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मीनापुर में एक और फर्जीवाड़े का हुआ खुलासा

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छात्रो की फर्जी उपस्थिति बना कर मध्याह्न भोजन में लगा रहें हैं पलिता
बीईओ के औचक निरीक्षण से सरकारी शिक्षको की मनमानी सामने आई

कौशलेन्द्र झा

मुजफ्फरपुर। मीनापुर में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। सरकारी स्कूल में शिक्षक अपनी मर्जी से आते और जाते हैं। शिक्षकों की इस मनमानी का खुलासा बुधवार को हुआ जब बीईओ ने प्रखंड के तीन सरकारी विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया।
बीईओ ने प्राथमिक विद्यालय रामपुर रतन, प्राथमिक विद्यालय मंगेया व मध्य विद्यालय भगवान छपरा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान प्रधान शिक्षक नीलम कुमारी, मुकेश कुमार, रक्षिता कुमारी व धनंजय कुमार अनुपस्थित पाये गये। बीईओ ने इन शिक्षकों से जवाब-तलब किया है। इससे पहले भी बीईओ के औचक निरीक्षण में आधा दर्जन से अधिक अनुपस्थित पाए गये शिक्षकों से जवाब तलब किया जा चुका है।
मध्याह्न भोजन में फर्जीवाड़े सामने आया
अधिाकरी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान रामपुर रतन विद्यालय में छात्रो का फर्जी हस्ताक्षर बना कर मध्याह्न भोजन योजना में गड़बरी करने का मामला प्रकाश में आया है। दरअसल, अधिकारी के पहुंचने पर विद्यालय में मात्र 42 छात्र छाक्षएं ही मौजूद मिले। जबकि, उपस्थिति पंजी पर एक सौ से अधिक छात्रो की हाजरी बनाई हुई मिली। बीईओ ने इस बाबत जिला मध्याह्न प्रभारी को कारावाई की अनुशंसा कर दी है। दूसरी ओर जानकारो ने बताया कि मीनापुर के अधिकांश सरकारी विद्यालयों में छात्रो का फर्जी उपस्थिति बना कर मध्याह्न भोजन योजना में लाखो रुपये के सरकारी राजश्व का चूना लगाने का गोरखधंधा लंबे समय से जारी है। जानकार बतातें हैं कि यदि इमानदारी से जांच हुई तो यहां की तीन चौथाई से अधिक सरकारी विद्यालयों में छात्रो की फर्जी उपस्थिति दिखा कर प्रति महीने मध्याह्न भोजन में लाखो का घोटाला होता रहा है।

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