फरीदाबाद से दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। देर रात एक कार अनियंत्रित होकर खुले गोंछी ड्रेन में जा गिरी। इस हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक युवक अब भी लापता है। घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी और नगर निगम की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए।
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हादसा कैसे हुआ
गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात करीब एक बजे यह दुर्घटना हुई। चार युवक कार में सवार होकर लौट रहे थे। जब गाड़ी संजय कॉलोनी मछली मार्केट के पास पहुंची, तभी ड्राइवर का संतुलन बिगड़ गया और कार सीधे खुले गोंछी ड्रेन में जा गिरी।
कार पानी में गिरते ही तीन युवकों की डूबकर मौत हो गई। उनके शव बाद में पुलिस ने बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। चौथा युवक अब भी लापता है और आशंका है कि वह नाले के तेज बहाव में बह गया।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही मुजेसर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और शवों को कब्जे में लिया। लापता युवक की तलाश के लिए गोताखोर और बचाव दल लगाए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि हादसा बेहद भयावह था और कार गहरे पानी में डूब गई थी। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ भी जारी है।
इलाके में दहशत और आक्रोश
जैसे ही हादसे की खबर फैली, आसपास के लोग घटनास्थल पर इकट्ठा हो गए। लोगों ने कहा कि इस ड्रेन को लेकर कई बार शिकायत की गई थी लेकिन नगर निगम ने कोई कदम नहीं उठाया। बिना ढके और बिना बैरिकेड वाले ऐसे ड्रेन स्थानीय लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं।
इस घटना ने एक बार फिर Faridabad में सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। शहर के कई हिस्सों में खुले नाले और ड्रेनेज सिस्टम लोगों की जान पर भारी पड़ रहे हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
कांग्रेस अध्यक्ष बलजीत कौशिक भी हादसे की जानकारी मिलने पर घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि यह मौतें सीधे-सीधे लापरवाही का परिणाम हैं।
कौशिक ने मांग की कि खुले नालों को तुरंत ढका जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि समय रहते कदम उठाए जाते तो यह दर्दनाक घटना टाली जा सकती थी।
मृतक और लापता युवक
हादसे में जान गंवाने वाले तीनों युवक स्थानीय बताए जा रहे हैं। उनके परिवारों को सूचना दे दी गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिवारों को सौंपा जाएगा।
चौथे युवक की तलाश अभी जारी है। पुलिस और बचाव दल लगातार उसकी खोज में लगे हुए हैं लेकिन गोंछी ड्रेन के तेज बहाव की वजह से कठिनाइयां आ रही हैं।
खुले ड्रेन बने मौत का कारण
यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बल्कि Faridabad में बरसों से जारी लापरवाही की तस्वीर है। शहर में जगह-जगह खुले ड्रेन और नाले हैं जिनके पास न तो बैरिकेड हैं और न ही चेतावनी संकेत।
बरसात के दिनों में इन नालों का बहाव और तेज हो जाता है जिससे हादसों की संभावना और बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रशासन की जिम्मेदारी है कि ऐसे खतरनाक स्थानों को सुरक्षित किया जाए।
प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या कहा
स्थानीय लोगों के अनुसार रात करीब एक बजे जोरदार आवाज सुनाई दी। जब लोग बाहर निकले तो देखा कि कार नाले में गिर चुकी है। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई लेकिन तब तक तीन युवकों की जान जा चुकी थी।
लोगों ने कहा कि कई बार प्रशासन को चेताया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हादसे के बाद गुस्से और आक्रोश का माहौल है।
जवाबदेही की मांग
हादसे के बाद इलाके के लोग प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं। उनका कहना है कि खुले गोंछी ड्रेन को ढकने या बैरिकेड लगाने की जिम्मेदारी नगर निगम की थी। अगर समय रहते यह कदम उठाए जाते तो तीन जिंदगियां नहीं जातीं।
लोगों ने मांग की है कि अब पूरे Faridabad में खुले ड्रेन को ढका जाए ताकि भविष्य में कोई और हादसा न हो।
फरीदाबाद का यह हादसा 29 अगस्त 2025 की सुबह शहर को हिला गया। तीन युवकों की मौत हो चुकी है और एक युवक अब भी लापता है। पुलिस जांच कर रही है, पर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नगर निगम इस घटना से सबक लेगा।
यह घटना सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है। अब लोगों को इंतजार है कि क्या इस दर्दनाक हादसे के बाद सच में बदलाव आएगा या फिर यह मामला भी समय के साथ भुला दिया जाएगा।
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