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उत्तर प्रदेश में ट्रेनों का संचालन प्रभावित: कानपुर और लखनऊ के बीच 74 ट्रेनों पर असर

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KKN गुरुग्राम डेस्क | 20 मार्च 2025 से उत्तर प्रदेश में ट्रेन सेवाओं में एक बड़ी बाधा आएगी, खासकर कानपुर और लखनऊ के बीच। गंगा पुल की मरम्मत के चलते भारतीय रेलवे ने मेगा ट्रैफिक ब्लॉक की घोषणा की है, जिसका असर अगले 42 दिनों तक रहने वाला है। यह disruption होली के समय यात्रा करने वालों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो त्योहार के बाद घर वापस लौट रहे हैं।

ट्रेनों का संचालन प्रभावित: मुख्य मार्गों पर असर

कानपुर-लखनऊ रेल मार्ग पर ट्रैफिक ब्लॉक के कारण 74 ट्रेनों का संचालन प्रभावित होगा। इनमें झांसी, मुंबई, पुणे, और गोरखपुर जैसे प्रमुख मार्ग शामिल हैं। ये प्रमुख ट्रेनें, जिनमें शताब्दी और नीलांचल एक्सप्रेस जैसी प्रसिद्ध ट्रेनें भी शामिल हैं, लंबे समय तक देरी और रद्दीकरण का सामना करेंगी।

20 मार्च से शुरू होकर यह ट्रैफिक ब्लॉक 42 दिनों तक जारी रहेगा, जिसमें रोज़ाना 9 घंटे तक इस रेलवे खंड को बंद रखा जाएगा। इस दौरान 32 ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द कर दिया जाएगा, जबकि 42 ट्रेनें डाइवर्ट रूट्स पर चलेंगी। अगर आप इन रूट्स पर यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो आपको इन disruptions के लिए तैयार रहना चाहिए।

कानपुर-लखनऊ ट्रेन सेवा प्रभावित: यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

गंगा पुल की मरम्मत इस ट्रेनों के संचालन में व्यवधान का मुख्य कारण है। रेलवे प्रशासन ने यह कदम पुल की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए उठाया है, जो क्षेत्र में रेल नेटवर्क की दीर्घकालिक संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सीनियर डीसीएम कुलदीप तिवारी के अनुसार, यह मेगा ट्रैफिक ब्लॉक पुल की मरम्मत में मदद करेगा और भविष्य में ट्रेनों के संचालन में सुविधा प्रदान करेगा।

20 मार्च से 1 मई तक, कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के संचालन को रद्द किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं:

  • 51813/14 झांसी-लखनऊ

  • 64203/04 लखनऊ-कानपुर मेमू

  • 09465/66 अहमदाबाद-दरभंगा स्पेशल

  • 05305/06 छपरा-आनंद विहार स्पेशल

इसके अलावा कुछ ट्रेनें जैसे 64211 लखनऊ-कानपुर मेमू और 07076 गोरखपुर-हैदराबाद में 90 मिनट से लेकर 150 मिनट तक की देरी हो सकती है।

डाइवर्टेड ट्रेन रूट्स: वैकल्पिक यात्रा के विकल्प

इस ट्रैफिक ब्लॉक के कारण कई ट्रेनें डाइवर्ट रूट्स पर चलेंगी। निम्नलिखित ट्रेनें नए रूट्स पर चलेंगी:

  • गोरखपुर आनंद विहार, मऊ आनंद विहार, नाहरलागुन आनंद विहार, 12003 शताब्दी एक्सप्रेस, और 15557 दरभंगा आनंद विहार अब मुरादाबाद के रास्ते चलेंगी। ये ट्रेनें कानपुर, टुंडला, और अलीगढ़ स्टेशनों पर नहीं रुकेंगी।

  • 20921/22 लखनऊ-बांद्रा, 19670/69 पटलिपुत्र-उदयपुर, और 12179/80 लखनऊ-आगरा फोर्ट ट्रेनें अब लखनऊ शाहजहांपुर-कासगंज रूट के रास्ते चलेंगी।

इन बदलावों का असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जो कानपुर, टुंडला, और अलीगढ़ जैसे स्टेशनों से ट्रेन पकड़ने या उतरने की योजना बना रहे हैं। इसलिए, यात्रियों को अपनी यात्रा से पहले नवीनतम ट्रेन शेड्यूल चेक करना चाहिए।

पुणे और अन्य प्रमुख शहरों के लिए एक्सप्रेस ट्रेनों में बदलाव

कुछ एक्सप्रेस ट्रेनें जो पुणे और लखनऊ के बीच चल रही हैं, भी इस ट्रैफिक ब्लॉक से प्रभावित होंगी:

  • 11408 लखनऊ-पुणे एक्सप्रेस (जो 20, 27 मार्च, और 3, 10, 17, 24 अप्रैल को चलने वाली है) अब लखनऊ जंक्शन की बजाय कानपुर सेंट्रल से चलेगी।

  • इसी तरह, 11407 पुणे-लखनऊ एक्सप्रेस (जो 18, 25 मार्च, और 1, 8, 15, 22 अप्रैल को चलने वाली है) अपनी यात्रा कानपुर सेंट्रल में समाप्त करेगी, और यह लखनऊ जंक्शन के बजाय कानपुर सेंट्रल से चलेगी।

कानपुर सेंट्रल से यात्रा करने वाली कुछ और ट्रेनें, जैसे 12209 कानपुर सेंट्रल-काठगोदाम गरीब रथ, अब लखनऊ जंक्शन से चलेंगी, और कानपुर सेंट्रल से लखनऊ तक की यात्रा रद्द रहेगी।

इसके अलावा, 15083 छपरा-फर्रूखाबाद ट्रेन अब गोमतीनगर पर समाप्त होगी, जिससे फर्रूखाबाद जाने वाले यात्रियों को और भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

यात्रियों पर व्यापक असर: स्टेशन पर अधिक भीड़ की संभावना

कई प्रमुख ट्रेनों के रद्द होने और डाइवर्ट होने के कारण यात्रियों को भारी भीड़ का सामना करना पड़ सकता है, विशेष रूप से लखनऊ और कानपुर रेलवे स्टेशनों पर। लखनऊ रेलवे स्टेशन और चारबाग रेलवे स्टेशन से प्राप्त रिपोर्ट्स के अनुसार, पहले से ही यात्रियों की भीड़ बढ़ी हुई है, खासकर लखनऊ मेल, एसी एक्सप्रेस, और चंडीगढ़ एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों पर।

इसके अलावा, बस स्टेशन पर भी यात्रियों की भीड़ उमड़ी है, खासकर उन यात्रियों के लिए जो दिल्ली, आगरा, और गाजियाबाद की ओर जा रहे हैं। इन शहरों के लिए बस सेवाएं भी पूरी क्षमता से चल रही हैं।

यात्रियों के लिए वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था

चूंकि ट्रेनों के रद्द होने और डाइवर्ट होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी हो सकती है, इसलिए उन्हें कुछ वैकल्पिक यात्रा विकल्पों पर विचार करना चाहिए:

  1. वैकल्पिक परिवहन का चुनाव करें: अगर ट्रेन सेवाएं प्रभावित हैं, तो यात्री बस या प्राइवेट परिवहन का विकल्प चुन सकते हैं।

  2. नवीनतम शेड्यूल चेक करें: यात्रियों को नियमित रूप से भारतीय रेलवे की वेबसाइट और ट्रेन पूछताछ सेवाओं से रीयल-टाइम अपडेट्स प्राप्त करनी चाहिए।

  3. लंबे समय तक यात्रा के लिए तैयारी करें: यात्रियों को डाइवर्टेड ट्रेनों या डिले के कारण अधिक यात्रा समय के लिए तैयार रहना चाहिए।

इस दौरान यात्रियों को क्या अपेक्षित करना चाहिए?

  1. देरी और रद्दीकरण: यात्रियों को प्रभावित रूट्स पर लंबी देरी और रद्दीकरण का सामना करना पड़ सकता है।

  2. डाइवर्टेड रूट्स: कई प्रमुख ट्रेनें डाइवर्टेड रूट्स पर चलेंगी, और कानपुर, टुंडला, और अलीगढ़ पर ट्रेनें नहीं रुकेंगी।

  3. भीड़भाड़: कई ट्रेनें रद्द या डिले होने के कारण स्टेशन और ट्रेनों पर भीड़ बढ़ सकती है, खासकर पीक घंटों में।

कानपुर और लखनऊ के बीच मेगा ट्रैफिक ब्लॉक के कारण ट्रेन सेवाओं में भारी असर पड़ेगा। गंगा पुल की मरम्मत दीर्घकालिक संरचना सुरक्षा के लिए आवश्यक है, लेकिन इसके कारण यात्रा में एक महीने तक भारी व्यवधान होगा। यात्रियों को ट्रेन रद्दीकरण, डाइवर्टेड रूट्स और देरी के बारे में अपडेट रहने की आवश्यकता है।

इस अवधि में यात्रा करने वालों के लिए जरूरी है कि वे नियमित रूप से ट्रेन शेड्यूल चेक करें और वैकल्पिक यात्रा योजनाओं के लिए तैयार रहें। बेहतर परिवहन प्रबंधन के लिए यह कदम यात्रियों के लिए राहतकारी हो सकता है।

यात्रियों को सतर्क रहना चाहिए, अपनी ट्रेन टाइमिंग्स की जांच नियमित रूप से करनी चाहिए, और यात्रा के दौरान किसी भी बदलाव के लिए तैयार रहना चाहिए। सुरक्षित यात्रा करें, और किसी भी बदलाव के लिए तैयार रहें।

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