मंगलवार, मार्च 10, 2026 2:54 पूर्वाह्न IST
होमKKN Specialटेंगरारी के किसान ने खेती के क्षेत्र में किया चमत्कार

टेंगरारी के किसान ने खेती के क्षेत्र में किया चमत्कार

 दस धूर जमीन में लगाया दो दर्जन फसलें

टेंगरारी धपहर गांव के भोला सहनी ने किया कमाल, खेती कर सात बेटियो की करता है  पढाई

संतोष कुमार गुप्ता

मीनापुर। सिवाइपट्टी थाना क्षेत्र के टेंगरारी धपहर गांव के भोला सहनी ने दस धूर जमीन मे 25 प्रकार की फसले लगाकर कमाल कर दिया है। उनकी इस खेती की काफी चर्चा है। जहां किसान बड़े बड़े प्लॉटो मे एक ही फसल उगाने मे रह जाते है। वही भोला ने दस धूर जमीन मे वह कर दिखाया है,जो कोई सोच नही सकता। भोला सहनी के पास वैसे तो दस कट्ठा जमीन है। किंतु उसने दस धूर जमीन मे नया प्रयोग किया है। उसने तीन महिना पहले से इसकी शुरूआत की है। हालांकि उस खेत मे दस साल पुराना कटहल का पेड़ भी है। भोला का प्रयास रंग भी दिखा रहा है। क्योकि उस खेत से परवल, भिंडी, कुंदरी, ओल अब निकलने भी लगा है। खाने से बच जाने पर वह उसको बाजार मे बेच देता है। दस धूर जमीन मे भोला ने परवल,कुंदरी,भिंडी,हरा मर्चा, ईख, कदम, करैला, कदम, बांस, ओल विभिन्न प्रकार के साग व अन्य फसलो को उगा रहा है। तीन महिने पहले इसकी खेती करने वाला भोला बताता है कि इसके पीछे उसका कोई मकसद छिपा नही है। बल्कि उसने प्रयोग करके देखा.उसका रिस्क सफल रहा। वह इस खेत मे उर्वरक का भी प्रयोग करता है। इसमे गोबर, खल्ली, फ्यूराडोन, कोराजीन के अलावा जैविक खाद का भी प्रयोग करता है। उसको सात लड़की एवं एक लड़का है। तीन लड़की की शादी हो चुकी है। वह लड़कियो की पढाई दसमा से आगे नही होता है। वह कहता है कि जमाना खराब है। वह अकेला और कमजोर आदमी है। लड़का भी नवमा वर्ग मे पढकर दस चक्का ट्रक चलाता है। किंतु उसके पिता का कहना है कि वह आर्थिक सहयोग उन्हे नही करता है। तीन लड़की की शादी तो वह कर चुके है। किंतु चार लड़की की शादी अब भी चिंता है.खेती के अलावा वह फेरी कर लोहा टीना खरीदते है। हालांकि शेष जमीन मे भी वह खेती करते है। वह इस बार डाउन गोभी,अगहनी गोभी व मघरा गोभी की खेती करने पर भी विचार कर रहे है।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

क्या अंग्रेजों की ‘सबसे खतरनाक दुश्मन’ थीं रानी लक्ष्मीबाई?

क्या सचमुच रानी लक्ष्मीबाई ने महिलाओं की अलग सैन्य टुकड़ी बनाई थी? क्यों अंग्रेजी...

क्या मिडिल ईस्ट में फिर शुरू हुई अमेरिका की दादागिरी?

KKN ब्यूरो। क्या दुनिया एक बार फिर उसी खतरनाक मोड़ पर खड़ी है, जहां...

साइबर वारफेयर का ‘अदृश्य युद्ध’ कितना खतरनाक होगा

रात के 2:17 बजे… अचानक पावर ग्रिड ठप… कोई धमाका नहीं, कोई मिसाइल नहीं—...

क्या नीतीश कुमार का दौर खत्म होने वाला है और क्या बीजेपी लिख रही है नई सत्ता की पटकथा?

पटना की राजनीति में अचानक क्यों तेज हुई फुसफुसाहट? KKN ब्यूरो। क्या बिहार में फिर...

More like this

क्या कोई राजनीतिक व्यक्ति कभी सुप्रीम कोर्ट का जज बना?

बिना क़ानून की डिग्री, राजनीति और न्यायपालिका पर उठे सबसे बड़े सवाल KKN ब्यूरो। भारतीय...

गुमनाम हकीकत” – संपूर्ण पुस्तक समीक्षा

KKN ब्यूरो। "गुमनाम हकीकत: अ फॉरगॉट्न हिस्ट्री" कौशलेंद्र झा द्वारा लिखी गई एक अतुलनीय...

टू नेशन थ्योरी: विभाजन की वैचारिक नींव और उसका सच

धर्म के आधार पर एक राष्ट्र की परिकल्पना से लेकर भारत के बंटवारे तक KKN...

सहदेव झा…एक गुमनाम शख्सियत

अगस्त क्रांति का महानायक KKN न्यूज ब्यूरो। बिहार में मुजफ्फरपुर जिला का एक कस्बा है-मीनापुर...।...
00:10:01

जब मुजफ्फरपुर बना आज़ादी की जंग का गढ़: खुदीराम, शारदा और सहदेव की अनसुनी कहानी

जब भी हम स्वतंत्रता संग्राम की बात करते हैं, तो दिल्ली, बंगाल और पंजाब...

अगर रामायण की घटनाएं आज होतीं तो कैसी होती खबरें?

KKN न्यूज ब्यूरो। धार्मिक ग्रंथ रामायण का हर प्रसंग हमें जीवन के महत्वपूर्ण संदेश...

गुरु रविदास: समाज सुधार और आध्यात्मिकता के प्रतीक

KKN न्यूज ब्यूरो। हर साल माघ पूर्णिमा के दिन गुरु रविदास जयंती (Guru Ravidas...

कौन थे कनकलता बरुआ और गुरुजी – “भारत छोड़ो आंदोलन” की अनसुनी दास्तान

8 अगस्त 1942, मुंबई के गोवालिया टैंक मैदान में महात्मा गांधी के 'भारत छोड़ो'...

रेजांगला का युद्ध और चीन की हकीकत

KKN न्यूज ब्यूरो। वर्ष 1962 के युद्ध की कई बातें है, जिसको समझना जरूरी...

प्रार्थना पर प्रहार क्यों

तेज आवाज की चपेट में है गांव KKN न्यूज ब्यूरो। चार रोज से चल रहा...

महापर्व छठ का खगोलीय महत्व

KKN न्यूज ब्यूरो। लोक आस्था का महापर्व छठ कार्तिक शुक्ल पक्ष के षष्ठी को...

इलाहाबाद क्यों गये थे चन्द्रशेखर आजाद

KKN न्यूज ब्यूरो। बात वर्ष 1920 की है। अंग्रेजो के खिलाफ सड़क पर खुलेआम...

प्लासी में ऐसा क्या हुआ कि भारत को अंग्रेजो का गुलाम होना पड़ा

इन दिनो भारत में आजादी का अमृत महोत्सव चल रहा है। यह बात हम...

फेक न्यूज की पहचान का आसान तरिका

सूचनाएं भ्रामक हो तो गुमराह होना लाजमी हो जाता है। सोशल मीडिया के इस...

इन कारणो से है मुजफ्फरपुर के लीची की विशिष्ट पहचान  

अपनी खास सांस्कृतिक विरासत के लिए दुनिया में विशिष्ट पहचान रखने वाले भारत की...