बिहार के दरभंगा जिले के मनीगाछी प्रखंड में गुरुवार शाम एक दिल दहला देने वाली वारदात हुई। सरकारी स्कूल के प्रभारी हेडमास्टर और BPSC से चयनित शिक्षक राजेश कुमार ठाकुर की अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया बल्कि पूरे शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
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वारदात कैसे हुई
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार शाम करीब चार बजे राजेश ठाकुर कनकपुर उत्तरी के शिक्षक कृष्ण कुमार से मिलने जा रहे थे। वे Booth Level Officer (BLO) का प्रभार देने से जुड़ा आवेदन लेकर चर्चा के लिए निकले थे।
जैसे ही वे विद्यापति चौक के पास पहुंचे, बाइक सवार तीन बदमाशों ने उन पर गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल राजेश को तुरंत उजायन स्थित एक नर्सिंग होम ले जाया गया। वहां से उन्हें पंडौल और फिर दरभंगा DMCH रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पीड़ित का परिचय
राजेश ठाकुर मूल रूप से मधुबनी जिले के फुलपरास प्रखंड के सुगापट्टी गांव के निवासी थे। वे दो साल पहले Bihar Public Service Commission (BPSC) के जरिए सरकारी स्कूल में शिक्षक नियुक्त हुए थे।
इस समय वे उजायन पंचायत के सोनपुर मधुपुर प्राथमिक विद्यालय में प्रभारी हेडमास्टर के रूप में तैनात थे। हालांकि उनका तबादला फुलपरास में हो गया था, लेकिन BLO का प्रभार होने के कारण वे नए स्कूल में जॉइनिंग नहीं कर पाए थे।
हत्या की वजह पर सस्पेंस
फिलहाल हत्या के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं है। ब्लॉक विकास पदाधिकारी डी.एल. यादव और बीईओ अशोक कुमार ने कहा कि घटना का कारण अभी तक सामने नहीं आया है।
पुलिस की शुरुआती जांच में निजी दुश्मनी, स्थानीय विवाद या टारगेटेड क्राइम की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। जांच जारी है और कई पहलुओं पर पुलिस काम कर रही है।
पुलिस जांच और कार्रवाई
बेनीपुर एसडीपीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि अपराधियों की पहचान के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है। घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ हो रही है।
साथ ही CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि हमलावरों के बारे में सुराग मिल सके। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या राजेश ठाकुर को पहले से कोई धमकी मिली थी या वे किसी विवाद में उलझे थे।
स्थानीय लोगों और शिक्षकों की प्रतिक्रिया
राजेश ठाकुर की हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। स्थानीय लोग, अभिभावक और छात्र गहरी शोक की स्थिति में हैं।
सोनपुर मधुपुर प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों ने उन्हें एक समर्पित शिक्षक और प्रेरणादायक व्यक्तित्व बताया। शिक्षकों के संगठनों ने इसे पूरे शिक्षा जगत के लिए बड़ी क्षति करार दिया और जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़ने की मांग की।
शिक्षकों की सुरक्षा पर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर Bihar में शिक्षकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में तैनात शिक्षक अक्सर अतिरिक्त जिम्मेदारियां जैसे BLO का काम निभाते हैं।
शिक्षक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि शिक्षकों को पर्याप्त सुरक्षा दी जाए, खासकर चुनावी या प्रशासनिक जिम्मेदारियों के दौरान।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
घटना ने राजनीतिक हलचल भी तेज कर दी है। विपक्षी दलों ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है।
वहीं सत्तारूढ़ दल ने भरोसा दिलाया है कि अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। नेताओं ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
प्रशासनिक चुनौतियां और तबादला
राजेश ठाकुर का ट्रांसफर मधुबनी जिले में हो चुका था, लेकिन BLO की जिम्मेदारी के कारण वे रिलीव नहीं हो पाए। यह प्रशासनिक देरी उनके लिए परेशानी का कारण बनी हुई थी।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि ऐसे मामलों में तुरंत समाधान की जरूरत है ताकि शिक्षकों को असमंजस की स्थिति में न रहना पड़े।
दरभंगा के मनीगाछी में शिक्षक राजेश ठाकुर की गोली मारकर हत्या ने पूरे बिहार को हिला दिया है। BPSC से चयनित यह शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में अपनी मेहनत और समर्पण के लिए जाने जाते थे।
हत्या की वजह भले ही अभी स्पष्ट न हो, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा, प्रशासनिक लापरवाही और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर पुलिस की कार्रवाई और सरकार की प्रतिबद्धता पर है।
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