होमBiharBPSC 71वीं प्रारंभिक परीक्षा 2025: तिथि घोषित, 4.70 लाख से अधिक ने...

BPSC 71वीं प्रारंभिक परीक्षा 2025: तिथि घोषित, 4.70 लाख से अधिक ने किया आवेदन

Published on

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने आधिकारिक तौर पर 71वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा (BPSC Prelims 2025) की तिथि घोषित कर दी है। आयोग की अधिसूचना के अनुसार यह परीक्षा 13 सितंबर 2025 (शनिवार) को पूरे बिहार राज्य के सभी जिलों में एक साथ आयोजित की जाएगी। परीक्षा का समय दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक तय किया गया है।

बीपीएससी की अधिसूचना और दिशा-निर्देश

पटना स्थित मुख्यालय से जारी अधिसूचना में आयोग ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय से परीक्षा केंद्र पर पहुंचे और exam guidelines का पालन करें।

जल्द ही आयोग की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर एडमिट कार्ड अपलोड कर दिए जाएंगे। प्रवेश पत्र में परीक्षा केंद्र, उसका पूरा पता और जिला अंकित होगा।

बीपीएससी ने साथ ही उम्मीदवारों को चेतावनी दी है कि किसी भी तरह की fake news या misleading जानकारी पर ध्यान न दें। आयोग ने साफ कर दिया है कि परीक्षा की आधिकारिक तिथि 13 सितंबर 2025 ही है और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।

रिकॉर्ड आवेदन और बढ़ती प्रतिस्पर्धा

71वीं बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा इस बार एक बड़े पैमाने पर आयोजित हो रही है। आवेदन प्रक्रिया 2 जून से 30 जून 2025 तक चली और इस दौरान कुल 4,70,510 उम्मीदवारों ने आवेदन किया।

सिर्फ अंतिम दिन यानी 30 जून को ही 83,133 से अधिक फॉर्म भरे गए। यह आंकड़ा बताता है कि परीक्षा कितनी लोकप्रिय है और इसमें प्रतिस्पर्धा कितनी कड़ी होगी।

कुल रिक्तियां और पदों का विवरण

इस बार बीपीएससी की परीक्षा 1298 पदों के लिए आयोजित हो रही है। ये पद राज्य की विभिन्न महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं।

इनमें शामिल हैं:

  • 100 वरीय उप समाहर्ता (Deputy Collector)

  • 14 पुलिस उपाधीक्षक (DSP)

  • 79 वित्त प्रशासनिक पदाधिकारी (FAO)

  • 459 प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी

  • 502 प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी

इन पदों के जरिए उम्मीदवारों को बिहार प्रशासन की प्रमुख सेवाओं में नियुक्ति मिलेगी।

परीक्षा का महत्व और पैटर्न

बीपीएससी परीक्षा बिहार ही नहीं बल्कि देशभर के सबसे कठिन state-level competitive exams में से एक मानी जाती है। लाखों उम्मीदवार हर साल इसमें शामिल होते हैं, लेकिन चुनिंदा लोग ही सफलता हासिल कर पाते हैं।

71वीं परीक्षा का महत्व और भी बढ़ गया है क्योंकि इस बार बड़ी संख्या में पद उपलब्ध हैं। प्रारंभिक परीक्षा objective format में होगी और अभ्यर्थियों को OMR शीट पर उत्तर देने होंगे। परीक्षा की अवधि 120 मिनट यानी दो घंटे की होगी।

इसमें general studies, current affairs, history, polity, economy और geography जैसे विषयों से सवाल पूछे जाएंगे।

तैयारी और अभ्यर्थियों की चुनौतियां

इस बार आवेदन संख्या और रिक्तियों का अनुपात बताता है कि प्रतिस्पर्धा बेहद कठिन होगी। 4.70 लाख उम्मीदवारों में से सिर्फ 1298 को मौका मिलेगा, यानी सफलता का प्रतिशत बेहद कम है।

अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर admit card, photo ID और passport size photographs लेकर पहुंचना होगा। बीपीएससी ने स्पष्ट किया है कि देर से पहुंचने वालों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा।

राजनीतिक और सामाजिक महत्व

बीपीएससी परीक्षा से जो पद भरे जाते हैं, वे सीधे तौर पर राज्य की प्रशासनिक और सामाजिक व्यवस्था को प्रभावित करते हैं। Deputy Collector और DSP जैसे पद न केवल प्रतिष्ठा से जुड़े हैं, बल्कि उनकी जिम्मेदारी भी बड़ी होती है।

यही वजह है कि इस परीक्षा को बिहार के युवाओं के बीच सबसे ज्यादा लोकप्रिय माना जाता है।

बीपीएससी 71वीं प्रारंभिक परीक्षा 2025 का आयोजन अब पूरी तरह तय हो चुका है। 13 सितंबर 2025 को लाखों उम्मीदवार इस प्रतिष्ठित परीक्षा में शामिल होंगे।

1298 पदों के लिए होने वाली इस परीक्षा ने पहले ही रिकॉर्ड आवेदन संख्या के जरिए इतिहास रच दिया है। बीपीएससी ने उम्मीदवारों से अपील की है कि वे bpsc.bihar.gov.in से एडमिट कार्ड डाउनलोड करें, समय से परीक्षा केंद्र पहुंचे और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

यह परीक्षा केवल एक प्रतियोगिता नहीं बल्कि बिहार के प्रशासन और भविष्य को आकार देने का माध्यम है। सफलता पाने वालों को न केवल प्रतिष्ठा मिलेगी, बल्कि वे सीधे तौर पर समाज की सेवा का अवसर भी पाएंगे।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

मीनापुर में गूंजा जश्न-ए-आजादी: शहीद स्मृति पार्क और भव्य तोरण द्वार बनाने का ऐलान

क्रांति महोत्सव-2026 में विधायक अजय कुमार ने की घोषणा, विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी बोले—राजकीय...

नेपाल की सुलगती सरहद: सांप्रदायिक हिंसा, राजनीतिक बेचैनी और भारत के लिए बढ़ती चुनौती

जब पड़ोसी देश में आग लगती है, तो धुआं सीमाएं नहीं पहचानता... KKN ब्यूरो। भारत...

पूर्व मेयर समीर कुमार हत्याकांड में बड़ा फैसला: साक्ष्यों के अभाव में छह आरोपी बरी, कोर्ट ने जांच और अभियोजन पर उठाए सवाल

आठ साल पुराने चर्चित हत्याकांड में अदालत का फैसला KKN ब्यूरो। बिहार के मुजफ्फरपुर शहर...

मीनापुर के प्रथम विधायक जनक सिंह की 112वीं जयंती पर ‘अग्रदूत’ पुस्तक का हुआ लोकार्पण

मीनापुर के प्रथम विधायक को श्रद्धांजलि, 'अग्रदूत' पुस्तक बनी उनकी विरासत का दस्तावेज़ KKN ब्यूरो।...

More like this

मीनापुर में गूंजा जश्न-ए-आजादी: शहीद स्मृति पार्क और भव्य तोरण द्वार बनाने का ऐलान

क्रांति महोत्सव-2026 में विधायक अजय कुमार ने की घोषणा, विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी बोले—राजकीय...

बांकीपुर: कैसे टूटा भाजपा का अभेद्य किला, क्यों बना प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति का नया केंद्र?

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव हुए, कई सरकारें बनीं और बदलीं।...

बांकीपुर का उपचुनाव: एक सीट की लड़ाई या बिहार की राजनीति का टर्निंग पॉइंट?

एक सीट... लेकिन पूरे बिहार की निगाहें क्यों? KKN ब्यूरो। भारतीय लोकतंत्र में कुछ चुनाव...

बिहार में भूमि सर्वेक्षण और भूमाफिया का कॉकटेल?

क्या रिकॉर्ड सुधार की मुहिम में सेंध लगा रहे हैं फर्जी दावेदार KKN ब्यूरो। जमीन...

बिहार की सड़कें समय से पहले क्यों टूट जाती हैं?

जब सड़क टूटती है, तो केवल डगर नहीं बिखरता... KKN ब्यूरो। बारिश की पहली फुहार...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना? (भाग–2)

क्या पेपर लीक केवल आज की समस्या है? KKN ब्यूरो। यदि कोई यह मानता...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना?

जब प्रश्नपत्र नहीं, भविष्य लीक होने लगे... KKN ब्यूरो। किसी राष्ट्र का भविष्य उसकी सीमाओं...

तीन दशक की राजनीति जिसने बांकीपुर की पहचान बदल दी

कौशलेन्द्र झा KKN। आज बांकीपुर का नाम आते ही सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी का...

एक सीट… कई संदेश: आखिर क्यों पूरे बिहार की नजर बांकीपुर पर है?

क्या बांकीपुर का फैसला सिर्फ एक विधायक चुनेगा या बिहार की राजनीति की नई...

बांकीपुर की जंग: भाजपा का अभेद्य किला या प्रशांत किशोर की पहली राजनीतिक परीक्षा?

**KKN Live Special | Election Report KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव ऐसे...

बंटी यादव हत्याकांड: आखिर सच क्या है? पुलिस की कहानी और परिवार के आरोपों के बीच उलझी जांच

KKN ब्यूरो। पटना के बंटी यादव हत्याकांड ने बिहार की कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस...

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...

भारतीय शिक्षा व्यवस्था के बारे में चौकाने वाला खुलाशा, क्या हर गांव में था स्कूल?

आज भी उपलब्ध है थॉमस मुनरो और विलियम एडम की रिपोर्ट KKN ब्यूरो। ब्रिटिश शासन...

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...