होमBiharचक्रवाती तूफान 'मोरा', बिहार और झारखंड में मचा सकता है तबाही

चक्रवाती तूफान ‘मोरा’, बिहार और झारखंड में मचा सकता है तबाही

​पूर्वोतर भारत में मोरा ने दिया दस्तक

झारखंड-बिहार में अगले 2 से 3 दिन बारिश की संभावना

लोगो को घर से बाहर नही निकलने की दी गयी ताकिद

मछुआरो को समुंद्र में नही जाने की दी गयी चेतावनी

संतोष कुमार गुप्ता

चक्रवाती तुफान मोरा को लेकर बिहार और झारखंड मे अलर्ट जारी किया गया है। लोगो को बाहर निकलने के लिए भी सतर्क रहने को कहा गया है। बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान ‘मोरा’ 12 किलोमीटर की रफ्तार की तेज हवाओं के साथ सोमवार को उत्तर पूर्व की ओर बढ़ रहा है। इसी वजह से झारखंड, बिहार और ओडि़सा का तापमान चढने के बाद अचानक गिरा है और आंधी तूफान के साथ झारखंड-बिहार में बारिश भी हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अभी दोनों राज्‍यों में दो से तीन दिनों तक ऐसी ही स्थिति रहेगी।

केरल में मानसून 1 जून को दस्‍तक देने वाला था। इस तूफान के कारण इसका समय घट गया है। अब मानसून 30 या 31 मई को ही केरल में दस्‍तक दे देगा। मौसम विभाग के अनुसार तूफान ‘मोरा’ उत्तर और उत्तर पूर्व की दिशा में आगे बढ़ते हुए मंगलवार दोपहर तक बांग्लादेश को पार कर जायेगा।  लेकिन यह बिहार और झारखंड में अपना असर छोड़ जायेगा।

बिहार के विभिन्न जिलों में रविवार और सोमवार को हुई बारिश के चलते वज्रपात और आंधी-तूफान की चपेट में आकर मरने वालों की संख्या बढ़कर 29 के पार चली गयी है। आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव अनिरुद्ध कुमार ने आज बताया कि प्रदेश के 9 जिलों में कल हुए वज्रपात और आंधी-तूफान की चपेट में आने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 29 के पार हो गयी है। इसमें से पांच लोगों की मौत दीवार गिरने के कारण हुई जबकि बाकी की मौत वज्रपात के कारण हुई। मौसम विभाग की ओर से चेतावनी भी जारी की गयी है।

झारखंड में वज्रपात और आंधी-तूफान से कई लोगों की मौत
झारखंड के हजारीबाग में वज्रपात से तीन बच्चों की व बड़कागांव में एक महिला की मौत हो गयी। जबकि पिछले तीन चार दिनों से राज्‍य के कई जिलों में वज्रपात और आंधी-तूफान ने कई लोगों को घायल किया है। पहले भी कुछ लोगों की मौत हुई हैं। मौसम विभाग लगातार चेतावनी जारी कर लोगों को घर में रहने की सलाह दे रहा है।

तेज हवाओं और बारिश ने राज्‍य के मौसम को थोड़ा नरम तो किया है, लेकिन लोगों में आंधी-तूफान और वज्रपात को लेकर दहशत का माहौल व्‍याप्‍त है। झारखंड के मौसम विभाग ने राज्‍य के कई जिलों में अगले दो-तीन दिनों तक बारिश और तेज आंधी तूफान की चेतावनी जारी की है। चक्रवाती तूफान मोरा को इसका कारण बताया जा रहा है। वैज्ञानिकों की मानें तो इस तूफान का असर मानसून पर भी पड़ सकता है।

पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश के आसार
मोरा के प्रभाव से ओडिशा, बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम में बारिश हो रही है, साथ ही आने वाने दो तीन दिनों तक रुक रुक बारिश होने की संभावना व्‍यक्‍त की गयी है। मंगलवार और बुधवार को असम, मेघालय, मणिपुर, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश का अनुमान है। अंडमान द्वीप समूह में 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और समुद्र मे समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका जतायी गयी है और इसे देखते हुए अगले दो दिन तक मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गयी है।

दिल्ली में सर्द सुबह, मौसम हुआ सुहाना 
राष्ट्रीय राजधानी में आज सुबह हुई बारिश से मौसम सर्द हो गया, वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से चार डिग्री कम 22.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आज सुबह शहर में कुल 7.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी। दिल्ली यातायात पुलिस के अनुसार बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जाम लगा लेकिन कहीं भी भारी जाम नहीं था।

मौसम विज्ञान विभाग ने आज दिन में बादल छाये रहने और गरज के साथ छींटे पड़ने का अनुमान भी लगाया था। अधिकतम तापमान के 35 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना व्‍यक्‍त की गयी थी। अधिकारी ने बताया कि आज सुबह साढे आठ बजे आर्द्रता 93 प्रतिशत दर्ज की गयी। कल का न्यूनतम और अधिकतम तापमान क्रमश: 22.5 डिग्री सेल्सियस और 36.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

लग गया ट्रांसफार्मर; किसानों की लड़ाई रंग लाई

जिस समस्या के समाधान की उम्मीद किसानों ने लगभग छोड़ दी थी, आखिरकार उसी...

बिहार की बाढ़: पानी उतर जाएगा, लेकिन कब तक पटरी पर लौटेंगी लोगों की जिंदगी?

क्या बाढ़ आने के बाद नाव भेज देना, राहत शिविर खोल देना और कुछ...

ध्वनि प्रदूषण: जुलूस आगे बढ़ता रहा… लेकिन, कानों में पड़ने वाला शोर वहीं रह गया

डीजे की धुन पर नाचते बच्चों को देखकर भीड़ तालियां बजाती है। किसी को...

क्या नकारात्मक सोच इंसान को उसी अंधेरे में धकेल देती है, जिसे वह दुनिया में खोज रहा होता है?

हर घटना में षड्यंत्र, हर परंपरा में खामी, हर व्यक्ति में स्वार्थ और हर...

More like this

बिहार की बाढ़: पानी उतर जाएगा, लेकिन कब तक पटरी पर लौटेंगी लोगों की जिंदगी?

क्या बाढ़ आने के बाद नाव भेज देना, राहत शिविर खोल देना और कुछ...

क्या नकारात्मक सोच इंसान को उसी अंधेरे में धकेल देती है, जिसे वह दुनिया में खोज रहा होता है?

हर घटना में षड्यंत्र, हर परंपरा में खामी, हर व्यक्ति में स्वार्थ और हर...

एनर्जी ड्रिंक से पैकेटबंद खाने तक: सुविधा के नाम पर शरीर के साथ कितना बड़ा सौदा?

बाजार की चमकदार पैकेजिंग के भीतर छिपी चीनी, नमक, वसा और कैफीन शरीर को...

डायबिटीज लाइलाज है या इलाज का तरीका पुराना पड़ चुका है?

भारत में 101 मिलियन लोगों को डायबिटीज, 136 मिलियन प्री-डायबिटीज की जद में; दुनिया...

डैम, मानव सभ्यता की प्यास बुझाने वाला वरदान या आने वाली पीढ़ियों के लिए खड़ा किया जा रहा जल-खतरा?

नदियों को बांधकर इंसान ने पानी, बिजली और खेती पर नियंत्रण हासिल किया। लेकिन...

बिहार की जेन-जी के सामने सबसे बड़ा सवाल: नौकरी मिलेगी या भविष्य बदलेगा?

सम्राट चौधरी सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार, कौशल, शिक्षा, इंटर्नशिप और परीक्षा सुधार...

पढ़ाई महंगी, नौकरी और परीक्षा पर भरोसा भी संकट में

कैंपस से सड़क तक बढ़ती बेचैनी सिर्फ बेरोजगारी की कहानी नहीं; यह उस पीढ़ी...

बांकीपुर: कैसे टूटा भाजपा का अभेद्य किला, क्यों बना प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति का नया केंद्र?

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव हुए, कई सरकारें बनीं और बदलीं।...

बांकीपुर का उपचुनाव: एक सीट की लड़ाई या बिहार की राजनीति का टर्निंग पॉइंट?

एक सीट... लेकिन पूरे बिहार की निगाहें क्यों? KKN ब्यूरो। भारतीय लोकतंत्र में कुछ चुनाव...

बिहार में भूमि सर्वेक्षण और भूमाफिया का कॉकटेल?

क्या रिकॉर्ड सुधार की मुहिम में सेंध लगा रहे हैं फर्जी दावेदार KKN ब्यूरो। जमीन...

बिहार की सड़कें समय से पहले क्यों टूट जाती हैं?

जब सड़क टूटती है, तो केवल डगर नहीं बिखरता... KKN ब्यूरो। बारिश की पहली फुहार...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना? (भाग–2)

क्या पेपर लीक केवल आज की समस्या है? KKN ब्यूरो। यदि कोई यह मानता...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना?

जब प्रश्नपत्र नहीं, भविष्य लीक होने लगे... KKN ब्यूरो। किसी राष्ट्र का भविष्य उसकी सीमाओं...

तीन दशक की राजनीति जिसने बांकीपुर की पहचान बदल दी

कौशलेन्द्र झा KKN। आज बांकीपुर का नाम आते ही सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी का...

एक सीट… कई संदेश: आखिर क्यों पूरे बिहार की नजर बांकीपुर पर है?

क्या बांकीपुर का फैसला सिर्फ एक विधायक चुनेगा या बिहार की राजनीति की नई...