बिहार के नवादा जिले के छोटे से गांव नावाडीह के रहने वाले मिथिलेश कुमार यादव ने Kaun Banega Crorepati (KBC 2025) के मंच पर अपनी बुद्धिमत्ता और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए 25 लाख रुपये की धनराशि जीती। संघर्षों से भरी उनकी जीवन यात्रा और छोटे भाई के प्रति जिम्मेदारी ने इस एपिसोड को बेहद भावुक बना दिया।
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नवादा से हॉट सीट तक का सफर
मिथिलेश यादव भुनेश्वर यादव के बेटे हैं और कौआकोल प्रखंड के नावाडीह गांव से ताल्लुक रखते हैं। साधारण परिवार से आने वाले मिथिलेश ने कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारी।
KBC सीजन 17 के सेट पर उन्होंने Fastest Finger First राउंड जीतकर अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट हासिल की। यह उपलब्धि उनके लिए ही नहीं बल्कि उनके पूरे गांव के लिए गर्व का क्षण बन गई।
सवाल-जवाब में आत्मविश्वास और संयम
हॉट सीट पर बैठने के बाद सवाल-जवाब का सिलसिला शुरू हुआ। अमिताभ बच्चन के मजाकिया और सहज अंदाज ने माहौल को हल्का कर दिया, लेकिन मिथिलेश ने हर सवाल पर पूरा ध्यान केंद्रित रखा।
उन्होंने अपनी बुद्धि और तर्क से कई कठिन सवालों का जवाब दिया। लाइफलाइन का सही इस्तेमाल करते हुए वे 25 लाख रुपये तक पहुंचे। हालांकि 50 लाख के सवाल पर वह उलझ गए और जोखिम से बचते हुए खेल छोड़ने का निर्णय लिया।
संघर्षों से निखरी जिंदगी
मिथिलेश की कहानी केवल KBC तक सीमित नहीं है। कम उम्र में ही माता-पिता का साया उनके सिर से उठ गया। इसके बाद छोटे भाई अंकुश की जिम्मेदारी उन पर आ गई।
जीविका चलाने और भाई की पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए उन्होंने ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया। उनका सपना था कि छोटे भाई को English Medium स्कूल में पढ़ाएं। लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वे उसे साइकिल तक नहीं दिला सके।
सेट पर छलक पड़े आंसू
शो के दौरान जब मिथिलेश ने अपने छोटे भाई के लिए साइकिल न खरीद पाने का दर्द साझा किया, तो उनकी आंखों से आंसू बह निकले। अमिताभ बच्चन ने उन्हें टिश्यू पेपर देते हुए माहौल को हल्का किया और मजाक में कहा—“यह तीन टिश्यू हैं, आंसू पोछ लें… पर इसमें नाक तो नहीं पोंछी?” इस बात पर दर्शकों के साथ मिथिलेश भी हंस पड़े और थोड़े सहज हो गए।
यह दृश्य पूरे एपिसोड का सबसे भावुक क्षण बन गया। दर्शकों ने भाई-भाई के रिश्ते और जिम्मेदारी की इस कहानी को खूब सराहा।
भाई के साथ अटूट रिश्ता
मिथिलेश और उनके छोटे भाई अंकुश के बीच का रिश्ता एपिसोड की आत्मा रहा। उनके त्याग और जिम्मेदारी ने न केवल दर्शकों बल्कि खुद अमिताभ बच्चन को भी प्रभावित किया।
अमिताभ ने उनकी कहानी को पूरे देश के सामने “प्रेरणा की मिसाल” बताया। दर्शकों ने सोशल मीडिया पर भी भाई के इस रिश्ते की खूब तारीफ की।
दर्शकों की प्रतिक्रियाएं
एपिसोड गुरुवार रात 9 बजे Sony TV पर प्रसारित हुआ और Sony LIV पर भी स्ट्रीम किया गया। सोशल मीडिया पर #KBC2025 और #MithileshYadav जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
लोगों ने लिखा कि 25 लाख रुपये से भी ज्यादा मूल्यवान उनकी संघर्ष गाथा है। कई यूजर्स ने उन्हें real life hero कहा, तो कुछ ने लिखा कि यह कहानी पूरे देश को प्रेरित करेगी।
अमिताभ बच्चन का साथ
होस्ट अमिताभ बच्चन और मिथिलेश के बीच गहरी जुड़ाव वाली बातचीत ने एपिसोड को और खास बना दिया। बिग बी ने कई बार माहौल को हल्का किया ताकि मिथिलेश सहज होकर खेल सकें।
अमिताभ ने उनकी कहानी सुनकर कहा कि यह सिर्फ एक कंटेस्टेंट की नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों की दास्तान है जो संघर्षों में भी सपनों को जिंदा रखते हैं।
KBC मंच पर सपनों का सच
KBC हमेशा से सिर्फ क्विज शो नहीं बल्कि सपनों का मंच रहा है। यहां ज्ञान और मेहनत के साथ-साथ संघर्ष और भावनाओं की कहानियां भी सामने आती हैं।
मिथिलेश का एपिसोड इस बात का सबूत है कि छोटा गांव, साधारण पृष्ठभूमि या कठिनाइयां किसी की प्रतिभा को रोक नहीं सकतीं।
25 लाख की राशि का महत्व
मिथिलेश के लिए जीती हुई 25 लाख रुपये की राशि केवल पैसा नहीं बल्कि सपनों को पूरा करने का साधन है। इस रकम से वे अपने छोटे भाई अंकुश की पढ़ाई को बेहतर बना सकेंगे और अपने परिवार की जिंदगी बदल सकेंगे।
Kaun Banega Crorepati 2025 में मिथिलेश यादव का सफर पूरे देश के लिए प्रेरणादायक रहा। संघर्षों से भरी जिंदगी और भाई के प्रति जिम्मेदारी ने उनकी जीत को और भी खास बना दिया।
25 लाख रुपये जीतने के साथ उन्होंने यह साबित किया कि असली ताकत ज्ञान, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी निभाने में है। यह एपिसोड KBC 2025 के सबसे यादगार पलों में दर्ज हो गया है।
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