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बिहार में लू का कहर जारी, तापमान में होगी 4 डिग्री तक बढ़ोतरी

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KKN गुरुग्राम डेस्क |  बिहार में गर्मी का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग के ताज़ा अनुमान के अनुसार राज्य में अगले कुछ दिनों में तापमान में और वृद्धि होने वाली है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही हवा में नमी (ह्यूमिडिटी) की मात्रा भी 50% से अधिक बनी रहेगी, जिससे उमस भरी गर्मी और अधिक असहनीय हो जाएगी।

बढ़ता तापमान, घटती राहत: बिहार के हालात

शनिवार को राज्यभर में सूरज की तीव्रता ने गर्मी को और अधिक खतरनाक बना दिया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार:

  • अधिकतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि दर्ज की गई।

  • न्यूनतम तापमान में 2.9 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई।

  • कई क्षेत्रों में ह्यूमिडिटी 66% तक पहुंच गई।

यह संयोजन राज्य में भीषण गर्मी की स्थिति पैदा कर रहा है, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

बिहार के सबसे गर्म और ठंडे शहर

शनिवार को तापमान के आधार पर कुछ शहरों की स्थिति:

  • सबसे गर्म शहर: डेहरी, जहां अधिकतम तापमान 40°C रिकॉर्ड किया गया।

  • सबसे ठंडा शहर: वाल्मीकिनगर, जहां न्यूनतम तापमान 22.7°C दर्ज हुआ।

यह दर्शाता है कि राज्य में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है।

पटना में आसमान रहेगा साफ, तापमान में और बढ़ोतरी संभव

राजधानी पटना में रविवार को आसमान साफ रहने की संभावना है, जिससे सूरज की तेज़ किरणों के कारण दिन का तापमान और अधिक बढ़ सकता है।

पटना का शनिवार का तापमान:

  • अधिकतम तापमान: 38.5°C

  • न्यूनतम तापमान: 27.3°C

  • ह्यूमिडिटी: 39%

मौसम विभाग का अनुमान है कि रविवार को अधिकतम तापमान 39°C या उससे ऊपर जा सकता है। इसके साथ ही उमस भी लोगों को परेशान करेगी।

हीटवेव अलर्ट: अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील

मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए हीटवेव अलर्ट जारी किया है। इस अवधि में:

  • तापमान में 2 से 4 डिग्री की और वृद्धि हो सकती है।

  • हवा में नमी की मात्रा 50% से अधिक बनी रहेगी।

  • तापमान का हीट इंडेक्स 45°C या उससे अधिक महसूस हो सकता है।

खासकर पटना, गया, भागलपुर, मुज़फ्फरपुर और दरभंगा जैसे ज़िलों में स्थिति ज्यादा गंभीर हो सकती है।

स्वास्थ्य विभाग की सलाह: लू से बचने के उपाय

राज्य स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता के लिए कुछ अहम सलाहें जारी की हैं:

क्या करें:

  • दिन में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पीएं।

  • घर से बाहर निकलते समय छाता, टोपी और चश्मा पहनें।

  • हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें।

  • दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक घर के अंदर ही रहें।

क्या न करें:

  • दिन के समय तेज धूप में कड़ी मेहनत से बचें।

  • शराब या कैफीन युक्त पेय पदार्थ का अधिक सेवन न करें।

  • बच्चों या पालतू जानवरों को बंद गाड़ियों में न छोड़ें।

  • खुला या बासी खाना न खाएं।

ग्रामीण इलाकों में स्थिति और गंभीर

बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली और पानी की कमी के कारण स्थिति और भी कठिन हो गई है। खेतों में काम करने वाले किसान और मजदूर सुबह जल्दी या शाम को देर से काम करने को मजबूर हो गए हैं। धान की रोपाई का समय नजदीक है, लेकिन बारिश की कमी से फसलों को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।

शहरी इलाकों में गर्मी से जनजीवन अस्त-व्यस्त

पटना, गया और मुजफ्फरपुर जैसे शहरों में:

  • बिजली की खपत बढ़ने से लोड शेडिंग की स्थिति बन रही है।

  • पानी की मांग में बढ़ोतरी से कई इलाकों में जल आपूर्ति बाधित हो रही है।

  • ऑनलाइन डिलीवरी कर्मचारियों और ठेले वालों की स्थिति सबसे ज्यादा दयनीय है।

जलवायु परिवर्तन का असर

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यह असामान्य गर्मी जलवायु परिवर्तन का सीधा परिणाम है। शहरीकरण, पेड़ों की कटाई और कंक्रीट संरचनाओं के कारण शहरों में अर्बन हीट आइलैंड इफेक्ट बढ़ता जा रहा है।

विशेषज्ञों का सुझाव है कि सरकार को:

  • अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना चाहिए।

  • हरित छत (ग्रीन रूफ) और परावर्तक भवन निर्माण को बढ़ावा देना चाहिए।

  • लंबी अवधि की हीट मैनेजमेंट रणनीति तैयार करनी चाहिए।

अगले सप्ताह का अनुमान

मौसम विभाग के अनुसार:

  • अगले 5-6 दिन तक बारिश की संभावना नहीं है।

  • तापमान सामान्य से ऊपर बना रहेगा।

  • हवा की गति धीमी रहेगी, जिससे ठंडक की कोई उम्मीद नहीं है।

बिहार इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है, और अगले कुछ दिन और कठिन हो सकते हैं। तापमान में 4 डिग्री तक की बढ़ोतरी और अधिक नमी के कारण हालात और बिगड़ सकते हैं। लोगों से अपील है कि वे सावधानी बरतें, स्वास्थ्य विभाग की सलाहों का पालन करें और जरूरतमंदों की मदद करें। सरकार और स्थानीय प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन इस संकट से उबरने के लिए जनभागीदारी बेहद आवश्यक है।

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