बिहार एक बार फिर इतिहास रचने जा रहा है। राजधानी पटना से सटे सारण जिले के मस्तीचक में दुनिया का सबसे बड़ा आई हॉस्पिटल बनाया जाएगा। शनिवार को अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की नींव रखी गई। यह अस्पताल एक हजार बेड का होगा और हर साल यहां 3 लाख आंखों की सर्जरी नि:शुल्क की जा सकेगी।
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भूमिपूजन के अवसर पर अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के एडवाइजरी बोर्ड मेंबर शशि सिन्हा भी मौजूद रहे।
2027 तक तैयार होगा अस्पताल
अस्पताल निर्माण का लक्ष्य मार्च 2027 तक रखा गया है। इस प्रोजेक्ट में शंकरा आई फाउंडेशन, यूएसए सहयोग कर रहा है।
अस्पताल में 19 ऑपरेशन थिएटर और 50 जांच कक्ष बनाए जाएंगे। योजना है कि वर्ष 2030 तक वार्षिक सर्जरी क्षमता को बढ़ाकर 5 लाख तक पहुंचाया जाए।
अभी बिहार में हर साल लगभग 10 लाख मोतियाबिंद और आंखों से जुड़ी अन्य बीमारियों की सर्जरी की जरूरत होती है, लेकिन राज्य के पास इतनी बड़ी क्षमता नहीं है। मस्तीचक का यह अस्पताल इस कमी को पूरा करेगा।
आयुष्मान भारत से होगा बड़ा फायदा
अखंड ज्योति अस्पताल की एक इकाई सारण में पहले से काम कर रही है, जो 2005 से सक्रिय है। अब तक इस संस्थान ने 12 लाख से ज्यादा सर्जरी की हैं, जिनमें से लगभग 80% पूरी तरह नि:शुल्क रही हैं।
आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को विश्वस्तरीय इलाज उपलब्ध कराने में इस संस्थान की भूमिका सबसे अहम रही है। चिकित्सकों का कहना है कि नेत्रहीनता केवल व्यक्ति तक सीमित समस्या नहीं है बल्कि यह पूरे परिवार की रोज़ी-रोटी पर असर डालती है।
संस्थान का मकसद सिर्फ इलाज नहीं
अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के सह संस्थापक और सीईओ मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल लोगों की आंखों की रोशनी लौटाना ही नहीं बल्कि समाज में महिला सशक्तीकरण को भी बढ़ावा देना है।
ग्रामीण लड़कियों को फुटबॉल की ट्रेनिंग देकर उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाया जा रहा है। नया अस्पताल बनने के बाद वर्तमान में चल रहे 500 बेड के अखंड ज्योति हॉस्पिटल को आईकेयर के सुपर स्पेशियलिटी विभागों तक सीमित कर दिया जाएगा।
वर्तमान में जहां रोज़ाना 700 ओपीडी की क्षमता है, उसे बढ़ाकर 1200 ओपीडी प्रतिदिन किया जाएगा।
अन्य जिलों में भी होगा विस्तार
बिहार के भोजपुर और भागलपुर जिलों में 50-50 हजार सर्जरी की क्षमता वाले नए अस्पताल बनाए जाएंगे।
इसके अलावा पूर्णिया, समस्तीपुर और उत्तर प्रदेश के बलिया में पहले से मौजूद यूनिट्स का भी विस्तार किया जाएगा। इन सबके बाद अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल की वार्षिक क्षमता 5 लाख से अधिक सर्जरी तक पहुंच जाएगी।
सरकार और विशेषज्ञों की राय
केंद्र सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार अनंथा नागेश्वरन ने कहा कि विकसित भारत के लिए अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल की सफलता और विस्तार बेहद जरूरी है।
सिंगापुर स्थित वरिष्ठ सलाहकार जयेश पारेख ने फुटबॉल टू आईबॉल प्रोग्राम को संस्थान की नींव बताया और कहा कि यह पहल समाजिक बदलाव के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र को जोड़ती है।
भूमिपूजन के मौके पर जन्मजात मोतियाबिंद से पीड़ित बच्ची तान्या की नि:शुल्क सफल सर्जरी की गई और उसे दवाओं का किट भी दिया गया।
मस्तीचक में बनने वाला यह अस्पताल न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे देश को वर्ल्ड क्लास आई केयर सुविधाएं देगा। लाखों गरीब मरीजों को नि:शुल्क सर्जरी का लाभ मिलेगा और राज्य स्वास्थ्य सेवाओं में नए अध्याय की शुरुआत करेगा।



