न केवल भारत के सांस्कृतिक इतिहास को वैश्विक पहचान मिली है, बल्कि इससे अन्य सांस्कृतिक आयोजनों को भी वैश्विक मंच पर मान्यता मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अगर हम अपने सांस्कृतिक आयोजनों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलवाने में सफल होते हैं, तो दुनिया भर के लोग इन आयोजनों के बारे में अधिक जानने, समझने और उनमें भाग लेने के लिए आगे आएंगे। इस प्रकार, हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर साझा कर सकते हैं और उसका प्रचार कर सकते हैं।

छठ पूजा की महिमा और यूनेस्को में शामिल करने की कोशिश

इसके साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी ने महापर्व छठ पूजा का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारत सरकार छठ पूजा को भी यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए प्रयासरत है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब यह पर्व यूनेस्को की सूची में शामिल होगा, तब इसकी भव्यता और दिव्यता को पूरी दुनिया में अनुभव किया जा सकेगा।

प्रधानमंत्री ने छठ पूजा की महिमा बताते हुए कहा कि यह पर्व न केवल भारत के विभिन्न हिस्सों में मनाया जाता है, बल्कि अब इसकी भव्यता और महत्व वैश्विक स्तर पर भी महसूस किया जा रहा है। यह पर्व सूर्य देवता को समर्पित होता है और विशेष रूप से दिवाली के बाद मनाया जाता है, जिसमें डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह पर्व भारतीय संस्कृति की विशेषता को दर्शाता है, और इसके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने से भारत की सांस्कृतिक विविधता और समृद्धि को और बढ़ावा मिलेगा।

‘मन की बात’ के इस एपिसोड की खास बातें

यह ‘मन की बात’ एपिसोड देश में 22 सितंबर 2025 से लागू हुए नए जीएसटी टैक्स स्लैब के बाद पहला कार्यक्रम था। प्रधानमंत्री मोदी ने जीएसटी की नई व्यवस्था पर भी चर्चा की और इसे भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इस नई व्यवस्था से व्यापार और व्यापारियों को नई दिशा मिलेगी, और इससे अर्थव्यवस्था को एक मजबूती मिलेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान देशवासियों से अपील की कि वे अपने सांस्कृतिक उत्सवों और परंपराओं को गर्व से मनाएं और उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जब हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर को दुनिया तक पहुंचाते हैं, तो हम न केवल अपनी संस्कृति का सम्मान करते हैं, बल्कि पूरे देश को गर्व महसूस कराते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’ के इस एपिसोड में नवरात्रि, दुर्गा पूजा, छठ पूजा और नारीशक्ति के महत्व को रेखांकित किया गया। उन्होंने भारत की बेटियों की सराहना की और यह बताया कि आज के समय में वे हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर रही हैं। साथ ही, उन्होंने छठ पूजा और दुर्गा पूजा को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने के भारत सरकार के प्रयासों को भी साझा किया।

प्रधानमंत्री मोदी के इस संदेश से यह स्पष्ट है कि सांस्कृतिक धरोहर और नारीशक्ति को सम्मान देना और उनका प्रचार करना आवश्यक है। जब हमारे सांस्कृतिक आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाएंगे, तो इससे देश की संस्कृति को एक नई पहचान मिलेगी। यह ‘मन की बात’ एपिसोड देशवासियों के लिए प्रेरणादायक था और आगे आने वाले समय में हमें अपनी सांस्कृतिक धरोहर को गर्व से मनाने और उसे वैश्विक पहचान दिलाने के लिए और अधिक प्रयास करने की प्रेरणा देता है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

मोहम्मद रफी के आखरी अल्फाज- तो, मैं चलूं….

महान पार्श्व गायक मो. रफी आज हमारे बीच भले नही हो, किंतु, उन्हें भूलना...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

ग्रामीण सड़कों के ‘जानलेवा’ स्पीड ब्रेकर: सुरक्षा के नाम पर जनता की जेब और सेहत पर हमला?

KKN ब्यूरो। ग्रामीण भारत में पक्की सड़कों का जाल तेजी से बिछा है। प्रधानमंत्री...

More like this

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

ग्रामीण सड़कों के ‘जानलेवा’ स्पीड ब्रेकर: सुरक्षा के नाम पर जनता की जेब और सेहत पर हमला?

KKN ब्यूरो। ग्रामीण भारत में पक्की सड़कों का जाल तेजी से बिछा है। प्रधानमंत्री...

बिहार के किसान और बेरोजगार: आखिर क्या है असली समाधान?

बिहार की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी नहीं, आय की कमी है KKN ब्यूरो। बिहार की...

भरत तिवारी एनकाउंटर: कानून का सवाल, जाति की बहस और सच की तलाश

KKN ब्यूरो। भोजपुर के बिलौटी गांव का एक युवक...। फेसबुक लाइव...। पुलिस पर पिस्टल...

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...

दल-बदल की राजनीति पर लगाम कब?

लोकतंत्र का सबसे बड़ा सवाल: विचारधारा बड़ी या सत्ता? कौशलेन्द्र झा KKN ब्यूरो। भारतीय राजनीति में...

श्रेष्ठता का भ्रम: जब गाली, दोषारोपण और अपमान बन जाते हैं सामाजिक फैशन

क्या दूसरों को नीचा दिखाकर कोई वास्तव में बड़ा बन सकता है? KKN ब्यूरो। आज...

भारत का भविष्य: कौन-कौन से खतरे दरवाजे पर खड़े हैं? और क्या भारत तैयार है?

KKN ब्यूरो। भारत 21वीं सदी की सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।...

हिन्दी पत्रकारिता: मिशन से बाज़ार तक का सफर

क्या हिन्दी पत्रकारिता आज भी जनता की आवाज़ है? हिन्दी पत्रकारिता दिवस विशेष KKN ब्यूरो। क्या...

“हाँ इश्क है” के लोकार्पण समारोह में जुटे कवि और साहित्य प्रेमी, पटना में दिखा साहित्य का रंग

पटना में रविवार को साहित्य, कविता और रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक यादगार आयोजन देखने...

बिहार पर कितना कर्ज? विकास की रफ्तार के पीछे छिपा आर्थिक दबाव

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में विकास और विशेष राज्य के दर्जे की बहस...

बिहार की अर्थव्यवस्था: तेज़ रफ्तार विकास के पीछे छिपी गरीबी, पलायन और संभावनाएं

क्या बिहार सचमुच बदल रहा है? या आंकड़ों की चमक के पीछे अब भी...

बिहार में ‘सम्राट कैबिनेट’ का बड़ा दांव, निशांत को स्वास्थ्य तो बीजेपी के पास गई शिक्षा की कमान

KKN ब्यूरो। बिहार की नई सत्ता व्यवस्था अब पूरी तरह आकार ले चुकी है।...

क्या बिहार में बदलेगी सत्ता की स्क्रिप्ट या दोहराएगा इतिहास?

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति में सचमुच एक युग का अंत और दूसरे...